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छह घंटे बंधक बने रहे डीईओ और स्टाफ सदस्य
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अंबाला शहर स्थित शिक्षा सदन के मुख्य गेट पर ताला लगाकर बैठे अभिभावक।
- फोटो : Ambala
134ए के तहत बच्चों को दाखिला न मिलने से परेशान अभिभावकों ने डीईओ समेत पूरे स्टाफ को शिक्षा सदन में छह घंटे तक कैद रखा। वीरवार को अभिभावकों ने शिक्षा सदन के गेट पर ताला जड़ दिया और जमकर बवाल काटा। इस दौरान अभिभावकों ने सरकार के साथ प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अभिभावकों की संख्या बढ़ती देख और ताला लगाने की बात का पता चलते ही मौके पर सिटी थाना एसएचओ रामकुमार पुलिस बल सहित मौके पर पहुंचे।
इस दौरान पुलिस व अन्य ने अभिभावकों को समझाने का प्रयास किया। मगर, परेशान अभिभावकों ने किसी की एक न सुनी। अभिभावक बच्चों को दाखिला करवाने की बात पर अड़े रहे। साढ़े तीन बजे से शुरू हुई अधिकारियों और अभिभावकों की बातचीत का निपटान पांच बार हुई बैठक के बाद हुआ। रात करीब सवा नौ बजे जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार ने अभिभावकों को उनके बच्चों का दाखिला करवाने के लिए लिखित आश्वासन दिया। इसके जाकर अभिभावक जिला शिक्षा सदन से वापस लौटे। अब शुक्रवार को प्रशासन की स्कूल प्रबंधक और अभिभावकों के साथ बैठक होगी।
यह हुआ पूरे दिन का घटनाक्रम
परेशान अभिभावकों का वीरवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने शिक्षा सदन के गेट पर ताला जड़ दिया। इस दौरान किसी को न अंदर जाने की इजाजत थी और न ही बाहर आने की। इस कारण जो लोग व स्टाफ पहले से शिक्षा सदन के अंदर थे, वे भी रात सवा नौ बजे तक वहीं फंसे रहे। इस दौरान अभिभावकों और अधिकारियों के बीच कई दौर की बात हुई। हर बार जिला शिक्षा अधिकारी ने बच्चों को दाखिला करवाने की बात कही। मगर, अभिभावक भी लिखित में देने की बात पर अड़े रहे। इस दौरान अभिभावकों ने कहा कि वह पिछले दो सप्ताह से कभी कार्यालय तो कभी स्कूल के चक्कर काट रहे हैं। मगर, उनके बच्चों को दाखिला नहीं मिला है। यहां तक कि बहुत से अभिभावकों ने तो स्कूल से बच्चों का टीसी भी ले लिया है। अब न तो उन्हें नए स्कूल में दाखिला मिल पा रहा है और न ही पुराने स्कूल उनके बच्चों को ले रहे हैं। अगर उनके बच्चों का दाखिला नहीं होता है तो उनके बच्चे का पूरा एक साल खराब हो जाएगा।
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दीवार फांद शिक्षा सदन से बाहर निकली स्टाफ सदस्य
पंचकूला निवासी एक स्टाफ सदस्य दीवार फांद कर शिक्षा सदन से बाहर निकली। जबकि बाकी स्टाफ सदस्य रात सवा नौ बजे तक शिक्षा सदन में ही फंसे रहे। इसके अलावा बाहर से आए कई लोग भी शिक्षा सदन में ही फंसे रह गए। इन्हें भी बाहर नहीं आने दिया गया। इस कारण उन्हें भी खासी परेशानी का समाना करना पड़ा।
पहले कैंट में अभिभावकों ने एसडीएम के समक्ष लगाई थी गुहार
वीरवार को ही अभिभावकों ने पहले एसडीएम के समक्ष छात्रों को दाखिला दिलवाने की मांग की थी। इस दौरान एसडीएम ने मौके पर बीईओ को बुलाया। मगर, यहां भी अभिभावकों को केवल आश्वासन ही हाथ लगा। कुछ न बनता देख कैंट से अभिभावक अन्य अभिभावकों के साथ शहर पहुंच गए और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव कर लिया।
यह बोले प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रधान
हरियाणा प्रोग्रेसिव स्कूल कांफ्रेंस के प्रदेश प्रवक्ता और इंडिगेटिड प्राइवेट स्कूल वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष सौरभ कपूर ने कहा कि 134ए के तहत मुफ्त दाखिले के मामले में स्कूल नहीं, बल्कि सरकार अभिभावकों को परेशान कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार नहीं चाहती कि बच्चों को मुफ्त मुफ्त दिया जाए। इसलिए अभी तक सरकार की तरफ से कोई भी घोषणा नहीं की गई है। इसके विपरीत विभाग स्कूलों पर दाखिला देने का दबाव बना रहे हैं। सौरभ कपूर ने कहा कि वीरवार को कैंट एसडीएम के साथ बैठक हुई थी। माननीय हाईकोर्ट द्वारा दिए गए आदेशों की कॉपी सौंप दी गई है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उन्हें राहत नहीं देती तब तक दाखिला नहीं दिया जाएगा।
