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धोखे से करवाई बेटे ने अपनी मां के रिहायशी भवन की रजिस्ट्री, नायब तहसीलदार समेत 5 पर केस

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 06 Aug 2020 01:33 AM IST
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fraud
अंबाला। जिस रिहायशी भवन के लिए मां ने 10.20 लाख रुपयेे का भुगतान किया था। बेटे ने उसी भवन को धोखे से अपने नाम करवा लिया। मां को बेटे की करतूत का तब पता चला जब वह कोर्ट में अपनी बहन के खिलाफ ही गवाही देने पहुंचा था। धोखाधड़ी के इस मामले की पोल खुलने के बाद अब पुलिस ने कैंट के नायब तहसीलदार समेत छह आरोपियों के खिलाफ साजिशन ठगी का मामला दर्ज किया है।
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आरोपियों में परिवादी का बेटा भी शामिल है। जिसे पारिवारिक विवाद की वजह से मां अपनी चल-अचल संपत्ति से बेदखल कर चुकी है। दरअसल बैंक कॉलोनी की रहने वाली 65 वर्षीय संतोष वर्मा ने 4 नवंबर 2014 को नग्गल में एक 60 वर्ग गज भवन की सौदेबाजी पंजाबी मोहल्ला के बंसीलाल से की थी। सौदेबाजी की एवज में विधवा संतोष ने 10.20 लाख का नकद भुगतान कर दिया था। इसकी एवज में आरोपी ने फुल एंड फाइनल रसीद भी संतोष को देकर यह कहा था कि अभी एरिया में रजिस्ट्री बंद है। खुलने के बाद उसके भवन की रजिस्ट्री भी करवा दी जाएगी। संतोष ने बताया कि सौदेबाजी में कर्णपुरी के बलविन्द्र सिंह हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के राज कुमार बख्शी तथा कच्चा बाजार के सुमन कुमार की अहम भूमिका थी। सौदेबाजी के दौरान भवन सुमन कुमार के नाम था। महिला ने बताया कि भुगतान के बाद आरोपियों ने मौके पर ही उसे भवन का कब्जा दे दिया था। साथ ही मकान की मलकीयत व दूसरे सभी ओरिजनल दस्तावेज भी संतोष को दे दिए गए थे। उसने बताया कि इसके बाद उसका लड़का अमित वर्मा अपनी पत्नी डिंपल वर्मा के साथ यहां रहने लगा। परिवादी ने बताया कि उसके बेटे ने बाद में उसे जबरन घर से निकाल दिया था। इसी वजह से अपने बड़े लड़के के साथ मजबूरी वश किराए के मकान में रह रही है। दुर्व्यवहार की वजह से संतोष ने बेटे अमित वर्मा उसकी पत्नी डिंपल वर्मा तथा पोते आरव वर्मा को अपनी चल अचल संपत्ति से बेदखल कर दिया था।
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ऐसी खुली धोखाधड़ी की पोल
संतोष ने बताया कि उसकी बेटी निधि वर्मा का कोर्ट में तलाक का केस चल रहा है। इस केस में उसका बेटा अमित वर्मा अपनी सगी बहन के खिलाफ गवाही देने के लिए पहुंचा था। अदालत में ही कुछ सवालों के जवाब के दौरान अमित ने खुद का मकान होने की बात कही थी। तब संतोष को ठगी होने की भनक लग गई। जांच के बाद पता चला कि दूसरे सभी आरोपियों से मिलकर अमित वर्मा ने 6 फरवरी 2018 को गैर कानूनी तरीके से रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली। परिवादी ने पूरी साजिश में अपने बेटे अमित वर्मा के साथ बंसी लाल , राज कुमार बख्शी, सुमन कुमार, बलविन्द्र सिंह तथा नायब तहसीलदार के शामिल होने का आरोप लगाया है। इसी आधार पर अब कैंट पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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बंद होने के बावजूद हो गई रजिस्ट्री
संतोष ने बताया कि बंद होने के बावजूद उसके भवन की धोखे से रजिस्ट्री हो गई। इसी वजह से साजिश में नायब तहसीलदार ने अहम भूमिका निभाई। वैसे भी ऐसी रजिस्ट्रियों की वजह से कैंट की तहसील पहले ही विवादों में है। प्रोपर्टी डीलरों ने ऐसे ही कई लोगों को सूचना लगाया हुआ है। फुल एंड फाइल पेमेंट की रसीद पर ही ठगी का कारोबार चल रहा है।
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