आठ और मरीजों को डेंगू, हालात हो रहे बेकाबू
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जिला में डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है, जबकि स्वास्थ्य विभाग के हाथ पांव भी फूल गए हैं। जिला में आठ और मरीजों को डेंगू की पुष्टि हुई है, जबकि ऐसे मरीजों की संख्या 19 हो चुकी है। नारायणगढ़ के सिविल अस्पताल से भी संदिग्ध बुखार से पीड़ित मरीजों को अंबाला सिटी सिविल अस्पताल रेफर किया गया है। दूसरी ओर बलदेव नगर में भी सोमवार को महिला की संदिग्ध बुखार से मौत हो चुकी है। इसके अलावा संदिग्ध बुखार से पीड़ित मरीज भी विभाग की नींद उड़ा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि जिला अंबाला में डेंगू का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। इससे अब तक जहां दो मरीजों की मौत हो चुकी है, वहीं 19 मरीजों को डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। इन मरीजों का सिविल अस्पताल में इलाज किया जा रहा है, जबकि कईंयों की हालत में सुधार भी बताया जा रहा है। जिला स्वास्थ्य विभाग की मानें, तो डेंगू के मरीजों का पूरी तरह से इलाज किया जा रहा है। विभाग का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जिसे डेंगू की पुष्टि हो रही है, उसकी स्थिति रोजाना चैक की जा रही है, ताकि उनकी प्लेटलेट्स की संख्या का रोजाना पता चल सके। बताया जा रहा है कि नारायणगढ़ के सिविल अस्पताल से भी कुछ संदिग्ध बुखार से पीड़ित मरीजों को सिटी सिविल अस्पताल रेफर किया गया था।
संदिग्ध बुखार से महिला की मौत सिटी के बलदेव नगर के राज विहार की रहने वाली शांता कुमारी की संदिग्ध बुखार से मौत हो गई। बताया जाता है कि महिला पिछले कई दिनों से बीमार थीं। कुछ दिनों के लिए महिला का इलाज सिटी के एक निजी अस्पताल में भी किया गया। लेकिन उनकी तबीयत अधिक खराब होने पर मरीज को पीजीआई चंडीगढ़ ले जाया गया। चिकित्सकों की तमाम कोशिश के बावजूद शांता कुमारी को नहीं बचाया जा सका।
जिला में फिलहाल डेंगू के 19 मरीज अब तक सामने आ चुके हैं। इनमें से कई की हालत में सुधार है। जहां तक बलदेव नगर की रहने वाली महिला शांता कुमारी का मामला है, बेशक वह बुखार से पीड़ित थी, लेकिन मौत का कारण कुछ और है। इस संबंध में विभाग के दो डिप्टी सिविल सर्जन उपचार की रिपोर्टों की जांच कर रहे हैं। उसके बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। -डॉ. विनोद गुप्ता, सीएमओ, अंबाला
डेंगू और मलेरिया का खतरा बढ़ा, लोगाें में दहशत रविवार को हुई झमाझम बारिश के बाद अंबाला में डेंगू व मलेरिया का खतरा और बढ़ गया है। ट्विन सिटी में बारिश के बाद जमा हुआ पानी मच्छरों से खतरे को बढ़ा रहा है। इसके अलावा गंदगी के हालात भी इस स्थिति को बढ़ा रहे हैं। हालांकि प्रशासन दावा का रहा है कि नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग मिलकर साफ सफाई में जुटे हैं, लेकिन स्थिति कुछ और ही बयां कर रही है।
यह हैं प्रशासन के दावे
जिला प्रशासन की बैठक के दौरान यह निर्देश दिए गए थे कि नगर निगम और जिला स्वास्थ्य विभाग मिलकर अंबाला में काम करेंगे। इस दौरान जहां सफाई व्यवस्था पर फोकस किया जाएगा, वहीं स्वास्थ्य विभाग फोगिंग आदि भी करवाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने फोगिंग का रूट प्लान तैयार किया, वहीं निगम ने भी साफ सफाई के लिए अपना बंदोबस्त किया।
