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प्रदर्शन कर शिक्षा सुधार की उठाई मांग
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अंबाला सिटी। आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं ने शिक्षा क्षेत्र में निजीकरण के विरोध में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने सरकार पर सरकारी शिक्षा को खत्म करने के आरोप लगाते हुए शिक्षा को निजी हाथों में सौंपने का विरोध किया। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी के नाम बीईओ वीना कुमारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से सरकार बच्चों को अपने स्तर पर प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने की बात कर रही है, इससे सरकारी स्कूल पूरी तरह से बंद हो जाएंगे और रोजगार खत्म हो जाएगा। सरकार को नए शिक्षकों की भर्ती करने के साथ-साथ सरकारी स्कूलों में सुविधाओं को बढ़ावा देना चाहिए। वहीं, सरकार की ओर से स्कूलों में दो साल से किताबें नहीं पहुंचाई गई हैं। इस कारण विद्यार्थियों को महंगे दाम पर किताबें खरीदनी पड़ रही हैं। जो बच्चे आर्थिक तंगी के कारण किताबें नहीं ले पा रहे हैं उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकार ने मॉडल संस्कृति स्कूल तो खोल दिए हैं, परंतु बच्चों पर भारी फीस का दबाव डाला जा रहा है। ऐसे में उन बच्चों के माता-पिता के सामने मुसीबत खड़ी हो जाएगी जो आर्थिक तंगी के कारण प्राइवेट स्कूल में दाखिला नहीं दिलवा सकते हैं। अब उनके बच्चों को मॉडल संस्कृति में दाखिला दिलवाने से भी वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही सरकार ने निर्णय वापस नहीं लिया तो पार्टी बड़े स्तर पर प्रदर्शन करेगी।
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उन्होंने कहा कि जिस तरह से सरकार बच्चों को अपने स्तर पर प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने की बात कर रही है, इससे सरकारी स्कूल पूरी तरह से बंद हो जाएंगे और रोजगार खत्म हो जाएगा। सरकार को नए शिक्षकों की भर्ती करने के साथ-साथ सरकारी स्कूलों में सुविधाओं को बढ़ावा देना चाहिए। वहीं, सरकार की ओर से स्कूलों में दो साल से किताबें नहीं पहुंचाई गई हैं। इस कारण विद्यार्थियों को महंगे दाम पर किताबें खरीदनी पड़ रही हैं। जो बच्चे आर्थिक तंगी के कारण किताबें नहीं ले पा रहे हैं उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
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कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकार ने मॉडल संस्कृति स्कूल तो खोल दिए हैं, परंतु बच्चों पर भारी फीस का दबाव डाला जा रहा है। ऐसे में उन बच्चों के माता-पिता के सामने मुसीबत खड़ी हो जाएगी जो आर्थिक तंगी के कारण प्राइवेट स्कूल में दाखिला नहीं दिलवा सकते हैं। अब उनके बच्चों को मॉडल संस्कृति में दाखिला दिलवाने से भी वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही सरकार ने निर्णय वापस नहीं लिया तो पार्टी बड़े स्तर पर प्रदर्शन करेगी।
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