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भाई-बहन ने जान गवाई, पर्व की खुशी मातम में बदली
ब्यूरो/अमर उजाला अंबाला
Updated Fri, 19 Aug 2016 12:22 AM IST
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बस में चढ़ने के लिए रही यात्रियों की भीड़
- फोटो : Amar Ujala
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गुरुवार को रक्षाबंधन के पर्व की खुशियां उस समय मातम में बदल गई जब दो दर्दनाक हादसों में एक बहन व एक भाई की जान चली गई। बहन जगाधरी से अपने मायके बराड़ा बसंतपुरा में अपने भाई को राखी बांधने के लिए आई थी। लेकिन रेलगाड़ी की चपेट में आ गई।
इसी तरह एक भाई की भी ट्रेन से कटकर मौत हो गई। वह भी अपने घर जा रहा था। दोनों ही मामलों ने रेलवे पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। बहन के शव को तो परिजनों को सौंप दिया है, बल्कि युवक के शव को फिलहाल जीआरपी थाने के फ्रिजर में रखा गया है।
इसके अलावा सरकार की ओर से राखी पर बहनों और पंद्रह साल से कम उम्र के बच्चों के लिए बसों में फ्री यात्रा के लिए दिया गया तोहफा लोगों के लिए आफत बन गया। इस फ्री यात्रा के लिए बहुत सी बहनों ने खूब धक्के खाए और खासी परेशान हुई।
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नहीं बांध पाई भाई को राखी
बराड़ा। रक्षाबंधन के अवसर पर अपने भाई को राखी बांधने आई एक विवाहिता की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। वे जगाधरी अपने ससुराल से अपने भाई के घर रक्षाबंधन पर्व मनाने आई थी। लेकिन इस दौरान उसकी जान चली गई।
जानकारी के मुताबिक राजिंद्र कौर (36) निवासी विश्वकर्मा कॉलोनी जगाधरी, यमुनानगर अपने भाई के घर बंसतपुरा बराड़ा में सास के साथ आ रही थी। इस दौरान भाई के घर पहुंचने से पहले दोनों सास और बहू एमएम अस्पताल में दवाई लेने भी गई। दवा लेने के बाद दोनों बराड़ा रेलवे स्टेशन पहुंची और लाइन पार कर अपने भाई के घर बंसतपुरा की ओर चलने लगी।
वे रेलवे ट्रेक के साथ-साथ ही गुजर रही थी कि अचानक सहारनपुर-अंबाला रेलवे लाइन पर पीछे से आ रही एक पैंसेजर ट्रेन ने महिला को साइड मार दी। ट्रेन की साइड लगने से महिला नीचे गिर गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पाकर आरपीएफ इंस्पेक्टर विश्वेंद्र मीणा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटना का जायजा लिया।
उधर, इस हादसे के बाद महिला के ससुराल और मायके दोनों घर में पर्व के दिन मातम का माहौल बन गया। महिला के शव को परिजनों को सौंप दिया गया है।
ट्रेन से कटकर भाई की मौत
दूसरी ओर सहारनपुर ट्रैक पर ही एक तीस वर्षीय युवक की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। यह युवक राखी के दिन अपने घर जा रहा था। जीआरपी थाने के सब इंस्पेक्टर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। उनके अनुसार युवक कहीं जा रहा था कि अचानक उसे ट्रेन ने अपनी चपेट में ले लिया और उसकी मौत हो गई। उनके अनुसार अभी तक युवक की शिनाख्त नहीं हुई है। इसलिए शव को फ्रिजर में रखवा दिया गया है। उनके अनुसार शव बहुत ही ज्यादा क्षत-विक्षप्त हालत में हैं, इसलिए शिनाख्त में थोड़ी दिक्कत हो रही है।
उधर, बसों में भीड़, बच्चों संग भटकती रहीं महिलाएं
अंबाला कैंट। जिलेभर में जहां रक्षाबंधन का त्योहार धूमधाम से मनाया गया, वहीं बसों में निशुल्क यात्रा करने के लिए महिलाओं को काफी परेशानियां झेलनी पड़ीं। बच्चों के साथ बस में चढ़ने के लिए जहां मशक्कत करनी पड़ी, वहीं कईं महिलाओं को काफी देर तक बसों का इंतजार करना पड़ा। बस स्टैंड अंबाला कैंट सहित अन्य स्टाप पर महिलाओं की काफी भीड़ रही।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने रक्षाबंधन के त्योहार को देखते हुए रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा का तोहफा दिया। इसी के चलते काफी संख्या में बहनें फ्री बस सेवा का लाभ लेने के लिए बस स्टैंड पर पहुंची हुई थी। लेकिन बसों के मौजूदा हालत देखकर बहनों के पसीने छूट गए। हालांकि अंबाला डिपो अफसरों का कहना है कि बहनों के लिए स्पेशल 254 बसें चलाई गई। जिसमें 200 सरकारी और 54 परिवहन समिति की बसें भी शामिल हैं। इन सभी बसों में बहनों व पंद्रह साल से कम उम्र के बच्चों के लिए यात्रा फ्री थी।
इसी का लाभ उठाने के लिए महिलाएं अलसुबह से ही बस स्टैंड पर उमड़ी हुई थी। लेकिन हैरानी यह रही कि इस दौरान 254 बसें भी कम पड़ गई। पुष्पा देवी, बबीता, संध्या, मंजू, कमलेश, दीपा सोबती, संयोगिता, रजनी व निर्मल कौर के अनुसार सरकार का ये कदम बहुत ही सराहनीय है, लेकिन दिक्कत तब हो जाती है, जब बसें कम पड़ जाती हैं। वे सुबह से बस स्टैंड पर बैठी हैं, बसें पहले ही फुल आती हैं और आते ही बसों में घुसने को लेकर इतनी मारामारी हो जाती है कि उनकी हिम्मत ही नहीं पड़ती कि वे भीड़भाड़ वाली बस में यात्रा करें। उनके अनुसार इसलिए सरकार से मांग है कि सरकार अपने बेड़े में बसों की संख्या और ज्यादा बढ़ाए।
