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अंबाला: रेलवे में ठेका दिलाने के नाम पर 1 करोड़ 17 लाख 50 हजार रुपये की ठगी, पति-पत्नी नामजद

Wed, 01 Sep 2021 02:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा) Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 01 Sep 2021 02:11 AM IST
सार

मोहित गुप्ता ने बताया कि पैसे लेने के बाद दोषी सतीश गुप्ता उन्हें 2 साल तक गुमराह करता रहा। रेलवे से 2 करोड़ की पेमेंट लेने के नाम पर वह झूठ बोलता रहा। उनकी अंतिम बात 30 सितंबर 2019 को हुई थी।

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In the name of getting contract in railways, cheating of 1 crore 17 lakh 50 thousand rupees, husband and wife nominated
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रेलवे में ठेका दिलाने के नाम पर एक करोड़ रुपये से अधिक की ठगी हो गई। एसपी को जून माह में सौंपी शिकायत की जांच के बाद जो तथ्य सामने आए, अब उसके आधार पर शहर के सेक्टर -9 थाने में दिल्ली निवासी सतीश गुप्ता और उसकी पत्नी के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

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शहर के सेक्टर- 10 निवासी मोहित गुप्ता ने बताया कि दिल्ली निवासी सतीश गुप्ता व उसकी पत्नी ने उनके साथ लगभग 1 करोड़ 17 लाख 50 हजार रुपये की धोखाधड़ी की है, वहीं आरोपी ने परिवार के सदस्यों को झूठे केस में फंसाने और जान से मारने की धमकी भी दी है। मोहित ने बताया कि वह अंबाला में सनशाइन, जेके एग्जिम व गुप्ता स्टील नाम की कंपनी चलाता है।
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यह कंपनी सरकारी ठेका लेती है। वर्ष 2017 में उसके भाई अनीश गुप्ता को दिल्ली के एक मंदिर में उपरोक्त आरोपी सतीश गुप्ता मिला था। उसने बताया था कि वह दिल्ली का ही रहने वाला है और ठेके लेकर रेलवे में सप्लाई करता है। उसकी कंपनी का नाम गिरिवर ग्लोबल सोल्यूशन एंड सर्विसिस है। सतीश ने मोहित को झांसे में लेने के लिए यह भी जानकारी दी कि उसके पास भारतीय रेल के काफी बड़े-बड़े ऑर्डर हैं, अगर वह और उसका भाई दोनों मिलकर उसकी गिरिवर ग्लोबल नामक कंपनी में पैसे लगाएं तो भारतीय रेलवे के ठेकों से काफी मुनाफा कमाया जा सकता है। इसमें वह हिस्सेदारी डाल सकते हैं। इस पर मोहित के भाई अनीश ने सतीश को बताया कि वह तो नौकरी करता है, अगर वह उसके भाई व पिता से मिल लें तो वह पैसे लगा सकते हैं क्योंकि वह अंबाला में ही अपना कारोबार करते हैं।
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उसकी बातों में आकर अनीश ने सतीश गुप्ता को अंबाला बुलाया और अपने भाई मोहित और पिता सुरेंद्र गुप्ता से मिलवाया। मुलाकात के समय आरोपी पति और पत्नी दोनों साथ थे। दोनों ने हिस्सेदारी व मुनाफे की बात कहकर मोहित व पिता सुरेंद्र गुप्ता को भी यकीन दिला दिया कि उनको रेलवे के ठेकों से काफी मुनाफा मिल सकता है। मोहित व उसका परिवार आरोपियों की बातों में आ गया तो वह उनकी फर्म में पैसा लगाने को तैयार हो गए।

मोहित ने अपनी सनशाइन इंडस्ट्री, जेके एग्जिम एवं गुप्ता स्टील से कई बार उपरोक्त आरोपी की फर्म में अंबाला से पैसे भेजे और कई बार सतीश गुप्ता खुद अंबाला आकर मोहित के पिता सुरेंद्र गुप्ता से भी नकद पैसे लेकर गया। इसके बाद मोहित के भाई अनीश गुप्ता को सतीश गुप्ता ने अपनी फर्म में पार्टनर बना लिया। मोहित ने बताया कि शुरू से ही उपरोक्त दोषियों की नीयत ठीक नहीं थी और उन्होंने उसके पैसे सिर्फ गबन करने के लिए ही अपनी फर्म में ट्रांसफर करवाए थे।

2 साल तक पति-पत्नी देते रहे झांसा
मोहित गुप्ता ने बताया कि पैसे लेने के बाद दोषी सतीश गुप्ता उन्हें 2 साल तक गुमराह करता रहा। रेलवे से 2 करोड़ की पेमेंट लेने के नाम पर वह झूठ बोलता रहा। उनकी अंतिम बात 30 सितंबर 2019 को हुई थी। इसके बाद सामाजिक व्यक्तियों ने सतीश गुप्ता को कई बार पैसे लौटाने के लिए कहा, लेकिन वह उन्हें भी गुमराह करता रहा।

पहले खुद था एक कंपनी में कार्यरत
अमर उजाला पड़ताल में सामने आया है कि सतीश गुप्ता पहले खुद दिल्ली की एक कंपनी में कार्यरत था जो खुद रेलवे के ठेके लेती थी। लेकिन अचानक कंपनी बंद हो गई और उसने अपने रसूख के आधार पर खुद की कंपनी शुरू की और रेलवे के ठेके लेने शुरू कर दिए। लेकिन घाटा होने और पैसा फंसने के बाद उसने मोहित गुप्ता को अपने जाल में फंसा लिया। मोहित ने बताया कि अंतिम बार जब सतीश गुप्ता से बात हुई तो उसने बताया कि जिस कंपनी में उन्होंने पैसा लगाया है, वह उसे बंद कर एक नई कंपनी खोल रहा है ताकि उनके पैसों का गबन कर सके।

यह हुआ था लिखित फैसला
मोहित ने बताया कि पैसों को लेकर लिखित में 18 नवंबर 2019 को फैसला हुआ था। इसमें दोषी सतीश गुप्ता ने वादा किया था कि वह उसे 99 लाख 8 हजार 670 रुपये, इसके अलावा स्टाक में से 15 लाख रुपये और एक एफडी 40 लाख रुपये सहित 50 लाख रुपये और 60 लाख रुपये टीडीएस वगैरह दे देगा। उसने बताया कि इस फैसले के मुताबिक भी उसके एक करोड़ रुपये तो पहले ही डूब चुके थे, लेकिन अपने बचे हुए पैसे को बचाने के लिए उसने उस फैसले पर भी हामी भर दी थी। लेकिन इसके बाद भी दोषियों की नीयत खराब रही।

एसपी कार्यालय से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर दिल्ली निवासी सतीश गुप्ता और उनकी पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। शिकायतकर्ता से मामले को लेकर पूछताछ और ट्रांसफर किए गए पैसों की जानकारी मांगी जाएगी। आरोपी को जांच में शामिल होने के निर्देश दिए जाएंगे। उच्चाधिकारियों के मार्ग निर्देशन में पूरी कार्रवाई की जाएगी और दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। -रवि कुमार, जांच अधिकारी, थाना सेक्टर 9, शहर।

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