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Ambala News: एमएसएनसीयू में लगाए लाखों के उपकरण, टीम बनाएगी रिपोर्ट
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अंबाला सिटी। जुलाई महीने से चलाए जा रहे एमएसएनसीयू (मदर स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट) को लेकर सोसायटी फॉर एप्लाइड स्टडीज की टीम अब अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। इसके बाद अन्य जिलों में भी यह यूनिट बनाई जाएंगी। बीते छह महीने में टीम ने एमएसएनसीयू वार्ड में सुविधाओं और संसाधनों को बेहतर बनाने के लिए मशीनें व अन्य उपकरण जुटा लिए हैं।
जिनका इस्तेमाल भी किया जा रहा है। अब टीम फरवरी माह तक का डॉटा तैयार कर नवजातों की मौत में होने वाली दर का आंकलन करेगी। इसकी रिपोर्ट सरकार और डब्ल्यूएचओ को भेजेगी। रिपोर्ट के आधार पर बदलाव किए जाएंगे।
छह महीने में ये हुआ सुधार
बीते छह माह में एमएसएनसीयू वार्ड में सरकार की ओर से बच्चों के लिए पांच सीपैप मशीनें आई हैं। इसके बाद छह नए रेडियंट वार्मर मंगवाए गए हैं, जिनसे बच्चों को उचित तापमान दिया जा सके। वहीं बच्चों को दी जाने वाली दवा का मिश्रण बनाने के लिए भी लैमिनार फ्लो मशीन भी मंगवाई गई है।
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इस मशीन से दवा देते हुए दवा पर किसी भी तरह से हाथों का स्पर्श नहीं होगा। संक्रमण का खतरा भी घट जाता है। इसके साथ ही वार्ड में जाने के लिए कार्ड वाली मशीन लगाई गई है। जिसके पास कार्ड होगा वही वार्ड में जा सकेगा। प्रसव के बाद महिलाओं को पट्टी करवाने के लिए पहले तल पर नहीं जाना पड़ेगा। ऊपरी तल पर ही इसकी व्यवस्था कर दी गई है।
सरकार ने पॉलिसी में किया शामिल
एमएसएनसीयू को सरकार ने अब अपनी पॉलिसी में शामिल कर लिया है। इसके आधार पर अब प्रत्येक जिले में एमएसएनसीयू बनाई जाएगी। इसके लिए अंबाला का ग्राउंड प्लान इस्तेमाल किया जाएगा। अंबाला में किए गए बदलावों के आधार पर ही अन्य जिलों में कार्य किया जाएगा। हरियाणा में सिर्फ अंबाला में ही एमएसएनसीयू को शुरू किया गया है।
हमारी ओर से नवजात बच्चों को लेकर सभी संसाधन जुटाए गए हैं। समय- समय पर स्वास्थ्य कर्मियों को भी प्रशिक्षित किया जाता है। अब हमारी टीम इस आधार पर डॉटा तैयार कर सरकार को भेजेगी। इसके बाद जो कमी होगी उसे भी दूर किया जाएगा।
डॉ तरुण, जिला नोडल अधिकारी सोसायटी फॉर एप्लाइड स्टडीज अंबाला।
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जिनका इस्तेमाल भी किया जा रहा है। अब टीम फरवरी माह तक का डॉटा तैयार कर नवजातों की मौत में होने वाली दर का आंकलन करेगी। इसकी रिपोर्ट सरकार और डब्ल्यूएचओ को भेजेगी। रिपोर्ट के आधार पर बदलाव किए जाएंगे।
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छह महीने में ये हुआ सुधार
बीते छह माह में एमएसएनसीयू वार्ड में सरकार की ओर से बच्चों के लिए पांच सीपैप मशीनें आई हैं। इसके बाद छह नए रेडियंट वार्मर मंगवाए गए हैं, जिनसे बच्चों को उचित तापमान दिया जा सके। वहीं बच्चों को दी जाने वाली दवा का मिश्रण बनाने के लिए भी लैमिनार फ्लो मशीन भी मंगवाई गई है।
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इस मशीन से दवा देते हुए दवा पर किसी भी तरह से हाथों का स्पर्श नहीं होगा। संक्रमण का खतरा भी घट जाता है। इसके साथ ही वार्ड में जाने के लिए कार्ड वाली मशीन लगाई गई है। जिसके पास कार्ड होगा वही वार्ड में जा सकेगा। प्रसव के बाद महिलाओं को पट्टी करवाने के लिए पहले तल पर नहीं जाना पड़ेगा। ऊपरी तल पर ही इसकी व्यवस्था कर दी गई है।
सरकार ने पॉलिसी में किया शामिल
एमएसएनसीयू को सरकार ने अब अपनी पॉलिसी में शामिल कर लिया है। इसके आधार पर अब प्रत्येक जिले में एमएसएनसीयू बनाई जाएगी। इसके लिए अंबाला का ग्राउंड प्लान इस्तेमाल किया जाएगा। अंबाला में किए गए बदलावों के आधार पर ही अन्य जिलों में कार्य किया जाएगा। हरियाणा में सिर्फ अंबाला में ही एमएसएनसीयू को शुरू किया गया है।
हमारी ओर से नवजात बच्चों को लेकर सभी संसाधन जुटाए गए हैं। समय- समय पर स्वास्थ्य कर्मियों को भी प्रशिक्षित किया जाता है। अब हमारी टीम इस आधार पर डॉटा तैयार कर सरकार को भेजेगी। इसके बाद जो कमी होगी उसे भी दूर किया जाएगा।
डॉ तरुण, जिला नोडल अधिकारी सोसायटी फॉर एप्लाइड स्टडीज अंबाला।