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बीमारी की चपेट सात लाख मिले न बाबा से समाधान
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बीमारी की चपेट में आए व्यक्ति को व्यापार में घाटा हो गया। इस दौरान दोस्तों ने उसे समस्याओं से छुटकारा दिलाने के चक्कर में बाबा के नाम पर अपने चंगुल में फंसा लिया और उससे सात लाख रुपये ठग लिए। बार-बार गुहार लगाने के बाद भी जब बीसी बाजार निवासी जितेंद्र यादव को पैसे नहीं मिले तो उसने एसएसपी से सहायता की गुहार लगाई। छावनी सदर पुलिस ने शुक्रवार को तीन व्यक्तियों साहिल, सुरेंद्र और बाबा सीताराम के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में जितेंद्र ने बताया कि वह फाइनेंस का काम करता है। पिछले दो साल से बीमार होने के कारण उसे कारोबार में भी घाटा हो गया। इस दौरान उसकी मुलाकात साहिल से हुई और उससे अच्छी जान-पहचान हो गई। साहिल ने उससे कहा की उसका एक अच्छा जानकार बाबा है। उसका नाम सीताराम है जो नकोदर पंजाब में रहता है और वह तुम्हारा उपचार कर देगा। साहिल की बातों में आकर जितेंद्र ने 13 सितंबर 2019 को 25 हजार रुपये नकद दे दिए और साहिल ने उसे दो दिन का समय दिया। साहिल ने उसके पास आया और कहा कि उसकी बीमारी में काफी लंबा उपचार चलेगा, पैसा काफी लगेगा। 16 सितंबर 2019 को साहिल ने उससे 35 हजार रुपये ले लिए। उसने कहा कि बार-बार फोन नहीं करना, नहीं तो बाबा नाराज हो जाएंगे, बस तू चुपचाप पैसे देता रहा। जितेंद्र ने बताया कि इस तरह 22 दिसंबर 2020 तक उसने सात लाख रुपये साहिल व उसके पिता सुरेंद्र कुमार को उनके घर पर दिए। जब उसका काम नहीं बना और उसने अपने पैसे वापस मांगे तो साहिल व उसके पिता ने डराना-धमकाना शुरू कर दिया।
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पुलिस को दी शिकायत में जितेंद्र ने बताया कि वह फाइनेंस का काम करता है। पिछले दो साल से बीमार होने के कारण उसे कारोबार में भी घाटा हो गया। इस दौरान उसकी मुलाकात साहिल से हुई और उससे अच्छी जान-पहचान हो गई। साहिल ने उससे कहा की उसका एक अच्छा जानकार बाबा है। उसका नाम सीताराम है जो नकोदर पंजाब में रहता है और वह तुम्हारा उपचार कर देगा। साहिल की बातों में आकर जितेंद्र ने 13 सितंबर 2019 को 25 हजार रुपये नकद दे दिए और साहिल ने उसे दो दिन का समय दिया। साहिल ने उसके पास आया और कहा कि उसकी बीमारी में काफी लंबा उपचार चलेगा, पैसा काफी लगेगा। 16 सितंबर 2019 को साहिल ने उससे 35 हजार रुपये ले लिए। उसने कहा कि बार-बार फोन नहीं करना, नहीं तो बाबा नाराज हो जाएंगे, बस तू चुपचाप पैसे देता रहा। जितेंद्र ने बताया कि इस तरह 22 दिसंबर 2020 तक उसने सात लाख रुपये साहिल व उसके पिता सुरेंद्र कुमार को उनके घर पर दिए। जब उसका काम नहीं बना और उसने अपने पैसे वापस मांगे तो साहिल व उसके पिता ने डराना-धमकाना शुरू कर दिया।
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