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कर्मचारियों की एक ही दिन की हड़ताल से फूली स्वास्थ्य विभाग की सांसें
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नागरिक अस्पताल में धरने पर बैठे कर्मचारी वेतन देने की मांग करते हुए। संवाद
- फोटो : Ambala
नागरिक अस्पताल के करीब 225 कर्मचारी वेतन न मिलने के कारण मंगलवार को हड़ताल पर चले गए। इसके कारण मंगलवार को नागरिक अस्पताल में स्थिति बिगड़ गई। हालात यह रहे कि ओपीडी में डॉ. से मिलने के लिए मरीज आपस में उलझते नजर आए। बता दें कि ओपीडी के बाहर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की ही पर्ची पकड़ने और लाइन बनाकर मरीज को अंदर भेजने की ड्यूटी लगाई जाती है। उनके नहीं होने से यहां व्यवस्थाएं दिनभर बिगड़ रही। हड़ताल का असर कोरोना की जांच करवाने वाली खिड़की पर भी दिखाई दिया। लोग टेस्ट करवाने के लिए खिड़की खुलने का इंतजार करते दिखाई दिए।
वहीं कर्मचारियों की बगावत का असर ट्रामा सेंटर पर भी दिखाई दिया। यहां आम तौर पर छोटी मोटी चोट लगने के चलते मरीज की मरहम पट्टी तक का काम वार्ड ब्वॉय ही संभाल रहे थे। जिसके सारा बोझ ट्रामा सेंटर में कार्यरत दो स्टाफ नर्स पर पड़ गया। यही नहीं वार्ड ब्वॉय व सफाई कर्मचारियों की कमी नागरिक अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड से लेकर आइसोलेशन वार्ड तक महसूस की गई। इस दौरान मरीजों ने भी कर्मचारियों के सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि आप अपने हक की लड़ाई लड़ो यहां हम खुद ही अपने मरीजों का ध्यान रखने का प्रयास करेंगे।
मैं सुबह से आई हूं, पहले तो पर्ची कटवाने की लाइन में एक घंटा खड़ा होना पड़ा। उसके बाद भीतर आकर डॉक्टर के आने का इंतजार करने लगी। इतनी देर में मुझसे बाद आए लोग बिना नंबर के डॉक्टर को दिखाने जाने लगे।
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- राधा रानी।
मुझे डॉक्टर को दिखाना था। काफी देर से यहां आकर खड़ी हूं। लेकिन न तो कोई कर्मचारी मरीजों की व्यवस्था ही देख रहा है, न ही मरीज नंबर से डॉक्टर को चेक करवा रहे हैं। अगर यहां कर्मचारी होता तो शायद हमें इतनी परेशानी न झेलनी पड़ती।
- सिमरनजीत कौर।
मुझे कोविड का टेस्ट करवाना था। मैं यहां करीब दो घंटे से बैठा हूं। लेकिन पर्ची काटने के लिए कोई कर्मचारी ही खिड़की पर नहीं है। कह रहे हैं कि सभी लोग हड़ताल पर चले गए हैं। ऐसे में अब पता नहीं कि आज मेरा टेस्ट हो पाएगा या नहीं।
- धर्मेंद्र।
यहां कोरोना जांच करवाने के लिए सुबह आया पर पर्ची नहीं कटी। दोपहर को आया हूं तो खिड़की बंद है। कर्मचारी से पूछा तो कह रहे हैं कि जांच करवाने के लिए पर्ची कटवाना अनिवार्य है। लेकिन पर्ची काटेगा कौन इस बात की जानकारी कोई नहीं दे रहा है।
- अमित यादव।
इस मामले में डीजी हेल्थ ने ठेकेदार को बुलाया था। हमने भी ठेकेदार को पहले ही इस बारे में निर्देश दिए हुए थे। ठेकेदार ने मंगलवार को वेतन देने की बात कही थी। संभवत: उनके खाते में कल तक वेतन आ जाएगा और सभी कर्मचारी फिर से सेवाएं शुरू कर देंगे।
-डॉ. कुलदीप सिंह, सिविल सर्जन।
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वहीं कर्मचारियों की बगावत का असर ट्रामा सेंटर पर भी दिखाई दिया। यहां आम तौर पर छोटी मोटी चोट लगने के चलते मरीज की मरहम पट्टी तक का काम वार्ड ब्वॉय ही संभाल रहे थे। जिसके सारा बोझ ट्रामा सेंटर में कार्यरत दो स्टाफ नर्स पर पड़ गया। यही नहीं वार्ड ब्वॉय व सफाई कर्मचारियों की कमी नागरिक अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड से लेकर आइसोलेशन वार्ड तक महसूस की गई। इस दौरान मरीजों ने भी कर्मचारियों के सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि आप अपने हक की लड़ाई लड़ो यहां हम खुद ही अपने मरीजों का ध्यान रखने का प्रयास करेंगे।
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मैं सुबह से आई हूं, पहले तो पर्ची कटवाने की लाइन में एक घंटा खड़ा होना पड़ा। उसके बाद भीतर आकर डॉक्टर के आने का इंतजार करने लगी। इतनी देर में मुझसे बाद आए लोग बिना नंबर के डॉक्टर को दिखाने जाने लगे।
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- राधा रानी।
मुझे डॉक्टर को दिखाना था। काफी देर से यहां आकर खड़ी हूं। लेकिन न तो कोई कर्मचारी मरीजों की व्यवस्था ही देख रहा है, न ही मरीज नंबर से डॉक्टर को चेक करवा रहे हैं। अगर यहां कर्मचारी होता तो शायद हमें इतनी परेशानी न झेलनी पड़ती।
- सिमरनजीत कौर।
मुझे कोविड का टेस्ट करवाना था। मैं यहां करीब दो घंटे से बैठा हूं। लेकिन पर्ची काटने के लिए कोई कर्मचारी ही खिड़की पर नहीं है। कह रहे हैं कि सभी लोग हड़ताल पर चले गए हैं। ऐसे में अब पता नहीं कि आज मेरा टेस्ट हो पाएगा या नहीं।
- धर्मेंद्र।
यहां कोरोना जांच करवाने के लिए सुबह आया पर पर्ची नहीं कटी। दोपहर को आया हूं तो खिड़की बंद है। कर्मचारी से पूछा तो कह रहे हैं कि जांच करवाने के लिए पर्ची कटवाना अनिवार्य है। लेकिन पर्ची काटेगा कौन इस बात की जानकारी कोई नहीं दे रहा है।
- अमित यादव।
इस मामले में डीजी हेल्थ ने ठेकेदार को बुलाया था। हमने भी ठेकेदार को पहले ही इस बारे में निर्देश दिए हुए थे। ठेकेदार ने मंगलवार को वेतन देने की बात कही थी। संभवत: उनके खाते में कल तक वेतन आ जाएगा और सभी कर्मचारी फिर से सेवाएं शुरू कर देंगे।
-डॉ. कुलदीप सिंह, सिविल सर्जन।