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प्राइवेट पब्लिशरों की किताबें देख भड़के डीसी
अंबाला/ब्यूरो
Updated Wed, 12 Aug 2015 01:19 AM IST
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उपायुक्त मनदीप सिंह बराड़ ने मंगलवार को राजकीय माध्यमिक विद्यालय जंडली का औचक निरीक्षण करके स्टाफ की उपस्थिति सहित विद्यालय की अन्य सुविधाओं की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय के प्राइमरी विंग में प्राइवेट पब्लिशर की मंथली असेसमैंट पेपर नामक पुस्तकें रखी होने पर उपायुक्त ने इसे गंभीरता से लिया और जिला शिक्षा अधिकारी को पूरे मामले की जांच के आदेश दिए।
उन्होंने अध्यापकों के उपस्थिति रजिस्टर का निरीक्षण किया और सभी अध्यापक डयूटी पर तैनात पाए गए। उन्होंने विद्यालय में पेयजल के लिए बनाई गई सीमेंट की टंकियों, लड़के और लड़कियों के लिए तैयार किए गए शौचालयों की सफाई का भी निरीक्षण किया।
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उन्होंने आठवीं कक्षा में पढने वाले शारीरिक रूप से कमजोर दिख रहे जसविन्द्र नामक विद्यार्थी के हैल्थ कार्ड की समीक्षा और अध्यापकों को उसके स्वास्थ्य की जांच के लिए निर्देश दिए।
इसी प्रकार आठवीं कक्षा के ही मनप्रीत से अंग्रेजी से सम्बन्धित पाठयक्रम के बारे में जानकारी प्राप्त की और विद्यार्थी के ज्ञान स्तर का विश्लेषण किया। उपायुक्त ने अध्यापकों को निर्देश दिए कि वे विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ उनका आत्मविश्वास बढ़ाने तथा स्कूली शिक्षा के बाद बच्चों की इच्छा के क्षेत्र के अनुसार उनका उचित मार्गदर्शन करने के भी निर्देश दिए।
मिड-डे मील का भी किया निरीक्षण
उपायुक्त ने स्कूल के निरीक्षण के दौरान मिड-डे मील की विशेष जांच की। उन्होंने बच्चों के लिए तैयार किए जा रहे मिड-डे मील को चखने के साथ-साथ स्कूल में उपलब्ध अनाज, दालों, चावल व अन्य आवश्यक खाद्य वस्तुओं की भी गहनता से जांच की।
उन्होंने कहा कि वह भविष्य में जिला के दूरदराज के क्षेत्रों में जाकर भी स्कूलों का निरीक्षण करेंगे और यदि कहीं कोई खामी पाई गई तो स्कूल मुखिया को जिम्मेदार मानकर कार्रवाई की जाएगी।
डीसी ने दिए शिक्षा का स्तर सुधारने के निर्देश
उपायुक्त मनदीप सिंह बराड़ ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सरकारी विद्यालयों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए कार्य योजना तैयार करें और एक महीने बाद वे स्वयं उस कार्य योजना की समीक्षा करेंगे।
उन्होंने कहा कि बच्चों को आधारभूत ज्ञान और वर्तमान प्रतिस्पर्धाओं के मुताबिक गुणात्मक शिक्षा समय की सबसे बड़ी मांग है और इसके लिए अध्यापकों को समर्पित भाव से अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना होगा।
डीसी मंगलवार को विकास सदन अंबाला शहर में शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने इस बैठक में विद्यालयों के परिणाम, स्कूलों में उपलब्ध ढांचागत सुविधाएं, सर्वशिक्षा अभियान के तहत विद्यार्थियों को दी जाने वाली विशेष सुविधाएं, विशेष आवश्यकता वाले विकलांग और मंदबुद्घि बच्चों की शिक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों, लड़कियों की शिक्षा में सुधार और जिला की शत-प्रतिशत लड़कियों को शिक्षित करने के लिए विद्यालयों में अध्यापकों द्वारा अपनाई जा रही रणनीति सहित शिक्षा से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से समीक्षा की।
उन्होंने यह भी कहा कि वह शीघ्र ही जिला के सभी विकास खंडों में बेहतर शिक्षा परिणाम और बदतर शिक्षा परिणाम के स्कूलों का दौरा करेंगे।
बराड़ ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि वह स्कूल प्रिंसिपलों और अध्यापकों की जिम्मेदारी तय करें कि वे साप्ताहिक और मासिक शिक्षा प्लान तैयार करके बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध करवाएं। इसके अतिरिक्त बच्चों को उनकी रूचि के मुताबिक रचनात्मक गतिविधियों में शामिल करने के लिए भी समय-समय पर कार्यक्रम आयोजित करें और ऐसी गतिविधियों के लिए सर्वशिक्षा अभ।ियान में संसाधन और बजट का प्रावधान है।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त ऑरबिंद शर्मा, सिविल सर्जन डाक्टर विनोद गुप्ता, जिला शिक्षा अधिकारी धर्मवीर कादियान, डीआईपीआरओ परमजीत सैनी, सीडीपीओ मीक्षा रंगा, सर्वशिक्षा के जिला परियोजना अधिकारी रविंद्र कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा, सुशीला ढिल्लों, मीना राठी सहित शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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निरीक्षण के दौरान विद्यालय के प्राइमरी विंग में प्राइवेट पब्लिशर की मंथली असेसमैंट पेपर नामक पुस्तकें रखी होने पर उपायुक्त ने इसे गंभीरता से लिया और जिला शिक्षा अधिकारी को पूरे मामले की जांच के आदेश दिए।
