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खास रहेगा ‘फुल मून क्रिसमस’, सजे गिरजाघर
ब्यूरो/अमर उजाला अंबाला
Updated Thu, 24 Dec 2015 01:03 AM IST
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क्रिसमस सेलीब्रेशन को लेकर जिले के तमाम गिरिजाघरों को सजा लिया गया है। गिरिजाघरों को आकर्षक लाइटिंग से सजाया जा रहा है, वहीं गिरिजघरों के भीतर की सजावट भी देखते ही बनते हैं। अंबाला में क्रिसमस पर्व को लेकर खासा उत्साह है, क्योंकि आज भी यहां अंग्रेजों द्वारा बनाए गए गई ऐतिहासिक गिरिजाघर मौजूद है। छोटे-बड़े तमाम गिरिजाघरों में इस अवसर पर पूजा होगी, लेकिन जिले के बड़े कैथोलिक और सीएनआई गिरिजाघरों में विशेष पूजा, सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों के साथ-साथ मध्यरात्रि क्रिसमस सेलीब्रेशन भी होगा।
दूसरी ओर, इस बार क्रिसमस अन्य वर्षों की अपेक्षाकृत कुछ खास भी रहेगा। क्योंकि इस क्रिसमस सेलीब्रेशन में 38 सालों के बाद फुल मून रहेगा। यानी क्रिसमस की अल सुबह 6 बजकर 11 मिनट पर पूरा चांद बनेगा। ऐसा पहले 1977 में हुआ था और अब वर्ष 2034 में ऐसा संयोग बनेगा। इसलिए लोगों में इस फुल मून क्रिसमस को लेकर भी एक अलग उत्साह बना हुआ है।
यहां होगा क्रिसमस सेलीब्रेशन
अंबाला में मुख्य रूप से क्रिसमस का बड़ा सेलीब्रेशन कैथोलिक चर्च होली रिडिमर चर्च और सीएनएन चर्च सदर बाजार में होगा। इसलिए इन दोनों गिरिजाघरों को खास तरह से सजाया गया है। कैथोलिक चर्च में मदर हाउस से जुड़ी छात्राएं खास कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगी। इसके अतिरिक्त दोनेां गिरिजाघरों में झाकियां व खास सेलीब्रेशन भी किया जाएगा। इसके अलावा माल रोड सीरियन चर्च, सेंट पॉल चर्च, माउंट जिओन चर्च, कैथोलिक चर्च, पीनियल पेंटीकोस्टल चर्च, कंपाउंड चर्च सिटी, मारथोमा सीरियन चर्च, एर्टनल लाइफ चर्च सिटी समेत अन्य गिरिजाघरों में भी क्रिसमस प्रेयर की जाएगी। ये प्रार्थना 24 दिसंबर को देर रात शुरू होगी और आधी रात तक जारी रहेगी।
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अंबाला के पहले चर्च में उमड़ेगी भीड़
अंबाला में वैसे तो कई ऐतिहासिक चर्च है, लेकिन अंबाला में अंग्रेजों द्वारा बनाया गया चर्च आज भी बेहद शानदार और मुख्य आकर्षण का केंद्र है। ये चर्च है लारेंस रोड स्थित होली रिडीमर चर्च। अंग्रेजों की छावनी जब करनाल से अंबाला में शिफ्ट हुई तो अंग्रेजों ने प्रार्थना करने के लिए 1848 में इस चर्च का निर्माण किया था। यहां अंग्रेजों ने केवल दो कमरों में इस चर्च को शुरू किया था। जिसका इस्तेमाल आज रीडिंग रूम और डिसपेंसरी के रूप में किया जा रहा है, लेकिन बाद में धीरे-धीरे इस चर्च को शानदार रूप दिया गया और आज ये चर्च अंबाला में बेहद आकर्षण का केंद्र है। इसलिए कैथोलिक क्रिसमस के दिन इस चर्च में विशेष पूजा में भाग लेने के लिए काफी संख्या में हर वर्ग के श्रद्धालु आते हैं और भगवान यीशु से प्रर्थना कर दुआएं मांगते हैं। इस बार भी इस चर्च में क्रिसमस सेलीब्रेशन कुछ खास रहेगा।
अलग से एक बॉक्स भी भेजा गया है। उसे जोड़ना है।
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दूसरी ओर, इस बार क्रिसमस अन्य वर्षों की अपेक्षाकृत कुछ खास भी रहेगा। क्योंकि इस क्रिसमस सेलीब्रेशन में 38 सालों के बाद फुल मून रहेगा। यानी क्रिसमस की अल सुबह 6 बजकर 11 मिनट पर पूरा चांद बनेगा। ऐसा पहले 1977 में हुआ था और अब वर्ष 2034 में ऐसा संयोग बनेगा। इसलिए लोगों में इस फुल मून क्रिसमस को लेकर भी एक अलग उत्साह बना हुआ है।
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यहां होगा क्रिसमस सेलीब्रेशन
अंबाला में मुख्य रूप से क्रिसमस का बड़ा सेलीब्रेशन कैथोलिक चर्च होली रिडिमर चर्च और सीएनएन चर्च सदर बाजार में होगा। इसलिए इन दोनों गिरिजाघरों को खास तरह से सजाया गया है। कैथोलिक चर्च में मदर हाउस से जुड़ी छात्राएं खास कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगी। इसके अतिरिक्त दोनेां गिरिजाघरों में झाकियां व खास सेलीब्रेशन भी किया जाएगा। इसके अलावा माल रोड सीरियन चर्च, सेंट पॉल चर्च, माउंट जिओन चर्च, कैथोलिक चर्च, पीनियल पेंटीकोस्टल चर्च, कंपाउंड चर्च सिटी, मारथोमा सीरियन चर्च, एर्टनल लाइफ चर्च सिटी समेत अन्य गिरिजाघरों में भी क्रिसमस प्रेयर की जाएगी। ये प्रार्थना 24 दिसंबर को देर रात शुरू होगी और आधी रात तक जारी रहेगी।
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अंबाला के पहले चर्च में उमड़ेगी भीड़
अंबाला में वैसे तो कई ऐतिहासिक चर्च है, लेकिन अंबाला में अंग्रेजों द्वारा बनाया गया चर्च आज भी बेहद शानदार और मुख्य आकर्षण का केंद्र है। ये चर्च है लारेंस रोड स्थित होली रिडीमर चर्च। अंग्रेजों की छावनी जब करनाल से अंबाला में शिफ्ट हुई तो अंग्रेजों ने प्रार्थना करने के लिए 1848 में इस चर्च का निर्माण किया था। यहां अंग्रेजों ने केवल दो कमरों में इस चर्च को शुरू किया था। जिसका इस्तेमाल आज रीडिंग रूम और डिसपेंसरी के रूप में किया जा रहा है, लेकिन बाद में धीरे-धीरे इस चर्च को शानदार रूप दिया गया और आज ये चर्च अंबाला में बेहद आकर्षण का केंद्र है। इसलिए कैथोलिक क्रिसमस के दिन इस चर्च में विशेष पूजा में भाग लेने के लिए काफी संख्या में हर वर्ग के श्रद्धालु आते हैं और भगवान यीशु से प्रर्थना कर दुआएं मांगते हैं। इस बार भी इस चर्च में क्रिसमस सेलीब्रेशन कुछ खास रहेगा।
अलग से एक बॉक्स भी भेजा गया है। उसे जोड़ना है।