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Ambala News: जीआरपी ने बुकिंग काउंटर के कैमरे खंगाले
Fri, 05 Dec 2025 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Fri, 05 Dec 2025 01:00 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। जाली नोट से जुड़े मामले की जीआरपी ने जांच शुरू कर दी है। जीआरपी ने कैंट रेलवे स्टेशन के बुकिंग काउंटर पर लगे कैमरों की फुटेज को खंगाला है। वहीं आरोपी बुकिंग सुपरवाइजर के संबंध में सह कर्मचारियों से भी पूछताछ की है, हालांकि अभी इस जानकारी को साझा नहीं किया गया है।
वहीं इस मामले को लेकर अब जीआरपी की टीम शिकायतकर्ता श्रमिकों से भी पूछताछ करेगी ताकि मामले से जुड़ी पूरी सच्चाई सामने आ सके। इसके लिए भी जीआरपी ने शिकायतकर्ताओं के साथ संपर्क साध लिया है। जीआरपी ने मामले से जुड़े सबूतों सहित जाली नोटों के खुर्द-बुर्द होने का अंदेशा जताया है क्योंकि मामले की जानकारी जीआरपी को 15 घंटे बाद दी गई थी।
ऐसे में आरोपी बुकिंग सुपरवाइजर को काफी समय मिल गया ताकि वो अन्य जाली नोटों को छिपा सके या फिर सबूत मिटा सके, हालांकि जांच टीम का कहना है कि यह मामला जाली नोटों के गिरोह से जुड़ा है या फिर आरोपी कर्मचारी अपने स्तर पर जाली नोट बनाने का काम कर रहा था।
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यह जांच में स्पष्ट होगा। जाली नोट का मामला सोमवार रात को सुर्खियों में आया था। जब हिमाचल से बिहार जाने के लिए कुछ श्रमिक अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर आए थे। यहां अनारक्षित टिकट केंद्र पर तैनात बुकिंग सुपरवाइजर देवेंद्र यादव ने चार श्रमिकों को असली नोट लेकर जाली वापिस कर दिए। जब मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंंचा तो आनन-फानन संबंधित कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया और उसे सीट से हटा दिया गया।
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अंबाला। जाली नोट से जुड़े मामले की जीआरपी ने जांच शुरू कर दी है। जीआरपी ने कैंट रेलवे स्टेशन के बुकिंग काउंटर पर लगे कैमरों की फुटेज को खंगाला है। वहीं आरोपी बुकिंग सुपरवाइजर के संबंध में सह कर्मचारियों से भी पूछताछ की है, हालांकि अभी इस जानकारी को साझा नहीं किया गया है।
वहीं इस मामले को लेकर अब जीआरपी की टीम शिकायतकर्ता श्रमिकों से भी पूछताछ करेगी ताकि मामले से जुड़ी पूरी सच्चाई सामने आ सके। इसके लिए भी जीआरपी ने शिकायतकर्ताओं के साथ संपर्क साध लिया है। जीआरपी ने मामले से जुड़े सबूतों सहित जाली नोटों के खुर्द-बुर्द होने का अंदेशा जताया है क्योंकि मामले की जानकारी जीआरपी को 15 घंटे बाद दी गई थी।
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ऐसे में आरोपी बुकिंग सुपरवाइजर को काफी समय मिल गया ताकि वो अन्य जाली नोटों को छिपा सके या फिर सबूत मिटा सके, हालांकि जांच टीम का कहना है कि यह मामला जाली नोटों के गिरोह से जुड़ा है या फिर आरोपी कर्मचारी अपने स्तर पर जाली नोट बनाने का काम कर रहा था।
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यह जांच में स्पष्ट होगा। जाली नोट का मामला सोमवार रात को सुर्खियों में आया था। जब हिमाचल से बिहार जाने के लिए कुछ श्रमिक अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर आए थे। यहां अनारक्षित टिकट केंद्र पर तैनात बुकिंग सुपरवाइजर देवेंद्र यादव ने चार श्रमिकों को असली नोट लेकर जाली वापिस कर दिए। जब मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंंचा तो आनन-फानन संबंधित कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया और उसे सीट से हटा दिया गया।