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आधा सावन बीता अभी तक औसतन भी नहीं हो पाई बारिश, किसानों को बारिश का इंतजार
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(अंबाला) बराड़ा। सावन में बारिश का इंतजार क्षेत्र के लोगों के लिए लंबा होता जा रहा है। औसत बारिश न होने से क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि उन्होंने इस वर्ष अच्छी बारिश होने की उम्मीद जताई थी लेकिन आधा सावन बीत जाने के बाद भी इस क्षेत्र में मौसम की मेहरबानी नहीं हो रही है।
क्षेत्र के सतपाल, अमरजीत, जगतार सिंह, भूपेंद्र व राकेश का कहना है कि किसान व आमजन सावन माह की बरसात के इंतजार में आसमान में आखें गढ़ाए बादलों को निहार रहे हैं, लेकिन इस बार के मौसम की बेरुखी के कारण न तो अभी तक बारिश नसीब हुई है। आसमान में काले बादल नजर आते हैं। मानसून सावन में पूरे यौवन पर बरसता है। बारिश के बरसात के बिना किसानों की धरती व फसल प्यासी है। फसलें भी पानी के अभाव बेजान दिखने लगी हैं। ट्यूबवेल से जैसे तैसे सिंचाई करके फसल को बचाने की जद्दोजहद की जा रही है, जिसके कारण किसानों को आर्थिक समस्याओं का सामना भी करना पड़ रहा है। विशेषकर उन किसानों को अधिक समस्या हो रही जिनके पास सिंचाई के पर्याप्त साधन उपलब्ध नहीं है।
किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। क्षेत्र में बारिश कम हुई है। फसल को यदि करीब सप्ताह भर में पानी दें तो फसल पर कोई प्रभाव नहीं होगा। केवल जिन किसानों के पास सिंचाई के साधनों की कमी है, उन्हें परेशानी हो सकती है। आने वाले समय में यदि बारिश होती है, तो धान की फसल को फायदा होगा। जानकारी के अभाव में कई किसान फसल पर स्प्रे करते हैं। ऐसा न करें। कृषि विशेषज्ञों से जानकारी लेकर ही स्प्रे करें।
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सुखबीर -नरवाल, कृषि विकास अधिकारी, बराड़ा।
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क्षेत्र के सतपाल, अमरजीत, जगतार सिंह, भूपेंद्र व राकेश का कहना है कि किसान व आमजन सावन माह की बरसात के इंतजार में आसमान में आखें गढ़ाए बादलों को निहार रहे हैं, लेकिन इस बार के मौसम की बेरुखी के कारण न तो अभी तक बारिश नसीब हुई है। आसमान में काले बादल नजर आते हैं। मानसून सावन में पूरे यौवन पर बरसता है। बारिश के बरसात के बिना किसानों की धरती व फसल प्यासी है। फसलें भी पानी के अभाव बेजान दिखने लगी हैं। ट्यूबवेल से जैसे तैसे सिंचाई करके फसल को बचाने की जद्दोजहद की जा रही है, जिसके कारण किसानों को आर्थिक समस्याओं का सामना भी करना पड़ रहा है। विशेषकर उन किसानों को अधिक समस्या हो रही जिनके पास सिंचाई के पर्याप्त साधन उपलब्ध नहीं है।
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किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। क्षेत्र में बारिश कम हुई है। फसल को यदि करीब सप्ताह भर में पानी दें तो फसल पर कोई प्रभाव नहीं होगा। केवल जिन किसानों के पास सिंचाई के साधनों की कमी है, उन्हें परेशानी हो सकती है। आने वाले समय में यदि बारिश होती है, तो धान की फसल को फायदा होगा। जानकारी के अभाव में कई किसान फसल पर स्प्रे करते हैं। ऐसा न करें। कृषि विशेषज्ञों से जानकारी लेकर ही स्प्रे करें।
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सुखबीर -नरवाल, कृषि विकास अधिकारी, बराड़ा।