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मंत्री विज और सीबीए के सीईओ में ठनी

Thu, 26 Nov 2015 01:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/अंबाला
ब्यूरो/अमर उजाला/अंबाला Updated Thu, 26 Nov 2015 01:09 AM IST
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minister viz cantonment board ceo in ambala

कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला (सीबीए) क्षेत्र में अटके विकास कार्यों के संबंध में अंबाला कैंटोनमेंट के विधायक एवं सूबे के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज और सीबीए के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर अरविंद द्विवेदी में ठन गई है। सीईओ और मंत्री में कहासुनी हो गई। इतना ही नहीं सीबीए के पार्षदों ने भी मंत्री के समर्थन में उतरते हुए सदन की बैठकों में जाने से भी इंकार कर दिया है। उधर, मंत्री विज ने भी स्पष्ट कह दिया है कि जनता के कामों से बढ़कर उनके लिए कुछ नहीं है। जनता के काम यदि बिना वजह औपचारिकताओं में रुकेंगे तो ऐसे टकराव होते रहेंगे। सीईओ अरविंद द्विवेदी का कहना है कि उन्होंने बात नियमानुसार रखी। यदि उनकी बात किसी को अखरती है तो वे क्या कर सकते हैं।

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इस बात को लेकर हुआ टकराव

दरअसल, मंत्री अनिल विज रेस्ट हाउस में कैंट के विकास कार्यों का रिव्यू कर रहे थे। पहले उन्होंने अंबाला रेल मंडल के डीआरएम दिनेश कुमार से मुलाकात की। उसके बाद उन्होंने सीबीए के सीईओ अरविंद द्विवेदी और सीबीए के सभी वार्डों के पार्षदों को बुलाया हुआ था। इस बैठक में मंत्री ने सीबीए इलाकों में जर्जर पड़ी सड़कों, दूधला, गुलाब मंडी व माली परेड में रूके कामों पर चरचा करनी शुरू की। इन्हीं पिछड़े इलाकों में उन्होंने सीईओ से धर्मशालाएं और अस्पताल बनाने व अन्य विकास कार्यों का प्रपोजल तैयार करके उसे हाईकमान को भेजने को कहा। सीईओ अरविंद द्विवेदी ने इन इलाकों में यह कहकर प्रपोजल बनाने से मना कर दिया कि यह जमीन डिफेंस इस्टेट के अंतर्गत है और कैंटोनमेंट बोर्ड सेना के दूसरे किसी विंग की जमीन पर बिना अनुमति निर्माण नहीं कर सकता। मंत्री ने जितनी भी विकास संबंधी प्रपोजल सीईओ को बनाने को कहा, सीईओ यही जवाब ही मंत्री को देते रहे। इस पर मंत्री विज नाराज हो गए और उन्होंने सीईओ से साफ कहा कि यदि आपकाहर बात पर यही जवाब है तो आप जा सकते हैं। सीईओ द्विवेदी बैठक से चले गए।

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पार्षद करेंगे सीबीए सदन की बैठक का बहिष्कार

सीबीए के कुल आठ वार्डों में से से सात पार्षद बीजेपी के हैं और विज के समर्थक है। बुधवार को हुई बैठक में विज और सीईओ में तनातनी के बाद मंत्री विज ने भी अपने सभी पार्षदों को निर्देश दे दिया है कि जब तक बोर्ड में सीईओ द्विवेदी रहेंगे, तब तक वे सीबीए सदन की बैठक में न जाए। उधर, सीबीए के वाइस प्रेजीडेंट सुरेंद्र तिवारी ने कहा कि सभी पार्षद एकजुट है और वे तब तक सीबीए की सदन बैठक का बहिष्कार करेंगे, जब तक सीईओ अरविंद द्विवेदी यहां मौजूद हैं। पार्षद अजय बवेजा ने कहा कि सीबीए अफसर जानबूझकर वार्डों के कामों में अड़ंगा अड़ा रहे हैं। जिसका खामियाजा सीबीए वार्डों के लोग भुगत रहे हैं पार्षद आशिमा व लक्ष्मी देवी के अनुसार विकास कार्य ठप पड़े होने की वजह से वार्डों में लोग बहुत ज्यादा नाराज है, वार्डों में लोगों को जवाब देना उनके लिए मुश्किल हो रहा है।

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हर बात को टालने की कोशिश कर रहे थे सीईओ : विज

खेल मंत्री अनिल विज ने कहा वे कभी पर्सनल काम के लिए किसी को नहीं कहते। उन्होंने सीईओ को बोर्ड में ठप पड़े विकास कार्यों पर चर्चा करने के लिए बुलाया था। उनसे विभिन्न इलाकों में टूटी सड़कों, एमईएस की सड़कों को सीबीए को ट्रांसफर करवाकर उन्हे जल्द बनवाना, इलाके में पब्लिक के लिए प्रस्तावित सिविल अस्पताल जल्द बनवाने इत्यादि विकास कार्यों के प्रोपोजल तैयार करके सरकार को भेजने को कहा था। लेकिन सीईओ अरविंद द्विवेदी का रवैया हर बार टालने जैसा था, वे हर परियोजना को रक्षा मंत्रालय में भेजने की नसीहत दे रहे थे। इसलिए उन्हें सादर बैठक से चले जाने के लिए कह दिया गया, क्योंकि जब जनता के विकास के कामों के लिए रक्षा मंत्रालय से ही बात करनी है तो बिना वजह सीबीए अफसरों को तंग करने की क्या जरूरत है। वे तो जनता की आवाज इसी तरह उठाते रहेंगे।



जो नियम थे वो बता दिए, बिना वजह नाराजगी क्यों : द्विवेदी

सीबीए के सीईओ अरविंद द्विवेदी के अनुसार बैठक में कोई विवाद नहीं हुआ है। मंत्री जी ने दूधला मंडी, गुलाब मंडी व माली परेड इलाकों में कुछ निर्माण कार्यों संबंधी प्रोपोजल बनाने को कहा था। उन्होंने मंत्री से यही कहा कि ये जमीन कैंटोनमेंट बोर्ड की नहीं है। ये जमीन डिफेंस इस्टेट विभाग के अधीन आती है, इसलिए बिना रक्षा मंत्रालय से अनुमति आए, वे किस तरह के निर्माण कार्य का प्रोपोजल नहीं बना सकते हैं। उन्होंने मंत्री से कहा कि वे अपनी ओर से संबंधित जमीनों पर निर्माण कार्यों का प्रोपोजल बनाकर कैंटोनमेंट बोर्ड को दें, बोर्ड नियमानुसार इसे कमांड के जरिए रक्षा मंत्रालय तक भिजवाएगा और यदि वहां से अनुमति आ जाती है, तो निसंदेह उन जमीनों पर कैंटोनमेंट बोर्ड निर्माण कार्य जरूर करवाएगा। बतौर सीईओ रहते हुए ये काम उनके कार्यक्षेत्र में नहीं है। सीईओ के अनुसार मंत्री जी को इस पर कोई नाराजगी नहीं रहनी चाहिए। सीबीए विकास कार्यों के लिए हमेशा तत्पर है और काम चल रहे हैं।

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