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Ambala News: बच्चों से हल कराए गणित के सवाल, रंगों की पहचान पूछी
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सतनाम सिंह
अंबाला सिटी। शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल और अतिरिक्त निदेशक सतपाल शर्मा, सहायक निदेशक कुलदीप मेहता, प्रमोद कुमार ने अन्य अधिकारियों के साथ जनसुई व नन्योला गांव के राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल का निरीक्षण किया। ये टीम दोनों स्कूल में सुबह से दोपहर तक रुकी और पढ़ाई मिड डे मील और अन्य व्यवस्थाओं की जांच की। इस दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए और बोर्ड के परीक्षा परिणाम में भी सुधार लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने पढ़ाई में और अधिक सुधार लाने के लिए स्कूल प्रधानाचार्य, एसएमसी और स्टाफ सदस्यों की बैठक भी ली और उनके सुझाव भी जाने। उन्होंने एफएलएन से पढ़ाई पर जोर दिया ताकि प्राथमिक स्तर पर ही बच्चों की नींव मजबूत हो सके। स्कूल में बना मिड डे मील की जांच की। मील में हलवा चना बनाया गया। उन्होंने इसकी क्वालिटी को सराहा। वहीं स्कूलों में शहर विधायक असीम गोयल, जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी सतबीर सैनी व स्कूल प्रधानाचार्य लोकेंद्र सिंह, लेखराज व एसएमसी सदस्यों ने स्वागत किया। बता दें कि मुख्यमंत्री के जनसंवाद कार्यक्रम में भी मॉडल संस्कृति स्कूलों में सुविधाएं न होने का मुद्दा उठा था। वहीं इसको लेकर अधिकारियों ने इन स्कूलों में ढांचागत सुविधाओं का जायजा लिया।
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ओरल रीडिंग फ्रेम में पढ़ने की स्पीड देखी
जनसुई राजकीय स्कूल में विभाग की टीम सुबह आठ बजे पहुंच गई। टीम ने स्कूल में कक्षा, स्कूल रिकॉर्ड, लाइब्रेरी, बॉयो, केमिस्ट्री, गणित, एस्ट्रोनॉमी लैब, मिड डे मील, डाइनिंग हॉल, शौचालय का निरीक्षण किया। इसके बाद टीम नन्योला गांव राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल में पहुंची। जहां टीम ने काफी समय विद्यार्थियों के साथ गुजारा। टीम ने छोटी कक्षा में बच्चों से सिंगल डिजिट अक्षर जमा-घटा करवाकर देखे। साथ ही रंगों की पहचान करवाई और ओरल रीडिंग फ्रेम में पढ़ने की स्पीड देखी। इस फ्रेम में विद्यार्थियों को एक मिनट में 60 शब्द तक पढ़ने होते हैं, यह शब्द विद्यार्थियों ने 20 सेकंड में ही पढ़ दिए। एसीएस सुधीर राजपाल ने विद्यार्थियों की रेगुलर हाजिरी पर जोर दिया और रोजाना हाजिरी के साथ उनकी परफॉरमेंस का भी आंकलन करने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा एफएलएन पर जोर दिया।
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एसएमसी ने उठाई स्टाफ देने की मांग, परीक्षा परिणाम भी सुधारने के निर्देश
अधिकारियों की टीम ने जनसुई व नन्योला स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ बोर्ड परीक्षा परिणाम भी सुधारने के निर्देश दिए। वहीं एसएमसी ने स्टाफ न होने की मांग भी उठाई। इस पर एसीएस ने जल्द ही स्कूलों में स्टाफ मुहैया करवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि अगले वर्ष से छोटी कक्षा के बच्चों की किताबें कवर के साथ भेजी जाएंगी ताकि बच्चों की किताबें जल्द न फटें।
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एसीएस दो स्कूलों में गए, बाकी 14 स्कूलों में विभाग की टीम पहुंची
विभाग की टीमों ने जिले में राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल पुलिस लाइन, रामपुर सरसहेड़ी, बराड़ा, समलहेड़ी, शहजादपुर, नारायणगढ़, नन्योला, मोहड़ी-भानोखेड़ी और पीएम श्री स्कूल रामबाग रोड, दुराना, उगाला, साहा, शहजादपुर, नारायणगढ़ में निरीक्षण किया। इन स्कूलों में सीबीएसई अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करवाई जा रही है। इसके साथ ही नए बनने वाले राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल संभालखा व जनसुई गांव में भी निरीक्षण किया।