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इस दौरान पुलिस व अन्य ने अभिभावकों को समझाने का प्रयास किया। मगर, परेशान अभिभावकों ने किसी की एक न सुनी। अभिभावक बच्चों को दाखिला करवाने की बात पर अड़े रहे। साढ़े तीन बजे से शुरू हुई अधिकारियों और अभिभावकों की बातचीत का निपटान पांच बार हुई बैठक के बाद हुआ। रात करीब सवा नौ बजे जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार ने अभिभावकों को उनके बच्चों का दाखिला करवाने के लिए लिखित आश्वासन दिया। इसके जाकर अभिभावक जिला शिक्षा सदन से वापस लौटे। अब शुक्रवार को प्रशासन की स्कूल प्रबंधक और अभिभावकों के साथ बैठक होगी।
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यह हुआ पूरे दिन का घटनाक्रम
परेशान अभिभावकों का वीरवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने शिक्षा सदन के गेट पर ताला जड़ दिया। इस दौरान किसी को न अंदर जाने की इजाजत थी और न ही बाहर आने की। इस कारण जो लोग व स्टाफ पहले से शिक्षा सदन के अंदर थे, वे भी रात सवा नौ बजे तक वहीं फंसे रहे। इस दौरान अभिभावकों और अधिकारियों के बीच कई दौर की बात हुई। हर बार जिला शिक्षा अधिकारी ने बच्चों को दाखिला करवाने की बात कही। मगर, अभिभावक भी लिखित में देने की बात पर अड़े रहे। इस दौरान अभिभावकों ने कहा कि वह पिछले दो सप्ताह से कभी कार्यालय तो कभी स्कूल के चक्कर काट रहे हैं। मगर, उनके बच्चों को दाखिला नहीं मिला है। यहां तक कि बहुत से अभिभावकों ने तो स्कूल से बच्चों का टीसी भी ले लिया है। अब न तो उन्हें नए स्कूल में दाखिला मिल पा रहा है और न ही पुराने स्कूल उनके बच्चों को ले रहे हैं। अगर उनके बच्चों का दाखिला नहीं होता है तो उनके बच्चे का पूरा एक साल खराब हो जाएगा।
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दीवार फांद शिक्षा सदन से बाहर निकली स्टाफ सदस्य
पंचकूला निवासी एक स्टाफ सदस्य दीवार फांद कर शिक्षा सदन से बाहर निकली। जबकि बाकी स्टाफ सदस्य रात सवा नौ बजे तक शिक्षा सदन में ही फंसे रहे। इसके अलावा बाहर से आए कई लोग भी शिक्षा सदन में ही फंसे रह गए। इन्हें भी बाहर नहीं आने दिया गया। इस कारण उन्हें भी खासी परेशानी का समाना करना पड़ा।
पहले कैंट में अभिभावकों ने एसडीएम के समक्ष लगाई थी गुहार
वीरवार को ही अभिभावकों ने पहले एसडीएम के समक्ष छात्रों को दाखिला दिलवाने की मांग की थी। इस दौरान एसडीएम ने मौके पर बीईओ को बुलाया। मगर, यहां भी अभिभावकों को केवल आश्वासन ही हाथ लगा। कुछ न बनता देख कैंट से अभिभावक अन्य अभिभावकों के साथ शहर पहुंच गए और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव कर लिया।
यह बोले प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रधान
हरियाणा प्रोग्रेसिव स्कूल कांफ्रेंस के प्रदेश प्रवक्ता और इंडिगेटिड प्राइवेट स्कूल वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष सौरभ कपूर ने कहा कि 134ए के तहत मुफ्त दाखिले के मामले में स्कूल नहीं, बल्कि सरकार अभिभावकों को परेशान कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार नहीं चाहती कि बच्चों को मुफ्त मुफ्त दिया जाए। इसलिए अभी तक सरकार की तरफ से कोई भी घोषणा नहीं की गई है। इसके विपरीत विभाग स्कूलों पर दाखिला देने का दबाव बना रहे हैं। सौरभ कपूर ने कहा कि वीरवार को कैंट एसडीएम के साथ बैठक हुई थी। माननीय हाईकोर्ट द्वारा दिए गए आदेशों की कॉपी सौंप दी गई है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उन्हें राहत नहीं देती तब तक दाखिला नहीं दिया जाएगा।

अंबाला शहर स्थित शिक्षा सदन के मुख्य गेट पर ताला लगाकर निगरानी करते अभिभावक।- फोटो : Ambala

अंबाला शहर के शिक्षा सदन के गेट पर अभिभावकों द्वारा ताला लगाये जाने के बाद शिक्षा सदन से कुछ इस तर?- फोटो : Ambala

अंबाला शहर के शिक्षा सदन में अभिभावकों को लिखित में आशवाशन देते शिक्षा अधिकारी।- फोटो : Ambala

बेशक प्राइवेट स्कूल में 134 ए के तहत नहीं मिला एडमिशन फिर भी बच्चे ने नहीं हारी हिम्मत, छावनी स्थित ख- फोटो : Ambala