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Ambala News: स्कूल में नाबालिग के साथ किया गलत काम
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अंबाला सिटी। अंबाला के एक स्कूल में छात्र के साथ सीनियर छात्र के गलत काम करने का मामला सामने आया है। इस मामले में आरोपी और पीड़ित दोनों ही नाबालिग हैं। इस मामले में जिला बाल कल्याण समिति की सिफारिश पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर नाबालिग को जिला बाल सुधार गृह भेज दिया।
ऐसे पता लगा मामला
जिला बाल कल्याण समिति की चेयरमैन रंजीता ने बताया कि स्कूल में होने वाली काउंसलिंग के दौरान पीड़ित नाबालिग ने आठ दिसंबर को अपने साथ हुई घटना के बारे में बताया। इसके बाद काउंसलर ने प्रधानाचार्य को सूचित किया तो बच्चे की शिकायत पर प्रधानाचार्य ने आरोपी नाबालिग को स्कूल से निकाल दिया। मामला कई दिनों तक ठंडा पड़ गया।
परिजनों ने बनाया दबाव
स्कूल से निकाले जाने के बाद आरोपी नाबालिग के अभिभावकों ने प्रधानाचार्य पर बच्चे को स्कूल में भर्ती करने का दबाव बनाया। दबाव के कारण प्रधानाचार्य ने शिकायत उपायुक्त कार्यालय को दे दी। उपायुक्त की ओर से शिकायत जिला बाल कल्याण समिति के पास भेज दी गई। इस पर संज्ञान लेते हुए समिति ने पीड़ित नाबालिग के अभिभावकाें की काउंसलिंग की। हालांकि पीड़ित के अभिभावक पहले मामला दर्ज करवाने से मना करते रहे। इसके बाद भी जिला बाल कल्याण समिति ने पॉक्सो के तहत मामला दर्ज करवाने के लिए एसपी को लिखा। तब जाकर मामला दर्ज किया गया और मामले में कार्रवाई हुई।
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वर्जन
हमारी ओर से कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कराया है। इसके आधार पर पुलिस ने आरोपी नाबालिग को हिरासत में लेकर बाल सुधार गृह भेज दिया है। पॉक्सो के मामले में समिति की ओर से कोई ढील नहीं बरती जाती।
-रंजीता, चेयरमैन, जिला बाल कल्याण समिति।
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ऐसे पता लगा मामला
जिला बाल कल्याण समिति की चेयरमैन रंजीता ने बताया कि स्कूल में होने वाली काउंसलिंग के दौरान पीड़ित नाबालिग ने आठ दिसंबर को अपने साथ हुई घटना के बारे में बताया। इसके बाद काउंसलर ने प्रधानाचार्य को सूचित किया तो बच्चे की शिकायत पर प्रधानाचार्य ने आरोपी नाबालिग को स्कूल से निकाल दिया। मामला कई दिनों तक ठंडा पड़ गया।
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परिजनों ने बनाया दबाव
स्कूल से निकाले जाने के बाद आरोपी नाबालिग के अभिभावकों ने प्रधानाचार्य पर बच्चे को स्कूल में भर्ती करने का दबाव बनाया। दबाव के कारण प्रधानाचार्य ने शिकायत उपायुक्त कार्यालय को दे दी। उपायुक्त की ओर से शिकायत जिला बाल कल्याण समिति के पास भेज दी गई। इस पर संज्ञान लेते हुए समिति ने पीड़ित नाबालिग के अभिभावकाें की काउंसलिंग की। हालांकि पीड़ित के अभिभावक पहले मामला दर्ज करवाने से मना करते रहे। इसके बाद भी जिला बाल कल्याण समिति ने पॉक्सो के तहत मामला दर्ज करवाने के लिए एसपी को लिखा। तब जाकर मामला दर्ज किया गया और मामले में कार्रवाई हुई।
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हमारी ओर से कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कराया है। इसके आधार पर पुलिस ने आरोपी नाबालिग को हिरासत में लेकर बाल सुधार गृह भेज दिया है। पॉक्सो के मामले में समिति की ओर से कोई ढील नहीं बरती जाती।
-रंजीता, चेयरमैन, जिला बाल कल्याण समिति।