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अंबाला सिटी। शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल और अतिरिक्त निदेशक सतपाल शर्मा, सहायक निदेशक कुलदीप मेहता, प्रमोद कुमार ने अन्य अधिकारियों के साथ जनसुई व नन्योला गांव के राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल का निरीक्षण किया। ये टीम दोनों स्कूल में सुबह से दोपहर तक रुकी और पढ़ाई मिड डे मील और अन्य व्यवस्थाओं की जांच की। इस दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए और बोर्ड के परीक्षा परिणाम में भी सुधार लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने पढ़ाई में और अधिक सुधार लाने के लिए स्कूल प्रधानाचार्य, एसएमसी और स्टाफ सदस्यों की बैठक भी ली और उनके सुझाव भी जाने। उन्होंने एफएलएन से पढ़ाई पर जोर दिया ताकि प्राथमिक स्तर पर ही बच्चों की नींव मजबूत हो सके। स्कूल में बना मिड डे मील की जांच की। मील में हलवा चना बनाया गया। उन्होंने इसकी क्वालिटी को सराहा। वहीं स्कूलों में शहर विधायक असीम गोयल, जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी सतबीर सैनी व स्कूल प्रधानाचार्य लोकेंद्र सिंह, लेखराज व एसएमसी सदस्यों ने स्वागत किया। बता दें कि मुख्यमंत्री के जनसंवाद कार्यक्रम में भी मॉडल संस्कृति स्कूलों में सुविधाएं न होने का मुद्दा उठा था। वहीं इसको लेकर अधिकारियों ने इन स्कूलों में ढांचागत सुविधाओं का जायजा लिया।
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ओरल रीडिंग फ्रेम में पढ़ने की स्पीड देखी
जनसुई राजकीय स्कूल में विभाग की टीम सुबह आठ बजे पहुंच गई। टीम ने स्कूल में कक्षा, स्कूल रिकॉर्ड, लाइब्रेरी, बॉयो, केमिस्ट्री, गणित, एस्ट्रोनॉमी लैब, मिड डे मील, डाइनिंग हॉल, शौचालय का निरीक्षण किया। इसके बाद टीम नन्योला गांव राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल में पहुंची। जहां टीम ने काफी समय विद्यार्थियों के साथ गुजारा। टीम ने छोटी कक्षा में बच्चों से सिंगल डिजिट अक्षर जमा-घटा करवाकर देखे। साथ ही रंगों की पहचान करवाई और ओरल रीडिंग फ्रेम में पढ़ने की स्पीड देखी। इस फ्रेम में विद्यार्थियों को एक मिनट में 60 शब्द तक पढ़ने होते हैं, यह शब्द विद्यार्थियों ने 20 सेकंड में ही पढ़ दिए। एसीएस सुधीर राजपाल ने विद्यार्थियों की रेगुलर हाजिरी पर जोर दिया और रोजाना हाजिरी के साथ उनकी परफॉरमेंस का भी आंकलन करने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा एफएलएन पर जोर दिया।
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एसएमसी ने उठाई स्टाफ देने की मांग, परीक्षा परिणाम भी सुधारने के निर्देश
अधिकारियों की टीम ने जनसुई व नन्योला स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ बोर्ड परीक्षा परिणाम भी सुधारने के निर्देश दिए। वहीं एसएमसी ने स्टाफ न होने की मांग भी उठाई। इस पर एसीएस ने जल्द ही स्कूलों में स्टाफ मुहैया करवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि अगले वर्ष से छोटी कक्षा के बच्चों की किताबें कवर के साथ भेजी जाएंगी ताकि बच्चों की किताबें जल्द न फटें।
एसीएस दो स्कूलों में गए, बाकी 14 स्कूलों में विभाग की टीम पहुंची
विभाग की टीमों ने जिले में राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल पुलिस लाइन, रामपुर सरसहेड़ी, बराड़ा, समलहेड़ी, शहजादपुर, नारायणगढ़, नन्योला, मोहड़ी-भानोखेड़ी और पीएम श्री स्कूल रामबाग रोड, दुराना, उगाला, साहा, शहजादपुर, नारायणगढ़ में निरीक्षण किया। इन स्कूलों में सीबीएसई अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करवाई जा रही है। इसके साथ ही नए बनने वाले राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल संभालखा व जनसुई गांव में भी निरीक्षण किया।