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तीन हजार ट्रैक्टर लेकर सड़कों पर उतरे किसान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 10 Jan 2021 01:32 AM IST
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Farmers took to the streets with three thousand tractors
10 हजार किसानों की सेना तीन हजार से ज्यादा ट्रैक्टरों पर सवार होकर शनिवार को अंबाला की सड़ों पर उतरी। न प्रशासन को इतने काफिले का अनुमान था न खुद किसानों ने यह सोचा था कि इतना समर्थन मिलेगा। जितनी दूर तक जिसकी नजर गई वहीं तक ट्रैक्टर रैली की ही झलक थी। करीब 10 किलोमीटर लंबे काफिले में किसानों ने नारे लगाते हुए सरकार को आगाह करते हुए कहा कि यह तो ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है, जिसे 26 जनवरी को दिल्ली परेड में दिखाएंगे। किसानों ने बेशक शांतिपूर्ण और अनुशासन में रहते हुए यह रैली निकाली, लेकिन प्रशासन द्वारा सही से व्यवस्था नहीं बनाने और रूट डायवर्ट की प्लानिंग नहीं करने के चलते दिनभर जनता जाम से जूझती रही।
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मंडी में नहीं मिली ट्रैक्टर खड़े करनी की जगह
रैली में अंबाला सिटी और कैंट के एक हजार ट्रैक्टर आने का अनुमान लगाया गया था। परंतु शनिवार सुबह साढ़े 9 बजे तक खाली पड़ी शहर की अनाज मंडी में सवा 10 बजे तक 800 ट्रैक्टरों से भर गई। यही नहीं जितने ट्रैक्टर अनाज मंडी अंदर थे उससे भी करीब चार गुना ट्रैक्टर अनाज मंडी के बाहर व अंबाला हिसार रोड पर सड़क के दोनों तरफ खड़े थे। मसलन जाम की स्थिति पैदा हो गई। इसे संभालने में पुलिस प्रशासन के भी हाथ पांव फूल गए। व्यवस्था बिगड़ते देख किसानों ने अपने सहयोगियों से ट्रैक्टरों को मंडी के अंदर लेकर जाने को कहा। जिसके बाद कुछ व्यवस्था बनी। हजारों की संख्या में पहुंचे किसानों ने सबसे पहले सर छोटू राम को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। अनाज मंडी से शुरू हुई ट्रैक्टर रैली लगभग 10 किलोमीटर का सफर तय कर वापस वहीं समाप्त हुई। इस बीच किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कृषि कानून वापस लेने की मांग की। कई किसानों ने ट्रैक्टर के आगे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का पुतला लगा विरोध व्यक्त किया।
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पहला ट्रैक्टर चक्कर लगाकर वापस पहुंचा उससे चंद मिनट पहले निकला मंडी से आखिरी
काफिले की लंबाई का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जो पहला ट्रैक्टर अनाज मंडी से निकला था। वह अग्रसेन चौक, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ चौक, कालका चौक, किंगफिशर, जंडली, मॉडल टाउन, प्रेमनगर, वापस बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ चौक से होते हुए करीब 10 किलोमीटर लंबे सफर को तय कर अनाज मंडी पहुंचा तो उससे कुछ मिनट पूर्व ही काफिले का आखिरी ट्रैक्टर अनाज मंडी से रवाना हुआ था। इसी कारण इस काफिले को इतिहास के रूप में देखा जा रहा है। लोगों का भी कहना है कि इतना लंबा रोड शो उन्होंने अपनी जिंदगी में आज तक नहीं देखा था, किसानों की ट्रैक्टर रैली ने चुनावी दौर में हुए बड़े बड़े नेताओं के रोड शो को भी पूरी तरह से फेल कर दिया।
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6 घंटे तक अटकी रही पुलिस प्रशासन की सांसें
किसानों की प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली के बाद भी पुलिस इंतजाम अधूरे साबित हुए। बता दें कि कई दिन पहले भाकियू की प्रदेश कार्यकारिणी और अंबाला इकाई ने 9 जनवरी को ट्रैक्टर रैली निकालने की घोषणा कर दी थी। इसके बाद भी अंबाला पुलिस यातायात को संभालने के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं कर पाया। इस कारण जगह जगह जाम की स्थिति बनी रही और लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
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