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पीड़ित महिलाओं की सुध नहीं लेती पुलिस, मैराथन से लूट रही वाहवाही

Sat, 12 Dec 2015 12:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/अंबाला
ब्यूरो/अमर उजाला/अंबाला Updated Sat, 12 Dec 2015 12:53 AM IST
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minister anil viz laments police in affected woman cases in ambala

फतेहाबाद की पूर्व एसपी संगीता कालिया के साथ हॉट टॉक का मामला ठंडा भी नहीं हुआ था कि स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज अब अंबाला में पुलिस अधिकारियों से उलझ गए हैं। विज ने शुक्रवार को मैराथन के जरिए लोगों को जागरूक करने का प्रयास कर रही अंबाला पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा कर दिया है। उनका कहना है कि पुलिस के इस तरह के प्रयास से क्राइम थमने वाला नहीं है। महिला थाने और महिला सैल में जाने वाली महिलाएं न्याय के लिए भटकती रहती हैं जबकि पुलिस इस तरह की मैराथन के जरिए महिला संरक्षण के नाम पर वाहवाही लूट रही है। पुलिस अपना काम करे, ताकि पुलिस का डर लोगों में बन सके। हालांकि अंबाला पुलिस प्रशासन के आला अफसरों ने इस पर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की है।

जनता को बताए पुलिस कि मैराथन से कितना क्राइम कम हुआ

मंत्री अनिल विज ने पुलिस के मैराथन दौड़ अभियान पर कहा कि समाज को जागरूक करना तो ठीक है लेकिन ये काम पुलिस का नहीं है। पुलिस लोगों को सुरक्षा दे, उनकी सुनवाई करे और ये देखे कि महिलाएं सुरक्षित हैं या नहीं? विज ने कहा कि पुलिस प्रशासन काफी समय से अंबाला में मैराथन करवा रहा है। अब वह बताए कि इससे कितना क्राइम कम हुआ, क्या महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस कर रही हैं। विज ने कहा कि पुलिस बिना मतलब वाहवाही लूटने की बजाय अपने काम पर ध्यान दे। विज ने कहा कि वीरवार को पुलिस ने हजारों लोगों के साथ जो ऑरेंज मैराथन निकाली वह सब कुछ केवल मनोरंजन के लिए था। पुलिस अपराधियों पर रौब दिखाए, जनता की सुरक्षा की मजबूत प्लानिंग बनाकर काम करे। मंत्री ने यह भी कहा कि उनके दरबार में आए दिन लोग शिकायत करते हैं कि पुलिस उनकी बात नहीं सुन रही है। महिला थाने और महिला सैल में जाने वाली महिलाएं न्याय के लिए भटकती रहती हैं और पुलिस मैराथन के जरिए वाहवाही लूटने में लगी है।

जागरूकता के लिए वीरवार को हुई मैराथन

अंबाला पुलिस ने वीरवार को हजारों लोगों, छात्रों और पुलिस कर्मियों के साथ ऑरेंज अभियान के तहत सिटी में मैराथन दौड़ का आयोजन किया था। दौड़ महिला संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए थी। इसी मैराथन पर विज ने पुलिस को कठघरे में खड़ा किया है। अंबाला में पुलिस कमिश्नर ओपी सिंह ने लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से मैराथन दौड़ की प्रथा शुरू कराई थी। उनका मानना था कि इससे लोगों की सोच बदलेगी और क्राइम कम होगा। पहले अमूमन हर हफ्ते दौड़ होती थी। इधर, पुलिस कमिश्नर के निर्देशों पर अंबाला पुलिस ने महिला संरक्षण मसले पर ऑरेंज अभियान छेड़ रखा है। इसी क्रम में वीरवार को पुलिस कमिश्नर ने हजारों की भीड़ के साथ मैराथन दौड़ आयोजित की।

विज पर टिप्पणी से बची पुलिस

अनिल विज की पुलिस पर इस तीखी टिप्पणी पर अंबाला पुलिस प्रशासन के किसी भी अधिकारी ने टिप्पणी करने से इंकार कर दिया है। पुलिस अफसरों का कहना है कि वे इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहते। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि पुलिस का काम क्राइम कम करने के साथ-साथ लोगों को जागरूक करना भी है।

विज का पुलिस से पुराना है विवाद

-मंत्री बनने से पहले अनिल विज अंबाला की तत्कालीन एसपी भारती अरोड़ा से उलझ गए थे। एसपी ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा जेल तक भिजवा दिया था। विज पर हाईवे पर यातायात जाम कराने का आरोप था। बाद में अदालत ने विज को बरी कर दिया था।

-अपने खुले दरबार में विज ने कई बार पुलिस थानों के प्रभारियों की कार्यप्रणाली पर लताड़ लगाई।

-कुछ माह पहले विज कैंट के थाने में पहुंच गए और सभी पुलिस कर्मियों की हाजिरी ली। वहां पड़ी पेंडिंग शिकायतों पर पुलिसकर्मियों की क्लास लगाई और शिकायत डीजीपी को भेजी। इस मामले में पुलिस कर्मचारी एसोसिएशन ने विज के खिलाफ मोर्चा भी खोला था।

-पिछले दिनों फतेहाबाद के खुले दरबार में भी विज एसपी संगीता कालिया से भिड़ गए। सरकार ने संगीता कालिया का तबादला इंडियन रिजर्व बटालियन में मानेसर कर दिया।

-अब विज ने अंबाला पुलिस के मैराथन अभियान पर सवाल खड़ा करते हुए उसे हिदायत दी है कि वह लोगों को सुरक्षा मुहैय्या करवाकर अपराधियों पर नकेल कसे। इस तरह के मैराथन अभियानों के जरिए दूसरे लोगों को जगाने का काम दूसरी संस्थाएं कर लेंगी।

सीएम देखेंगे एसपी कालिया का मामला

फतेहाबाद की एसपी संगीता कालिया के मामले में विज ने कहा कि उन्होंने अपनी रिपोर्ट सीएम मनोहर लाख खट्टर को दी थी। एसपी का तबादला तो कर दिया गया था, लेकिन उनके खिलाफ क्या अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई, ये उन्हें नहीं मालूम। विज के अनुसार उन्होंने एसपी के बारे में किसी से कोई शिकायत नहीं की, बैठक में जो हुआ सो सीएम को बता दिया। अब सीएम देखें उन्हें इस मसले पर क्या करना चाहिए, क्या नहीं? उन्हें इससे कोई लेनादेना नहीं।

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