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मिल ने किया पंजाब का गन्ना लेने से इंकार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 22 Dec 2021 12:21 AM IST
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Mill refused to take Punjab's sugarcane
शुगर मिल एक बार फिर से सुर्खियों में है। इस बार पंजाब का गन्ना न लेने के फरमान से सीमांत गांवों के किसानों को मिलने वाली पर्ची बंद हो गई है। किसानों ने मंगलवार को एसडीएम से मिलकर व्यथा सुनाई और गन्ना पर्ची फिर से शुरू करने की गुहार लगाई। पंजाब के इन किसानों की मांग का हरियाणा के किसान संगठनों के पदाधिकारियों ने समर्थन किया है।
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एसडीएम को लिखित में सौंपे अपने अनुरोध व मौखिक तौर पर अपनी बात सुनाते हुए किसान राणा मेहर सिंह, कर्म सिंह, ठाठ सिंह, सुखबीर सिंह, जसविंदर सिंह, भरत सिंह, वीरेंद्र सिंह, जरनैल सिंह, गरजा सिंह, सुभाष चंद आदि ने कहा कि वे मिल से शुरुआती दिनों से जुड़े हुए हैं। आज भी उनका मिल की तरफ लाखों रुपये का भुगतान बकाया है। उनके खेतों में लाखों रुपये मूल्य की गन्ने की फसल तैयार खड़ी है और मिल ने सरकार के आदेश पर बीच सीजन में एकाएक उनकी गन्ने की खरीद बंद कर दी है। यह किसानों के हकों पर कुठाराघात है। किसानों ने कहा कि उन्हें पंजाब का किसान न समझ कर मिल से जुड़ा सीमांत क्षेत्र का किसान समझा जाए।
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भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिला मंडल प्रमुख बलदेव सिंह ने कहा कि साथ लगते किसानों का गन्ना मिल में गिराने से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। यह बदस्तूर जारी रहना चाहिए। भाकियू के जिला प्रधान विक्रम राणा ने कहा कि मिल प्रबंधन, शासन- प्रशासन का यह निर्णय गलत है। गन्ना संघर्ष समिति के प्रदेश सचिव बॉबी बधौली ने कहा कि सीमांत क्षेत्र के गन्ना उत्पादक किसानों का गन्ना लेना बंद करना गलत है। एसडीएम नीरज कुमार ने किसानों से विस्तृत जानकारी लेते हुए उन्हें उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
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