यह है स्थिति तमाम दावों के बावजूद ट्विन सिटी में हालात सामान्य नहीं है। जो दावे बैठक के दौरान किए गए थे, वह हकीकत में जमीन पर नहीं उतरे। ट्विन सिटी में जहां गंदगी के ढेर लगे हुए है, वहीं बारिश के पानी की निकासी नहीं है। कैंट के रामबाग रोड पर जहां गंदगी के ढेर हैं, वहीं हाउसिंग बोर्ड कालोनी के आसपास भी यही हालात हैं। इसके अलावा कालोनियों केे खाली प्लाटों में बारिश का पानी जमा है, जिसकी निकासी के लिए अभी तक कोई खास कदम नहीं उठाया गया है। स्थानीय लोगों की मानें, तो बारिश के बाद तो हालात बदतर हो जाते हैं जिससे मच्छरों की फौज पनप जाती है। सीजन में भी फोगिंग एक या दो बार होती है, जबकि निगम तो बारिश के पानी की निकासी का इंतजाम ही ठीक से नहीं कर पाया।
ठहरे पानी से मच्छरों के पनपने का खतरा डा. तरुण प्रसाद का कहना है कि मलेरिया फैलाने वाले मच्छर अक्सर घरों के आसपास गहरे गड्ढों व नालों में खड़े पानी, छत पर पड़े टायर, रबड़ के डिब्बे व घरों के आसपास में अस्वच्छता के माहौल में मच्छर पनपते है। इसके अलावा डेंगू बीमारी फैलाने वाले मच्छर अक्सर साफ पानी में उत्पन्न होते है । मकान पर रखी पीने के पानी की टंकी, कूलर में डाला गया पानी व फ्रिज व उसके पिछले हिस्से में जमा होने वाले पानी सहित पानी एकत्रित होने वाले कई अन्य जगहों पर मच्छर अपने अंडे देते हैं।
स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी व सुविधा * मरीज को तेज बुखार आता है * सिर के अगले हिस्से में तेज दर्द, शरीर के किसी भी भाग नाक, मुंह इत्यादि से खून आना अथवा पेशाब से खून आना * यह लक्षण दिखाई देने पर तुरंत सरकारी अस्पताल में संपर्क कर्रें * रोगी प्राईवेट अस्पताल में दाखिल है तो भी ब्लड सैंपल की निशुल्क जांच सिविल अस्पताल अंबाला शहर में करवा सकता है * डेंगू से बचने के लिए पूरी बाजू के कपडे पहनें * सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें * घर के आस पास कूड़ा-कर्कट, गंदगी व पानी इकठ्ठा न होने दें * बुखार होने पर एस्प्रीन, ब्रूफिन, इबूब्रूफिन तथा कोंबिफलेम इत्यादि दवाइयों का उपयोग न करें * केवल पैरासिटामोल दवा का प्रयोग किया जा सकता है
जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं, जबकि प्रशासन सिर्फ दावों में राहत देता दिखाई दे रहा है। डेंगू व मलेरिया को लेकर न तो सफाई व्यवस्था ढंग से की जा रही है और न ही गंदे अथवा बरसाती पानी की निकासी है। यदि यही हालात रहे, तो इन बीमारियों से कैसे बचा जा सकता है। -रमेश बंसल, प्रधान, एमआईजी हाउसिंग बोर्ड कालोनी वेलफेयर एसोसिएशन, अंबाला कैंट
प्रशासन नियमित तौर पर साफ सफाई करवाए और बरसाती पानी की निकासी ठीक से हो, तो ही ऐसी बीमारियों से बचा जा सकता है। ठीक से फोगिंग की जाती है। सारा मामला लोगों पर डाल दिया जाता है कि वे भी अपने स्तर पर अपने घरों के आसपास व्यवस्थाएं बनाएं। इसमें भी प्रशासन को सख्त होना होगा और लापरवाही बरतने वाले लोगों पर कार्रवाई करे। -आनंद मोहन शुक्ला, समाज सेवी अंबाला कैंट
उप सिविल सर्जन डाक्टर नीलम डोगरा की अध्यक्षता में एक टीम ने वार्ड नंबर 20 का दौरा किया। सफाई कर्मियों को भी प्रभावी तरीके से सफाई करने के निर्देश दिए गए हैं। लोग भी घरों के आस पास पानी खड़ा न होने दें और घर के अंदर की सफाई के साथ-साथ आसपास भी सफाई बनाएं रखें। फिलहाल जिला में 19 मरीजों को डेंगू की पुष्टि हुई है, जिनका इलाज किया जा रहा है, जबकि कईयों की हालत में सुधार है। -डॉ. विनोद गुप्ता, सिविल सर्जन, अंबाला