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उन्होंने अध्यापकों के उपस्थिति रजिस्टर का निरीक्षण किया और सभी अध्यापक डयूटी पर तैनात पाए गए। उन्होंने विद्यालय में पेयजल के लिए बनाई गई सीमेंट की टंकियों, लड़के और लड़कियों के लिए तैयार किए गए शौचालयों की सफाई का भी निरीक्षण किया।
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उन्होंने आठवीं कक्षा में पढने वाले शारीरिक रूप से कमजोर दिख रहे जसविन्द्र नामक विद्यार्थी के हैल्थ कार्ड की समीक्षा और अध्यापकों को उसके स्वास्थ्य की जांच के लिए निर्देश दिए।
इसी प्रकार आठवीं कक्षा के ही मनप्रीत से अंग्रेजी से सम्बन्धित पाठयक्रम के बारे में जानकारी प्राप्त की और विद्यार्थी के ज्ञान स्तर का विश्लेषण किया। उपायुक्त ने अध्यापकों को निर्देश दिए कि वे विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ उनका आत्मविश्वास बढ़ाने तथा स्कूली शिक्षा के बाद बच्चों की इच्छा के क्षेत्र के अनुसार उनका उचित मार्गदर्शन करने के भी निर्देश दिए।
मिड-डे मील का भी किया निरीक्षण
उपायुक्त ने स्कूल के निरीक्षण के दौरान मिड-डे मील की विशेष जांच की। उन्होंने बच्चों के लिए तैयार किए जा रहे मिड-डे मील को चखने के साथ-साथ स्कूल में उपलब्ध अनाज, दालों, चावल व अन्य आवश्यक खाद्य वस्तुओं की भी गहनता से जांच की।
उन्होंने कहा कि वह भविष्य में जिला के दूरदराज के क्षेत्रों में जाकर भी स्कूलों का निरीक्षण करेंगे और यदि कहीं कोई खामी पाई गई तो स्कूल मुखिया को जिम्मेदार मानकर कार्रवाई की जाएगी।
डीसी ने दिए शिक्षा का स्तर सुधारने के निर्देश
उपायुक्त मनदीप सिंह बराड़ ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सरकारी विद्यालयों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए कार्य योजना तैयार करें और एक महीने बाद वे स्वयं उस कार्य योजना की समीक्षा करेंगे।
उन्होंने कहा कि बच्चों को आधारभूत ज्ञान और वर्तमान प्रतिस्पर्धाओं के मुताबिक गुणात्मक शिक्षा समय की सबसे बड़ी मांग है और इसके लिए अध्यापकों को समर्पित भाव से अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना होगा।
डीसी मंगलवार को विकास सदन अंबाला शहर में शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने इस बैठक में विद्यालयों के परिणाम, स्कूलों में उपलब्ध ढांचागत सुविधाएं, सर्वशिक्षा अभियान के तहत विद्यार्थियों को दी जाने वाली विशेष सुविधाएं, विशेष आवश्यकता वाले विकलांग और मंदबुद्घि बच्चों की शिक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों, लड़कियों की शिक्षा में सुधार और जिला की शत-प्रतिशत लड़कियों को शिक्षित करने के लिए विद्यालयों में अध्यापकों द्वारा अपनाई जा रही रणनीति सहित शिक्षा से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से समीक्षा की।
उन्होंने यह भी कहा कि वह शीघ्र ही जिला के सभी विकास खंडों में बेहतर शिक्षा परिणाम और बदतर शिक्षा परिणाम के स्कूलों का दौरा करेंगे।
बराड़ ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि वह स्कूल प्रिंसिपलों और अध्यापकों की जिम्मेदारी तय करें कि वे साप्ताहिक और मासिक शिक्षा प्लान तैयार करके बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध करवाएं। इसके अतिरिक्त बच्चों को उनकी रूचि के मुताबिक रचनात्मक गतिविधियों में शामिल करने के लिए भी समय-समय पर कार्यक्रम आयोजित करें और ऐसी गतिविधियों के लिए सर्वशिक्षा अभ।ियान में संसाधन और बजट का प्रावधान है।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त ऑरबिंद शर्मा, सिविल सर्जन डाक्टर विनोद गुप्ता, जिला शिक्षा अधिकारी धर्मवीर कादियान, डीआईपीआरओ परमजीत सैनी, सीडीपीओ मीक्षा रंगा, सर्वशिक्षा के जिला परियोजना अधिकारी रविंद्र कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा, सुशीला ढिल्लों, मीना राठी सहित शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।