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Ambala News: फसल अवशेष न जलाने के लिए किसानों को किया जागरूक
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संवाद न्यूज एजेंसी
बराड़ा। पर्यावरण संरक्षण एवं किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करने हेतु खंड कृषि अधिकारी कार्यालय के कर्मचारियों व अधिकारियों द्वारा उपमंडल के गांवों में जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। एसडीएम सतिंद्र सिवाच ने बताया कि शिविर का उद्देश्य किसानों को यह जानकारी देना है कि फसल कटाई के बाद खेतों में बचे पराली (फसल अवशेष) को जलाना न केवल वातावरण के लिए अत्यंत हानिकारक है, बल्कि इससे मिट्टी की उर्वरता घटती है और स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है। खंड कृषि अधिकारी डॉ. रवि कांत ने बताया कि शिविर में कर्मचारियों ने किसानों को पराली जलाने के विकल्प, जैसे कि सुपरसीडर, हैप्पी सीडर, सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम, रोटावेटर आदि यंत्रों, यंत्रों से गांठे बनाना व इन सीटू प्रणाली की बारीकी से जानकारी दी।
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बराड़ा। पर्यावरण संरक्षण एवं किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करने हेतु खंड कृषि अधिकारी कार्यालय के कर्मचारियों व अधिकारियों द्वारा उपमंडल के गांवों में जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। एसडीएम सतिंद्र सिवाच ने बताया कि शिविर का उद्देश्य किसानों को यह जानकारी देना है कि फसल कटाई के बाद खेतों में बचे पराली (फसल अवशेष) को जलाना न केवल वातावरण के लिए अत्यंत हानिकारक है, बल्कि इससे मिट्टी की उर्वरता घटती है और स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है। खंड कृषि अधिकारी डॉ. रवि कांत ने बताया कि शिविर में कर्मचारियों ने किसानों को पराली जलाने के विकल्प, जैसे कि सुपरसीडर, हैप्पी सीडर, सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम, रोटावेटर आदि यंत्रों, यंत्रों से गांठे बनाना व इन सीटू प्रणाली की बारीकी से जानकारी दी।