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Ambala News: अवैध कॉलोनियों को वैध करना और जलभराव रहेगा बड़ा मुद्दा
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बराड़ा में 5 एकड़ में विकसित हो रही अवैध कॉलोनी को जेसीबी से ध्वस्त करते हुए। डीपीआरओ
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माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला सिटी। नगर निगम चुनाव में महज 26 दिन का समय शेष है। इतने कम समय में जहां राजनीतिक पार्टियों के लिए लोगों के बीच पहुंचना चुनौती होगा, वहीं कई चुनावी मुद्दे परीक्षा लेंगे। अंबाला सिटी में 50 से अधिक अवैध कॉलोनियों को अवैध करने का मुद्दा सबसे अहम है।
वहीं बारिश में जलभराव ने लोगों को सबसे अधिक परेशान किया। निगम चुनाव में भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं। दोनों पार्टियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती विकास की है। नगर निगम के पिछले कार्यकाल में बड़े विकास कार्यों की लोग बांट जोहते रहे मगर उन्हें तकलीफें ही ज्यादा मिलीं। बड़ी परियोजनाएं अटकी रहीं। बारिश में शहर ने बाढ़ जैसे हालातों को झेला। यही कारण था कि पिछले साल चुनाव में मतदाताओं ने मेयर पद पर उपचुनाव में भाजपा की प्रत्याशी शैलजा संदीप सचदेवा को जिताया। हालांकि, गुटबाजी के कारण उनकी राह में अड़चनें ही देखने को मिलीं। नगर निगम में अफसरशाही से लोग सबसे अधिक परेशान हुए। एनडीसी कराने के लिए लोगों ने नगर निगम में चक्कर काटे पर सफलता नहीं मिली।
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अंबाला सिटी। नगर निगम चुनाव में महज 26 दिन का समय शेष है। इतने कम समय में जहां राजनीतिक पार्टियों के लिए लोगों के बीच पहुंचना चुनौती होगा, वहीं कई चुनावी मुद्दे परीक्षा लेंगे। अंबाला सिटी में 50 से अधिक अवैध कॉलोनियों को अवैध करने का मुद्दा सबसे अहम है।
वहीं बारिश में जलभराव ने लोगों को सबसे अधिक परेशान किया। निगम चुनाव में भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं। दोनों पार्टियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती विकास की है। नगर निगम के पिछले कार्यकाल में बड़े विकास कार्यों की लोग बांट जोहते रहे मगर उन्हें तकलीफें ही ज्यादा मिलीं। बड़ी परियोजनाएं अटकी रहीं। बारिश में शहर ने बाढ़ जैसे हालातों को झेला। यही कारण था कि पिछले साल चुनाव में मतदाताओं ने मेयर पद पर उपचुनाव में भाजपा की प्रत्याशी शैलजा संदीप सचदेवा को जिताया। हालांकि, गुटबाजी के कारण उनकी राह में अड़चनें ही देखने को मिलीं। नगर निगम में अफसरशाही से लोग सबसे अधिक परेशान हुए। एनडीसी कराने के लिए लोगों ने नगर निगम में चक्कर काटे पर सफलता नहीं मिली।
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