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वार्डर से जेल में मंगाया नशा न मिलने पर बंदियों में झगड़ा, तलाशी में मिली अफीम और मोबाइल फोन
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वार्डर से सेटिंग कर अंबाला की सेंट्रल जेल में मंगवाया गया नशा जब बंदी तक नहीं पहुंचा तो सेटिंग कराने वाले से उसका झगड़ा हो गया। झगड़ा शांत कराने आए जेल स्टाफ ने जब सभी की तलाशी ली तो उनके पास से करीब 25 ग्राम अफीम और मोबाइल फोन बरामद हुआ। आलाधिकारियों ने जब अफीम कहां से आई इसके बारे में पूछा तो पूछताछ में बंदियों ने वार्डर पुरुषोत्तम का नाम ले दिया। इसी आधार पर पुलिस ने वार्डर के अलावा बंदी गुरदीप उर्फ दीपा, अमित उर्फ बाबू, देवेंद्र, इकबाल अहमद, देवेंद्र के भाई गुरजिंदर पर जेल एक्ट, नशा अधिनियम और साजिश की धाराओं के तहत बलदेवनगर थाने में केस दर्ज किया गया।
वार्डर को जल्द गिरफ्तार और बंदियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाने की तैयारी शुरू कर दी गई। अवैध कारोबार में जेल कर्मियों की मिलीभगत से महकमे में हड़कंप मचा दिया है।
जानकारी के अनुसार जेल में विचाराधीन गुरदीप सिंह उर्फ दीपा ने 19 दिसंबर को सिटी वाल्मीकि नगर के अमित उर्फ बाबू के साथ झगड़ा किया। जेल स्टाफ ने बीच-बचाव करने के बाद जब झगड़े का कारण पूछा तो अमित ने बताया कि तीन-चार दिन पहले हवालाती देवेंद्र ने उसके फोन से अपने भाई गुरजिंदर को फोन कर जेल में अफीम मंगवाने की योजना बनाई थी। इसमें जेल वार्डर की सेटिंग होनी थी। नशा जेल में आ चुका है, लेकिन उसे नहीं मिला।
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इस तरह अफीम मंगवाने की बनाई गई योजना
देवेंद्र का कहना था कि उसने गुरजिंदर का फोन नंबर हवालाती इकबाल अहमद को लिखकर दिया था। उसके बाद इकबाल ने जेल वार्डर पुरुषोत्तम से पैसे की सेटिंग कर अफीम मंगवाई थी। अफीम हवालाती गुरदीप उर्फ दीपा से बरामद हुई। इसी आधार पर अमित से अवैध मोबाइल भी रिकवर किया गया। इकबाल का कहना था कि उसने 17 दिसंबर की दोपहर करीब पौने चार बजे ब्लाक नंबर 7 में ड्यूटी पर तैनात वार्डर पुरुषोत्तम से नशा बरामद किया था। जब चक्कर पर लगे सीसीटीवी देखे गए तो उसमें लेनदेन दिखाई दिया। अवैध सामान के साथ बलदेवनगर पुलिस को शिकायत देकर उचित कार्रवाई की मांग की गई थी।
हमने इस मामले में वार्डर सहित छह लोगों पर जेल एक्ट और नशा अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है। मामले की तफ्तीश जारी है।
-हमीर सिंह, इंस्पेक्टर बलदेव नगर थाना।
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वार्डर को जल्द गिरफ्तार और बंदियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाने की तैयारी शुरू कर दी गई। अवैध कारोबार में जेल कर्मियों की मिलीभगत से महकमे में हड़कंप मचा दिया है।
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जानकारी के अनुसार जेल में विचाराधीन गुरदीप सिंह उर्फ दीपा ने 19 दिसंबर को सिटी वाल्मीकि नगर के अमित उर्फ बाबू के साथ झगड़ा किया। जेल स्टाफ ने बीच-बचाव करने के बाद जब झगड़े का कारण पूछा तो अमित ने बताया कि तीन-चार दिन पहले हवालाती देवेंद्र ने उसके फोन से अपने भाई गुरजिंदर को फोन कर जेल में अफीम मंगवाने की योजना बनाई थी। इसमें जेल वार्डर की सेटिंग होनी थी। नशा जेल में आ चुका है, लेकिन उसे नहीं मिला।
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इस तरह अफीम मंगवाने की बनाई गई योजना
देवेंद्र का कहना था कि उसने गुरजिंदर का फोन नंबर हवालाती इकबाल अहमद को लिखकर दिया था। उसके बाद इकबाल ने जेल वार्डर पुरुषोत्तम से पैसे की सेटिंग कर अफीम मंगवाई थी। अफीम हवालाती गुरदीप उर्फ दीपा से बरामद हुई। इसी आधार पर अमित से अवैध मोबाइल भी रिकवर किया गया। इकबाल का कहना था कि उसने 17 दिसंबर की दोपहर करीब पौने चार बजे ब्लाक नंबर 7 में ड्यूटी पर तैनात वार्डर पुरुषोत्तम से नशा बरामद किया था। जब चक्कर पर लगे सीसीटीवी देखे गए तो उसमें लेनदेन दिखाई दिया। अवैध सामान के साथ बलदेवनगर पुलिस को शिकायत देकर उचित कार्रवाई की मांग की गई थी।
हमने इस मामले में वार्डर सहित छह लोगों पर जेल एक्ट और नशा अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है। मामले की तफ्तीश जारी है।
-हमीर सिंह, इंस्पेक्टर बलदेव नगर थाना।