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मार्केट कमेटी कार्यालय का दफ्तरी निलंबित
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अंबाला सिटी। शहर की थोक सब्जी मंडी में कम बिक्री दिखाकर सरकार को लाखों रुपये का फटका लगाया जा रहा था। मामले में मार्केट प्रवर्तन अधिकारी ने औचक निरीक्षण किया तो सब्जी मंडी में दिखाई जा रही बिक्री और सरकारी आंकड़ों में जमीन-आसमान का अंतर मिला। लाखों की हेराफेरी के इस मामले में दफ्तरी (क्लर्क) को निलंबित कर दिया गया है।
जांच के दौरान प्रवर्तन अधिकारी ने मार्केट बोर्ड के कर्मचारियों से बिक्री में इतना अंतर आने का कारण पूछा तो उन्होंने सफाई देते हुए बताया कि सप्ताह में एक दिन तेजी आती है। इसी के कारण इतना अंतर आया है। वास्तव में बिक्री उतनी ही है जितनी प्रतिदिन कार्यालय के रिकॉर्ड के अनुसार रिपोर्ट बनाकर भेजी जा रही है। कर्मचारियों के सवालों से असंतुष्ट जांच अधिकारी ने 24 घंटे और सब्जी मंडी में रुकने का निर्णय लिया।
इस बार जांच अधिकारी ने पाया कि उस दिन सब्जी मंडी में बिक्री एक दिन पहले किए गए निरीक्षण से भी छह लाख अधिक हुई। इस पर जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट बनाकर अपने आलाधिकारियों को भेज दी। इस पर उच्चाधिकारियों ने सब्जी मंडी में फल व सब्जियों की बिक्री के दौरान की जा रही हेराफेरी के मामले में मार्केट कमेटी बोर्ड में कार्यरत दफ्तरी गुरचरण सिंह को निलंबित कर दिया।
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यह था मामला
मामला 14 अगस्त का बताया जा रहा है। मार्केट बोर्ड के मुख्य प्रशासक ने विभाग के ही एक आलाधिकारी को मई, जून, जुलाई महीने में राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति में पिछड़ने पर जांच करने के आदेश दिए। तब जांच अधिकारी ने 10 अगस्त की रात थोक सब्जी मंडी में दस्तक दे दी। वहां फल व सब्जियों का निरीक्षण किया तो मिला कि रातभर में बिकने वाली सामग्री का मूल्य करीब 62 लाख रुपये तक रहा। इससे पहले रिकार्ड में यह आंकड़ा महज 30 से 35 लाख रुपये के बीच बताया जा रहा था। जांच अधिकारी को शक हुआ तो उन्होंने मौजूद कर्मचारी से पूछा। जवाब मिला कि एक दिन की बिक्री से अंदाजा लगाना संभव नहीं है। तब जांच अधिकरी अगली रात फिर से मंडी में रुक गए। उस रात सब्जी मंडी में बिकने वाली सामग्री की कीमत पहली रात से छह गुणा बढ़ गई।
यह मामला मेरे संज्ञान में आ गया है। इस मामले की अब जांच चल रही है और दफ्तरी पहले ही निलंबित हो चुका है। जल्द ही जांच रिपोर्ट अधिकारियों को सौंप दी जाएगी। -हितेश, एसडीएम
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जांच के दौरान प्रवर्तन अधिकारी ने मार्केट बोर्ड के कर्मचारियों से बिक्री में इतना अंतर आने का कारण पूछा तो उन्होंने सफाई देते हुए बताया कि सप्ताह में एक दिन तेजी आती है। इसी के कारण इतना अंतर आया है। वास्तव में बिक्री उतनी ही है जितनी प्रतिदिन कार्यालय के रिकॉर्ड के अनुसार रिपोर्ट बनाकर भेजी जा रही है। कर्मचारियों के सवालों से असंतुष्ट जांच अधिकारी ने 24 घंटे और सब्जी मंडी में रुकने का निर्णय लिया।
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इस बार जांच अधिकारी ने पाया कि उस दिन सब्जी मंडी में बिक्री एक दिन पहले किए गए निरीक्षण से भी छह लाख अधिक हुई। इस पर जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट बनाकर अपने आलाधिकारियों को भेज दी। इस पर उच्चाधिकारियों ने सब्जी मंडी में फल व सब्जियों की बिक्री के दौरान की जा रही हेराफेरी के मामले में मार्केट कमेटी बोर्ड में कार्यरत दफ्तरी गुरचरण सिंह को निलंबित कर दिया।
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यह था मामला
मामला 14 अगस्त का बताया जा रहा है। मार्केट बोर्ड के मुख्य प्रशासक ने विभाग के ही एक आलाधिकारी को मई, जून, जुलाई महीने में राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति में पिछड़ने पर जांच करने के आदेश दिए। तब जांच अधिकारी ने 10 अगस्त की रात थोक सब्जी मंडी में दस्तक दे दी। वहां फल व सब्जियों का निरीक्षण किया तो मिला कि रातभर में बिकने वाली सामग्री का मूल्य करीब 62 लाख रुपये तक रहा। इससे पहले रिकार्ड में यह आंकड़ा महज 30 से 35 लाख रुपये के बीच बताया जा रहा था। जांच अधिकारी को शक हुआ तो उन्होंने मौजूद कर्मचारी से पूछा। जवाब मिला कि एक दिन की बिक्री से अंदाजा लगाना संभव नहीं है। तब जांच अधिकरी अगली रात फिर से मंडी में रुक गए। उस रात सब्जी मंडी में बिकने वाली सामग्री की कीमत पहली रात से छह गुणा बढ़ गई।
यह मामला मेरे संज्ञान में आ गया है। इस मामले की अब जांच चल रही है और दफ्तरी पहले ही निलंबित हो चुका है। जल्द ही जांच रिपोर्ट अधिकारियों को सौंप दी जाएगी। -हितेश, एसडीएम