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Ambala News: दुकान में घुसकर हत्या करने वाले को उम्रकैद
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डॉ रणदीप संधू, पब्लिक प्रोसीक्यूटर।
अंबाला सिटी। छावनी के सुंदर नगर की दुकान में घुसकर कारपेंटर को चाकू से गोदकर हत्या करने वाले रेलवे के गार्ड भरत कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
इस मामले में चार साल बाद अंबाला सिटी स्थित एडिशनल सेशन जज राजन वालिया की अदालत ने फैसला सुनाया। इसके साथ ही एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड नहीं भरने की स्थिति में एक साल अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
दरअसल, चार वर्ष पहले जुलाई, 2020 में सुंदर नगर में रेलवे के गार्ड भरत कुमार ने कारपेंटर फूलचंद की हत्या कर दी थी। घटनास्थल से ही चाकू बरामद किया था। इसके बाद पुलिस ने दोषी भरत को गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में पुलिस ने जांच कर चार्जशीट कोर्ट में पेश की। जहां कोर्ट ने चार साल तक मामले की सुनवाई की। इस दौरान 11 गवाहों काे सुना गया। सभी ने बयान दर्ज कराए, जिसके आधार पर कोर्ट ने अब भरत (56) को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
यह था हत्या का मामला
थाना पड़ाव में शिकायत देते हुए सुंदर नगर निवासी शिवपूजन ने बताया कि उसके तीन बेटे हैं। सबसे बडा बेटा फूलचंद (37) कारपेंटर का काम करता था। सुंदर नगर स्थित पानी टंकी के पास उसकी दुकान थी। वह अपने बेटे के पास दुकान पर शाम को गए तो बेटा ने बताया कि रेलवे कॉलोनी निवासी भरत कुमार सुंदर नगर में अपना मकान बना रहा है। इस मकान में उसने लकड़ी का काम किया था। लकड़ी की पैमाइश को लेकर दोनों में कोई विवाद था। इसके लिए उनके लड़के ने जब भरत कुमार से रुपये मांगे तो 21 जुलाई 2020 को शाम सात बजे उसकी पैसों को लेकर बहस हो गई।
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इसके बाद 22 जुलाई को आरोपी भरत कुमार अपनी कार से उनकी दुकान पर आया और पैसों को लेकर बहस करने लगा। इसके बाद आरोपी भरत आक्रोश में आ गया और कार से चाकू निकालकर बेटा फूलचंद के पेट में चाकू घोंप दिया। इतनी देर में झगड़े का शोर सुनकर उनके परिजन भी आ गए। इसके बाद भरत भाग गया। दूसरी तरफ बेटा फूलचंद जमीन पर तड़प रहा था। उसे सिविल अस्पताल लेकर आए। जहां पर डॉक्टरों ने हालत देखते हुए उसे चंडीगढ़ रेफर कर दिया। रास्ते में बेटे की तबीयत बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया।
फोटो- 49
वर्जन
फोटो
इस मामले में कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस केस में अच्छी बात यह रही कि गवाहों ने भी मामले में आरोपी के विपक्ष में ही बयान दर्ज कराए थे।
-डॉ. रणदीप संधू, पब्लिक प्रोसीक्यूटर, पीड़ित पक्ष
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इस मामले में चार साल बाद अंबाला सिटी स्थित एडिशनल सेशन जज राजन वालिया की अदालत ने फैसला सुनाया। इसके साथ ही एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड नहीं भरने की स्थिति में एक साल अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
दरअसल, चार वर्ष पहले जुलाई, 2020 में सुंदर नगर में रेलवे के गार्ड भरत कुमार ने कारपेंटर फूलचंद की हत्या कर दी थी। घटनास्थल से ही चाकू बरामद किया था। इसके बाद पुलिस ने दोषी भरत को गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में पुलिस ने जांच कर चार्जशीट कोर्ट में पेश की। जहां कोर्ट ने चार साल तक मामले की सुनवाई की। इस दौरान 11 गवाहों काे सुना गया। सभी ने बयान दर्ज कराए, जिसके आधार पर कोर्ट ने अब भरत (56) को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
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यह था हत्या का मामला
थाना पड़ाव में शिकायत देते हुए सुंदर नगर निवासी शिवपूजन ने बताया कि उसके तीन बेटे हैं। सबसे बडा बेटा फूलचंद (37) कारपेंटर का काम करता था। सुंदर नगर स्थित पानी टंकी के पास उसकी दुकान थी। वह अपने बेटे के पास दुकान पर शाम को गए तो बेटा ने बताया कि रेलवे कॉलोनी निवासी भरत कुमार सुंदर नगर में अपना मकान बना रहा है। इस मकान में उसने लकड़ी का काम किया था। लकड़ी की पैमाइश को लेकर दोनों में कोई विवाद था। इसके लिए उनके लड़के ने जब भरत कुमार से रुपये मांगे तो 21 जुलाई 2020 को शाम सात बजे उसकी पैसों को लेकर बहस हो गई।
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इसके बाद 22 जुलाई को आरोपी भरत कुमार अपनी कार से उनकी दुकान पर आया और पैसों को लेकर बहस करने लगा। इसके बाद आरोपी भरत आक्रोश में आ गया और कार से चाकू निकालकर बेटा फूलचंद के पेट में चाकू घोंप दिया। इतनी देर में झगड़े का शोर सुनकर उनके परिजन भी आ गए। इसके बाद भरत भाग गया। दूसरी तरफ बेटा फूलचंद जमीन पर तड़प रहा था। उसे सिविल अस्पताल लेकर आए। जहां पर डॉक्टरों ने हालत देखते हुए उसे चंडीगढ़ रेफर कर दिया। रास्ते में बेटे की तबीयत बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया।
फोटो- 49
वर्जन
फोटो
इस मामले में कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस केस में अच्छी बात यह रही कि गवाहों ने भी मामले में आरोपी के विपक्ष में ही बयान दर्ज कराए थे।
-डॉ. रणदीप संधू, पब्लिक प्रोसीक्यूटर, पीड़ित पक्ष

डॉ रणदीप संधू, पब्लिक प्रोसीक्यूटर।

डॉ रणदीप संधू, पब्लिक प्रोसीक्यूटर।

डॉ रणदीप संधू, पब्लिक प्रोसीक्यूटर।