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इसी तरह एक भाई की भी ट्रेन से कटकर मौत हो गई। वह भी अपने घर जा रहा था। दोनों ही मामलों ने रेलवे पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। बहन के शव को तो परिजनों को सौंप दिया है, बल्कि युवक के शव को फिलहाल जीआरपी थाने के फ्रिजर में रखा गया है।
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इसके अलावा सरकार की ओर से राखी पर बहनों और पंद्रह साल से कम उम्र के बच्चों के लिए बसों में फ्री यात्रा के लिए दिया गया तोहफा लोगों के लिए आफत बन गया। इस फ्री यात्रा के लिए बहुत सी बहनों ने खूब धक्के खाए और खासी परेशान हुई।
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नहीं बांध पाई भाई को राखी
बराड़ा। रक्षाबंधन के अवसर पर अपने भाई को राखी बांधने आई एक विवाहिता की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। वे जगाधरी अपने ससुराल से अपने भाई के घर रक्षाबंधन पर्व मनाने आई थी। लेकिन इस दौरान उसकी जान चली गई।
जानकारी के मुताबिक राजिंद्र कौर (36) निवासी विश्वकर्मा कॉलोनी जगाधरी, यमुनानगर अपने भाई के घर बंसतपुरा बराड़ा में सास के साथ आ रही थी। इस दौरान भाई के घर पहुंचने से पहले दोनों सास और बहू एमएम अस्पताल में दवाई लेने भी गई। दवा लेने के बाद दोनों बराड़ा रेलवे स्टेशन पहुंची और लाइन पार कर अपने भाई के घर बंसतपुरा की ओर चलने लगी।
वे रेलवे ट्रेक के साथ-साथ ही गुजर रही थी कि अचानक सहारनपुर-अंबाला रेलवे लाइन पर पीछे से आ रही एक पैंसेजर ट्रेन ने महिला को साइड मार दी। ट्रेन की साइड लगने से महिला नीचे गिर गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पाकर आरपीएफ इंस्पेक्टर विश्वेंद्र मीणा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटना का जायजा लिया।
उधर, इस हादसे के बाद महिला के ससुराल और मायके दोनों घर में पर्व के दिन मातम का माहौल बन गया। महिला के शव को परिजनों को सौंप दिया गया है।
ट्रेन से कटकर भाई की मौत
दूसरी ओर सहारनपुर ट्रैक पर ही एक तीस वर्षीय युवक की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। यह युवक राखी के दिन अपने घर जा रहा था। जीआरपी थाने के सब इंस्पेक्टर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। उनके अनुसार युवक कहीं जा रहा था कि अचानक उसे ट्रेन ने अपनी चपेट में ले लिया और उसकी मौत हो गई। उनके अनुसार अभी तक युवक की शिनाख्त नहीं हुई है। इसलिए शव को फ्रिजर में रखवा दिया गया है। उनके अनुसार शव बहुत ही ज्यादा क्षत-विक्षप्त हालत में हैं, इसलिए शिनाख्त में थोड़ी दिक्कत हो रही है।
उधर, बसों में भीड़, बच्चों संग भटकती रहीं महिलाएं
अंबाला कैंट। जिलेभर में जहां रक्षाबंधन का त्योहार धूमधाम से मनाया गया, वहीं बसों में निशुल्क यात्रा करने के लिए महिलाओं को काफी परेशानियां झेलनी पड़ीं। बच्चों के साथ बस में चढ़ने के लिए जहां मशक्कत करनी पड़ी, वहीं कईं महिलाओं को काफी देर तक बसों का इंतजार करना पड़ा। बस स्टैंड अंबाला कैंट सहित अन्य स्टाप पर महिलाओं की काफी भीड़ रही।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने रक्षाबंधन के त्योहार को देखते हुए रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा का तोहफा दिया। इसी के चलते काफी संख्या में बहनें फ्री बस सेवा का लाभ लेने के लिए बस स्टैंड पर पहुंची हुई थी। लेकिन बसों के मौजूदा हालत देखकर बहनों के पसीने छूट गए। हालांकि अंबाला डिपो अफसरों का कहना है कि बहनों के लिए स्पेशल 254 बसें चलाई गई। जिसमें 200 सरकारी और 54 परिवहन समिति की बसें भी शामिल हैं। इन सभी बसों में बहनों व पंद्रह साल से कम उम्र के बच्चों के लिए यात्रा फ्री थी।
इसी का लाभ उठाने के लिए महिलाएं अलसुबह से ही बस स्टैंड पर उमड़ी हुई थी। लेकिन हैरानी यह रही कि इस दौरान 254 बसें भी कम पड़ गई। पुष्पा देवी, बबीता, संध्या, मंजू, कमलेश, दीपा सोबती, संयोगिता, रजनी व निर्मल कौर के अनुसार सरकार का ये कदम बहुत ही सराहनीय है, लेकिन दिक्कत तब हो जाती है, जब बसें कम पड़ जाती हैं। वे सुबह से बस स्टैंड पर बैठी हैं, बसें पहले ही फुल आती हैं और आते ही बसों में घुसने को लेकर इतनी मारामारी हो जाती है कि उनकी हिम्मत ही नहीं पड़ती कि वे भीड़भाड़ वाली बस में यात्रा करें। उनके अनुसार इसलिए सरकार से मांग है कि सरकार अपने बेड़े में बसों की संख्या और ज्यादा बढ़ाए।