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Ambala News: डाइट के लिए करनी पड़ी नौकरी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 28 Feb 2025 01:05 AM IST
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Had to do job for diet

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अंबाला। जब हौंसले बुलंद हो और कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तब हालात भी घुटने टेक देते हैं। राज्यस्तर के भारत्तोलन के खिलाड़ी भाई दिनेश कुमार और बहन हिमांशी की खुराक के आगे जब गरीबी आई तो भाई ने पढ़ाई और खेल के साथ साथ पार्ट टाइम जॉब शुरु कर दी अब वह अपनी और अपनी बहन की खुराक का इंतजाम खुद कर रहा है। दिनेश 81 किलोग्राम वर्ग में खेलते हैं तो हिमांशी 49 किलोग्राम भार में खेलती हैं। दोनों के पास 25 के करीब पदक हैं। दिनेश इंटर कॉलेज तो हिमांशी स्कूल नेशनल गेम की तैयारी कर रही है।
दिनेश कुमार ने बताया कि उसके माता और पिता रामधनी मजदूरी का काम करते हैं। वह और उसकी उसकी छोटी बहन हिमांशी दोनों ही भारत्तोलन के राज्यस्तर के खिलाड़ी हैं लेकिन घर की परिस्थितियां ठीक नहीं होने के कारण दोंनों भाई बहन को समय पर खुराक नहीं मिलती थी। जिसके कारण दिनेश पिछले ढाई साल से पढ़ाई और खेल के साथ पार्ट टाइम जॉब भी कर रहा है। इस तरह से वह अपनी और अपनी बहन की खुराक का इंतजाम कर रहा है। जब वह सातवीं कक्षा में था तब जंडली के राजकीय मिडिल स्कूल के पीटी शिक्षक गुरदेव ने उसे भारत्तोलन के लिए सुझाव दिया। इसके बाद दिनेश ने शहर के सेक्टर 10 स्थित राजीव गांधी खेल स्टेडियम में कोच मुध थापा से भारत्तोलन का प्रशिक्षण लेना शुरु किया। तब दिनेश 49 किलोग्राम वर्ग में शुरुआत की अब दिनेश 81 किलोग्राम वर्ग में खेल रहे है। दिनेश को भारत्तोलन का अभ्यास करते हुए सात वर्ष हो गए हैं। दिनेश के अनुसार उसके पास 15 पदक हैं। जो खेल महाकुंभ में ब्रांज, स्कूल गेम्स में ब्रांज, ओपन स्टेट में गोल्ड सहित अन्य पदक जीते हैं। मौजूदा समय में दिनेश इंटर कॉलेज की तैयारी कर रहे हैं।
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तीन साल में जीते 10 पदक, बनी राज्यस्तर की खिलाड़ी
दिनेश ने बताया कि उसकी बहन हिमांशी राज्य स्तर की खिलाड़ी है वह शहर के जंडली स्थित राजकीय मिडिल स्कूल में आठवीं कक्षा की छात्रा है। वह तीन साल से भारत्तोलन का अभ्यास कर रही है। हिमांशी की शुरूआत 40 किलोग्राम भार से शुरु की थी। इसके बाद अब हिमांशी अब 49 किलोग्राम भार में खेल रही है। हिमांशी के पास 10 के करीब पदक हैं। जिसमें चार स्वर्ण पदक हैं। हिमांशी ने स्कूल गेम में स्वर्ण, खेल महाकुंभ में स्वर्ण पदक जीता। इसके साथ ही उसने कई गेम विभिन्न पदक जीते। मौजूदा समय में हिमांशी पढ़ाई के साथ साथ स्कूल नेशनल गेम की तैयारी कर रही है।
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