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लाइसेंस के लिए वाहन चालकों को एसडीएम के समक्ष देना होगा टेस्ट
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वाहन चालक को लाइसेंस के लिए अब खुद ही तहसील कार्यालय में बने अंत्योदय सरल केंद्र में आकर फाइल जमा करवानी होगी। इसके बाद एसडीएम के समक्ष बैठकर लर्निंग लाइसेंस का कंप्यूटर पर टेस्ट देना होगा। वहीं पक्के लाइसेंस के लिए भी वाहन चालक को एसडीएम के समक्ष ही वाहन चलाकर दिखाना होगा। दोनों टेस्ट में पास होने पर ही चालक को लाइसेंस मिलेगा।
छावनी की नवनियुक्त उपमंडल अधिकारी यानी एसडीएम नीशू सिंघल ने कार्यभार संभालते ही व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एसडीएम ने संबंधित स्टाफ को सख्त हिदायत दी है कि अब लोगों को खुद ही वाइन लाइसेंस से जुड़ी फाइल जमा करवानी होगी। तभी उसकी फीस काटकर आगामी कार्रवाई आरंभ की जाएगी। इसके बाद धारक को एसडीएम के कार्यालय में अतिरिक्त कंप्यूटर पर लर्निंग लाइसेंस के लिए टेस्ट देना होगा। अगर पास हुए तो लाइसेंस बनेगा, अन्यथा दोबारा टेस्ट देना होगा। एसडीएम ने तुरंत प्रभाव से इस प्रक्रिया को आरंभ कर दिया है और रोजाना वाहन चालक उनके कार्यालय में ही आकर टेस्ट दे रहे हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले छावनी तहसील में अंत्योदय सरल केंद्र में सुबह 9 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक दर्जनों एजेंटों का जमावड़ा लगा रहता था। यहां एजेंट 10 फाइलें लेकर आते थे और उनकी कागजी प्रक्रिया पूरी करवाते थे। इसके बाद टेस्ट भी सिर्फ दिखावे के तौर पर ही होता था। आधी-अधूरी प्रक्रिया के सहारे ही आवेदक को लर्निंग लाइसेंस बनाकर दे दिया जाता था। दूसरी ओर, पक्के लाइसेंस के लिए भी खानापूर्ति के नाम पर वाहन चलाकर दिखाने पर प्रक्रिया आरंभ हो जाती थी।
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पहले रोजाना बनते थे 15 से 20 लाइसेंस
एसडीएम के कार्यभार संभालने से पहले अंत्योदय सरल केंद्र में रोजाना 15 से 20 फाइलें एजेंट लेकर आते थे। इसके कुछ ही समय बाद लर्निंग लाइसेंस भी बन जाते थे। वहीं, अब एसडीएम के समक्ष पेश हुए लोगों में से सिर्फ 4 से 5 के ही लाइसेंस बन रहे हैं।
व्यवस्थाएं सुधारने की पहल
अंत्योदय सरल केंद्र में बनने वाले लाइसेंस को लेकर कुछ बदलाव किया गया है। एजेंटों के आने पर पाबंदी लगाई गई है। धारक खुद को फाइल जमा करवाने के निर्देश दिए गए हैं। व्यवस्था में सुधार को लेकर यह कार्रवाई की गई है। जल्द ही कुछ और बदलाव भी किए जाएंगे।
-नीशू सिंघल, एसडीएम छावनी।
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छावनी की नवनियुक्त उपमंडल अधिकारी यानी एसडीएम नीशू सिंघल ने कार्यभार संभालते ही व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एसडीएम ने संबंधित स्टाफ को सख्त हिदायत दी है कि अब लोगों को खुद ही वाइन लाइसेंस से जुड़ी फाइल जमा करवानी होगी। तभी उसकी फीस काटकर आगामी कार्रवाई आरंभ की जाएगी। इसके बाद धारक को एसडीएम के कार्यालय में अतिरिक्त कंप्यूटर पर लर्निंग लाइसेंस के लिए टेस्ट देना होगा। अगर पास हुए तो लाइसेंस बनेगा, अन्यथा दोबारा टेस्ट देना होगा। एसडीएम ने तुरंत प्रभाव से इस प्रक्रिया को आरंभ कर दिया है और रोजाना वाहन चालक उनके कार्यालय में ही आकर टेस्ट दे रहे हैं।
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गौरतलब है कि इससे पहले छावनी तहसील में अंत्योदय सरल केंद्र में सुबह 9 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक दर्जनों एजेंटों का जमावड़ा लगा रहता था। यहां एजेंट 10 फाइलें लेकर आते थे और उनकी कागजी प्रक्रिया पूरी करवाते थे। इसके बाद टेस्ट भी सिर्फ दिखावे के तौर पर ही होता था। आधी-अधूरी प्रक्रिया के सहारे ही आवेदक को लर्निंग लाइसेंस बनाकर दे दिया जाता था। दूसरी ओर, पक्के लाइसेंस के लिए भी खानापूर्ति के नाम पर वाहन चलाकर दिखाने पर प्रक्रिया आरंभ हो जाती थी।
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पहले रोजाना बनते थे 15 से 20 लाइसेंस
एसडीएम के कार्यभार संभालने से पहले अंत्योदय सरल केंद्र में रोजाना 15 से 20 फाइलें एजेंट लेकर आते थे। इसके कुछ ही समय बाद लर्निंग लाइसेंस भी बन जाते थे। वहीं, अब एसडीएम के समक्ष पेश हुए लोगों में से सिर्फ 4 से 5 के ही लाइसेंस बन रहे हैं।
व्यवस्थाएं सुधारने की पहल
अंत्योदय सरल केंद्र में बनने वाले लाइसेंस को लेकर कुछ बदलाव किया गया है। एजेंटों के आने पर पाबंदी लगाई गई है। धारक खुद को फाइल जमा करवाने के निर्देश दिए गए हैं। व्यवस्था में सुधार को लेकर यह कार्रवाई की गई है। जल्द ही कुछ और बदलाव भी किए जाएंगे।
-नीशू सिंघल, एसडीएम छावनी।