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किसान नेताओं की प्रशासन को चेतावनी: खेत कटने के बाद तीन दिन में करें पराली का समाधान, नहीं तो जलाएंगे किसान

Mon, 09 Oct 2023 03:00 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला सिटी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला सिटी (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Mon, 09 Oct 2023 03:00 AM IST
सार

भाकियू शहीद भगत सिंह नेताओं ने प्रशासन को चेतावनी दी है। बैठक के बाद किसानों ने गांव माजरी में आकर खेत में आग लगाई और प्रदर्शन किया। प्रशासन द्वारा किसानों पर दो केस दर्ज करने के बाद किसानों ने बैठक की।

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Farmer leaders' warning to the administration: Solve the stubble within three days after fields are harvested
बैठक में मौजूद लोग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

खेतों में पराली के अवशेष जलाने को लेकर अंबाला प्रशासन व किसान आमने-सामने हो गए हैं। जहां प्रशासन ने जिले में पराली के अवशेष जलाने पर चालान करने गई टीम कर्मचारियों को बिठाने पर किसानों पर दो केस दर्ज किए, वहीं अब प्रशासन को भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के नेताओं ने खुली चेतावनी दी है। किसानों ने यूनियन के नेतृत्व में गांव मरदों साहिब गुरुद्वारा में बैठक की। 

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यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरजीत सिंह मोहड़ी ने कहा कि फसल कटने के बाद प्रशासन ने तीन दिन में किसान के खेत से पराली का कोई समाधान नहीं किया तो वह पराली को खेत में ही आग लगाएंगे। प्रशासन रोक सकता है तो रोक ले। चाहे उनके ऊपर केस किया जाए या जुर्माना किया जाए। किसान पीछे नहीं हटेंगे। यह भी आंदोलन का ही हिस्सा है। मोहड़ी ने कहा कि जिन किसानों के साथ धक्का होगा, उनके साथ भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह खड़ी होगी। 
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बता दें कि बीते दिनों से किसान और प्रशासन पराली में आग लगाने को लेकर आमने-सामने हैं। किसानों ने जहां चालान काटने आए कर्मचारियों को बिठा लिया था। वहीं प्रशासन की तरफ से भी इसको लेकर दो केस दर्ज किए। इसके बाद किसानों ने बैठक की।
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प्रशासन को 2.30 बजे खेत में आग लगाने की चेतावनी दी, किसानों ने आग भी लगाई
मरदों साहिब गुरुद्वारा में भाकियू नेताओं ने किसानों को संबोधित किया। करीब एक बजे बैठक खत्म हुई। यूनियन जिला प्रधान गुरमीत सिंह माजरी ने कहा कि कृषि विभाग द्वारा किसानों पर पराली जलाने को लेकर पर्चे दर्ज किए जा रहे हैं और चालान कर जुर्माना लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों का धान की वेस्टेज या फाने मिट्टी में मिलाने के लिए आठ से 10 हजार का खर्च होता है। 15 दिन का समय चाहिए, लेकिन किसानों की सरसों व आलू लगाने का समय लेट होता जा रहा है। 

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार स्वामीनाथन की रिपोर्ट लागू करे। इसके बाद किसान खेत में आग न लगाने पर विचार करेंगे। प्रधान गुरमीत सिंह ने कहा कि बैठक में किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी थी कि वह 2.30 बजे गांव माजरी में जाकर पराली में आग लगाएंगे और इसके बाद किसानों ने वहां जाकर खेत में आग भी लगाई और प्रदर्शन किया।

प्रशासन ने कसी कमर, मगर यूनियन के गढ़ में चालान करना भी चुनौती
कृषि विभाग ने पराली के अवशेष जलाने को रोकने के लिए अपनी कमर कस ली है। जिले में करीब 400 गांव में टीमें चालान काटने के लिए पहुंच रही हैं। नारायणगढ़, मुलाना एरिया में 50 प्रतिशत धान की फसल कट चुकी है, लेकिन अब अंबाला खंड वन के एरिया में 90 प्रतिशत फसल कटनी बाकी है। ऐसे में प्रशासन के सामने अंबाला खंड वन में आने वाले दिनों किसानों से निपटना चुनौती भी होगा, क्योंकि यहां यूनियन सदस्य सक्रिय रहते हैं। 

युवा किसान ने भी दी चेतावनी, किसान ऐसे ही खेतों में आग लगाएंगे
गांव जलबेड़ा के युवा किसान नवदीप सिंह ने सोशल मीडिया पर प्रशासन को खुली चुनौती भी दी। इसको लेकर वीडियो वायरल हो गया। वीडियो में नवदीप ने कहा कि जेड़ा एसडीओ परसों पर्चा करके गया मुंड़े ते, वो आए तीन बजे तैनु आग दे नाल साड़ांगे। वीडियो में नवदीप ने किसानों को कहा कि बेनती आ सारेयां नू आग लाओ दब के, किसान यूनियन थोडे नाले है। किसे ते वी पर्चा हुंदा है तो सारेयां दी पैरवी करांगे। किसे ने चालान नहीं भरना है। साडा आग लाए बिना गुजारा नहीं है। फैक्ट्री वाले पूरे साल प्रदूषण फैलाते हैं, उनके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं होती और किसान 15 दिन पराली में आग लगाता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए चालान किए जाते हैं। हालांकि अमर उजाला इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।

चालान करने गई टीम को किसानों ने बिठाया तो दो केस दर्ज हुए
दरअसल, बीते दिनों गांव जटवाड़ व शाहपुर में पराली के अवशेष जलाने पर टीम कार्रवाई करने के लिए गई थी, मगर इन टीम कर्मचारियों को किसानों ने वहीं बिठा लिया था और मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों को बुलाने की मांग की थी। किसानों का कहना था कि जब बाढ़ आई तो उनका हाल जानने कोई नहीं आया और अब उनके चालान किए जा रहे हैं। वहीं, टीम सदस्यों को बिठाने पर प्रशासन ने केस दर्ज किए थे।


रविवार दोपहर तक कुल 58 चालान कर 70 हजार का जुर्माना लगाया गया। हर गांव में उनकी तीन सदस्यीय टीम चालान काटने के लिए पहुंच रही है। हर टीम के पास 7 से 8 गांव हैं। उनके विभाग के भी 70 से ज्यादा स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है और कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं। अढ़ाई एकड़ तक आग लगाने पर 2500 रुपये, पांच एकड़ तक पांच हजार रुपये और पांच एकड़ से ऊपर अगर कोई किसान पराली में आग लगाता है तो 15 हजार रुपये तक का जुर्माना किया जा रहा है। खेत से पराली उठाने को लेकर विभाग के पास कोई समाधान नहीं है। अगर कहीं आग लगाई जाती है तो विभाग अपनी कार्रवाई करेगा। - जसविंद्र सिंह, उप निदेशक, कृषि विभाग।

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