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बेकाबू हो रहा लंपी वायरस
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नारायणगढ़। गोवंश में फैल रहे लंपी त्वचा रोग से पशुपालकों में दहशत का माहौल है। पशुपालक पशुओं को लेकर सरकारी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं, मगर अस्पताल दोपहर दो बजे बंद हो जाते हैं। इस कारण पशुपालकों को निजी अस्पतालों में पशुओं का इलाज कराना पड़ रहा है जो महंगा पड़ता है। अभी हाल ही में नारायणगढ़ में एक बैल और एक गाय में लंपी रोग के लक्षण मिले हैं। वहीं, वार्ड 14 के एक पशुपालक के तीन गोवंशों में मिले हैं।
जानकारी देते हुए बागड़ी लोहार समुदाय के पशुपालक ने बताया कि सोमवार को उसने देखा कि उसकी बछिया लंगड़ी चल रही थी। उसके शरीर पर मोटी मोटी गांठें हो गई थी। वहीं, उसके बैल के गले में सूजन हो रही थी। वह दोनों पशुओं को चिकित्सालय में इलाज कराने ले गया। पशुपालक के अनुसार, जब वह अस्पताल में पहुंचा तो उस समय अस्पताल बंद हो चुका था, वहां कोई चिकित्सक नहीं था।
उन्होंने बताया कि इस कारण वे निजी अस्पताल में पशुओं का इलाज करा रहे हैं जो महंगा पड़ रहा है। पशुपालकों ने मांग की है कि सरकारी अस्पतालों में चौबीस घंटे चिकित्सक की व्यवस्था की जाए। पशु चिकित्सक विकास सैनी ने बताया कि अस्पताल के बंद होने का समय दोपहर दो बजे का है। उन्होंने कहा कि वे प्रयास करेंगे कि बुधवार को उनकी बस्ती में जाकर वे पशुओं में टीकाकरण करेंगे।
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जानकारी देते हुए बागड़ी लोहार समुदाय के पशुपालक ने बताया कि सोमवार को उसने देखा कि उसकी बछिया लंगड़ी चल रही थी। उसके शरीर पर मोटी मोटी गांठें हो गई थी। वहीं, उसके बैल के गले में सूजन हो रही थी। वह दोनों पशुओं को चिकित्सालय में इलाज कराने ले गया। पशुपालक के अनुसार, जब वह अस्पताल में पहुंचा तो उस समय अस्पताल बंद हो चुका था, वहां कोई चिकित्सक नहीं था।
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उन्होंने बताया कि इस कारण वे निजी अस्पताल में पशुओं का इलाज करा रहे हैं जो महंगा पड़ रहा है। पशुपालकों ने मांग की है कि सरकारी अस्पतालों में चौबीस घंटे चिकित्सक की व्यवस्था की जाए। पशु चिकित्सक विकास सैनी ने बताया कि अस्पताल के बंद होने का समय दोपहर दो बजे का है। उन्होंने कहा कि वे प्रयास करेंगे कि बुधवार को उनकी बस्ती में जाकर वे पशुओं में टीकाकरण करेंगे।
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