विज के काफिले पर पथराव: प्रदर्शन के बाद आरोपी किसान रिहा, भाजपाइयों का आरोप-प्रदर्शनकारियों के पास थीं तलवारें
करीब 5 बजे पुलिस प्रशासन द्वारा किसानों को रिहा किया गया और किसान शंभू बॉर्डर की ओर रवाना हो गए। उसके बाद जाकर पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।
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हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज के काफिले पर छावनी के सुंदर नगर में बुधवार देर रात प्रदर्शनकारियों द्वारा किए पथराव के मामले में गिरफ्तार किसानों को पुलिस ने शाम को रिहा कर दिया। इससे पहले पूरा दिन इस मामले में प्रदर्शन होते रहे। किसानों की गिरफ्तारी की जानकारी किसानों व किसान नेताओं को लगी तो करीब 11 बजे तक बड़ी संख्या में भीड़ पुलिस लाइन के शौर्य चौक पर जमा हो गई।
किसानों की भीड़ जमा होते ही पुलिस के हाथ पांव फूल गए।
किसानों का कहना था कि जब तक हमारे साथी रिहा नहीं किए जाते, तब तक हम यहां से एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे। रेस्ट हाउस में छह सदस्यीय किसान कमेटी व पुलिस की ओर से दो डीएसपी व प्रशासन की तरफ से छावनी व शहर के एसडीएम के बीच करीब एक घंटा मैराथन बैठक चली और रिहाई के बाद मामला शांत हुआ। करीब 5 बजे पुलिस प्रशासन द्वारा किसानों को रिहा किया गया और किसान शंभू बॉर्डर की ओर रवाना हो गए। उसके बाद जाकर पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।
भाजपाइयों ने घेरा पड़ाव थाना
इससे पहले विज के काफिले में एक पुलिस पीसीआर का शीश टूटने के बाद सैकड़ों की संख्या में भाजपाई एकजुट हो गए और हमलावर प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी को लेकर पड़ाव थाने का घेराव कर दिया। करीब दो घंटे तक थाने के बाद जहां भाजपाई गृहमंत्री अनिल विज की सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ प्रदर्शनकारियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग उठाई, वहीं उनका कहना था कि जो प्रदर्शन कर रहे थे उनके पास तलवारें व डंडे तक थे और वे हमला करने की फिराक में थे।
प्रदर्शन कर रहे सदर मंडल के प्रधान राजीव डिंपल ने बताया कि प्रदर्शनकारियों के पास से पुलिस ने तलवारें तक बरामद की है और उन्हें अपने कब्जे में ले लिया। भाजपाइयों ने मंत्री विज के काफिले पर प्रदर्शन करने वालों को किसान न मानकर बल्कि कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता बताया है जोकि जानबूझ कर माहौल खराब करना चाहते थे। किसान तो शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे हैं। मौके पर डीएसपी रामकुमार भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। उनका कहना था कि मंत्री विज अपने कार्यालय में तैनात पीए के निवास स्थान से वापस घर लौट रहे थे कि उनका विरोध हुआ। एक पुलिस पीसीआर पर भी पत्थर मारे गए थे और गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज हो रखा है और गिरफ्तारियां भी हो रही है।
रिहा होते ही फूल मालाएं डालकर किसानों का हुआ भव्य स्वागत
शाम करीब 5 बजते ही जैसे ही पुलिस ने शौर्य चौक पर गाड़ियां रोकी और पुलिस ने किसानों को उतारा तो सभी किसानों का हार माला डालकर भव्य स्वागत किया गया। किसान भी पुलिस की गाड़ी से उतरते हुए काफी उत्साहित दिखाई दिए। एक दूसरे को गले लगाते हुए जीत की बधाई दी। किसान नेताओं ने कहा कि भविष्य में भी अगर पुलिस हम किसानों को गिरफ्तार करती है तो वह एक बार फिर एकजुट होकर प्रशासन को याद दिलवाएंगे कि हम वह किसान हैं जो किसी के दबाव में आकर पीछे हटने वाले नहीं है।
किसान बोले पुलिस ने की ज्यादतियां, घसीटकर वाहनों में डाला
किसानों ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से धरने के बाद जाम लगा रहे किसानों से पुलिस ने बर्बारतापूर्ण व्यवहार किया। किसानों को घसीटते हुए उन्हें वाहनों में डाला गया। इस दौरान कई किसानों के कपड़े भी फट गए। किसान नेता सुखविंद्र जलबेहड़ा ने कहा कि किसानों की मांग केवल यही थी कि उनके सहयोगियों को छोड़ा जाए। रातभर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया। जब सुनवाई नहीं हुई तभी मजबूरी में धरने पर बैठे थे। इस बारे में किसानों को घसीटते हुए वीडियो भी वायरल हुआ है।