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26 को काला दिवस मनाएंगे किसान, हर गांव में जलाएंगे सरकार का पुतला

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 19 May 2021 01:52 AM IST
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Farmer agitation on Delhi border, farmer dies of heart attack,amabala news
अंबाला सिटी। आंदोलन के छह माह पूरे होने के बावजूद सुनवाई न होने पर किसानों ने 26 मई को काला दिवस मनाने का एलान कर दिया है। संयुक्त किसान मोर्चा के एलान किया है कि 26 मई को प्रत्येक गांव में सरकार का पुतला जलाकर विरोध जताया जाएगा।
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विरोध प्रदर्शन के तहत तय किया गया है कि हर किसान अपने-अपने घर की छत पर, बाइक पर, ट्रैक्टर व अन्य जगहों पर काला झंडा लगाकर विरोध जताएगा। विरोध के लिए शंभू बॉर्डर पर भी किसान नेता किसानों को तैयारी करने के लिए कह रहे हैं। किसानों का यह भी कहना है कि जब तक सरकार किसान विरोधी कृषि कानूनों को वापस नहीं ले लेती है, हमारा आंदोलन जारी रहेगा।
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कोरोना के कारण पिछले काफी समय से किसान आंदोलन के कार्यक्रमों को स्थगित कर रहे थे। लेकिन सरकार ने जो हिसार में किसानों पर लठ बरसाएं है। वह बहुत ही निंदनीय है। सरकार के ऐसे रुख ने किसानों में सरकार के खिलाफ विरोध करने का नया जोश भर दिया है। अब तो सरकार को यह कृषि कानून वापस लेने ही होंगे। -नायब सिंह, किसान।
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हम तो शुरू से ही आंदोलन के साथ खड़े हैं और जब तक सरकार इन कृषि कानूनों को वापस नहीं ले लेती है। हमारा आंदोलन इसी प्रकार जारी रहेगा। सरकार को अब इन कृषि कानूनों को वापस लेना ही होगा। अब 26 मई को हम किसान काला दिवस मनाते हुए सरकार का विरोध जताएंगे। जिससे सरकार को भी पता चले कि किसान कृषि कानूनों के कितने खिलाफ है। - अमर सिंह, किसान।
सरकार अब किसानों के सब्र की परीक्षा ले रही है। क्योंकि कोरोना महामारी में बने हालातों को देखते हुए किसानों ने अपने आंदोलनों को थोड़ा थाम रखा था लेकिन सरकार ने हिसार में किसानों पर जो लाठियां बरसाई है। उसका विरोध हम किसान 26 मई को काला दिवस मनाकर दिखाएंगे। - अमर सिंह, किसान।

हम एक्स सर्विसमैन शुरू से ही किसानों के साथ है, लेकिन सरकार है कि किसानों की सुन ही नहीं रही है। अगर सरकार जल्द ही कृषि कानूनों की वापसी को लेकर कोई निर्णय नहीं लेती है तो एक्स सर्विस मैन के बच्चे जो आर्मी में हैं, वे भी आंदोलन का हिस्सा बन जाएंगे। इसके बाद सरकार को कृषि कानून वापस लेने ही होंगे। - दीदार सिंह, किसान।
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