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गाड़ी की सिर्फ रफ्तार तेज होना लापरवाही नहीं : कोर्ट
Wed, 15 Jul 2026 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Wed, 15 Jul 2026 01:01 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसीनारायणगढ़। अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि गाड़ी की सिर्फ तेज रफ्तार को लापरवाही या खतरनाक ड्राइविंग का सबूत नहीं माना जा सकता। इसके साथ ही नारायणगढ़ के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी डॉ. जितेंद्र कुमार की अदालत ने आरोपी ट्रक चालक जसवंत सिंह को बरी कर दिया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 5 अप्रैल 2024 को शहजादपुर पुलिस की एक टीम एनएच-344 पर गश्त पर थी। इस दौरान साहा की तरफ से आ रहे एक ट्रक को ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने और तेज रफ्तार में डिवाइडर के पास चलाने के आरोप में रोका गया था. पुलिस ने चालक जसवंत सिंह, निवासी गुरदासपुर (पंजाब) के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि पुलिस इस मामले में ठोस सबूत पेश करने में नाकाम रही।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल तेज गति के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता, जब तक कि लापरवाही से जान जोखिम में डालने का स्पष्ट प्रमाण न हो। अदालत ने आरोपी के बेल बॉन्ड रद्द करते हुए उसे सभी आरोपों से बरी कर दिया।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार, 5 अप्रैल 2024 को शहजादपुर पुलिस की एक टीम एनएच-344 पर गश्त पर थी। इस दौरान साहा की तरफ से आ रहे एक ट्रक को ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने और तेज रफ्तार में डिवाइडर के पास चलाने के आरोप में रोका गया था. पुलिस ने चालक जसवंत सिंह, निवासी गुरदासपुर (पंजाब) के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि पुलिस इस मामले में ठोस सबूत पेश करने में नाकाम रही।
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कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल तेज गति के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता, जब तक कि लापरवाही से जान जोखिम में डालने का स्पष्ट प्रमाण न हो। अदालत ने आरोपी के बेल बॉन्ड रद्द करते हुए उसे सभी आरोपों से बरी कर दिया।
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