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Haryana: टांगरी नदी के दूसरे किनारे पर बनें पक्का तटबंध... गृहमंत्री ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
Sun, 23 Jul 2023 09:14 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sun, 23 Jul 2023 09:14 PM IST
सार
टांगरी नदी दोबारा ओवरफ्लो होने पर गृहमंत्री गंभीर नजर आए। उन्होंने सीएम को पत्र लिख मांग की है कि स्टोन पिचिंग से दोनों तटबंध मजबूत हों, माइनिंग की भी इजाजत मिले। इसके अलावा गृहमंत्री ने नदी तल को और गहरा करने का भी आग्रह किया है।
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हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज।
- फोटो : फाइल
विस्तार
हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने भारी बारिश के दौरान टांगरी नदी के ओवरफ्लो होने को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल को नदी के दूसरी तरफ भी पक्का तटबंध बनाने के लिए पत्र लिखा है। विज ने पत्र में नदी के दूसरे छोर पर पक्का तटबंध बनाने के अलावा दोनों तरफ के तटबंध को स्टोन पिचिंग के जरिए मजबूत बनाने का आग्रह किया है। इसके अलावा गृहमंत्री ने नदी से मिट्टी निकलवाकर नदी तल को और गहरा करने का भी आग्रह किया है।
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गौरतलब है कि इस बार पहाड़ों में अत्यधिक बारिश के दौरान टांगरी नदी में ज्यादा पानी आया है। इससे नदी एक छोर से ओवरफ्लो हो गई थी। कई कालोनियों एवं औद्योगिक क्षेत्र में पानी आने से काफी नुकसान हुआ था।
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गृहमंत्री ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कॉलोनियों एवं औद्योगिक क्षेत्र में हुए नुकसान का जिक्र भी किया है। उन्होंने कहा कि इस साल दो बार बाढ़ आने के कारण टांगरी नदी के साथ लगती कॉलोनियों तथा औद्योगिक क्षेत्र में लोगों का बहुत नुकसान हुआ है। टांगरी नदी के तटबंध पर बसी कॉलोनियों में बाढ़ का पानी आ जाता है। इसकी वजह से बहुत जानमाल का नुकसान होता है।
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माइनिंग हो शुरू
गृहमंत्री ने पत्र में कहा है कि पहले टांगरी नदी में माइनिंग होती थी, लेकिन पिछले 15-16 सालों से माइनिंग बंद होने के कारण इस नदी में मिट्टी का लेवल बहुत बढ़ गया हैं। रेलवे लाइन के निकट नदी की गहराई महज चार फीट ही रह गई है। बाढ़ का पानी रेलवे लाइन को छूने की वजह से इस साल अंबाला-सहारनपुर लाइन पर भी रेलमार्ग बाधित हुआ।
महेशनगर ड्रेन हो पक्की
गृहमंत्री ने पत्र में महेशनगर ड्रेन को भी नगर परिषद क्षेत्र में पक्का करने का आग्रह किया है। हालांकि ड्रेन के दोनों सिरों पर कंक्रीट का नाला बना हुआ है, मगर बेहतर पानी निकासी के लिए नगर परिषद क्षेत्र में भी इसे कंक्रीट का बनाने को कहा गया है।