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- डेथ सर्टिफिकेट बनाने के एवज में मांगे थे पांच हजार रुपये
Updated Wed, 13 Sep 2017 12:40 AM IST
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- डेथ सर्टिफिकेट बनाने के एवज में मांगे थे पांच हजार रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। गांव पतरेहड़ी से विजिलेंस ने मंगलवार को पीएचसी क्लर्क को रंगे हाथों चार हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। शिकायतकर्ता की सास का डेथ सर्टिफिकेट जारी करने के लिए क्लर्क पांच हजार रुपये मांग रहा था। एक हजार रुपये दे दिए गए थे। बकाया चार हजार रुपये मंगलवार को देने का कहकर उन्होंने विजिलेंस को इसकी सूचना दे दी। विजिलेंस ने इंस्पेक्टर राजपाल के नेतृत्व में टीम का गठन कर आरोपी को रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया।
एनआरआई बलबीर सिंह विदेश में रहते हैं और उनकी मां का देहांत हो गया था। इसके चलते वह पतरेहड़ी पीएचसी से अपनी मां का डेथ सार्टीफिकेट बनवाने के लिए चक्कर काट रहे थे। उनके इस काम के लिए मोहाली मे रहने वाले उनके जीजा परमजीत उनकी मदद कर रहे थे। परमजीत का कहना है कि पहली बार सर्टिफिकेट में जानबूझकर नाम गलत कर दिया। इसके बाद वह तीन साल से चक्कर काट काट कर परेशान हो गए और अब तक वह करीबन 20 हजार रुपये खर्च कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि नाम दुरुस्त करने के लिए कई बार पीएचसी में गए और डीलिंग क्लर्क राम निवास उन्हें परेशान करने लगा। उनका कहना है कि वह बार-बार इस तरह से सर्टिफिकेट बना कर देता था जिसमें कोई कमी रह जाती थी और उन्हें दोबारा से प्रक्रिया को पूरा करना पड़ता। परमजीत का कहना है कि आखिरकार उनकी क्लर्क से पूरे मामले की डील पांच हजार रुपये में तय हुई। उसने वायदा किया वह उनका काम करवा देगा। इसके चलते परमजीत का कहना है कि उन्होंने एक हजार रुपया अदा कर दिया और बाकी के चार हजार काम होने के बाद देना तय हुआ था। इधर पीड़ित परमजीत ने विजिलेंस को पूरे मामले की शिकायत दे दी। शिकायत मिलते ही विजिलेंस की टीम सक्रिय हुई और उसने टीम का गठन किया। टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर राजपाल ने किया। तय योजना के तहत विजिलेंस की टीम ने नोट में अपनी पहचान और रंग लगाए और जाल बिछा दिया। मौके पर जैसे ही क्लर्क ने पैसा लिया। वैसे ही टीम ने उसे दबोच लिया। शाम विजिलेंस ने आरोपी का मेडिकल करा उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
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पीड़ित पक्ष से परमजीत की तरफ से शिकायत मिली थी। इस मामले में आरोपी क्लर्क रामनिवास को विजिलेंस की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
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- सुशील कुमार, डीएसपी विजिलेंस।
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अंबाला सिटी। गांव पतरेहड़ी से विजिलेंस ने मंगलवार को पीएचसी क्लर्क को रंगे हाथों चार हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। शिकायतकर्ता की सास का डेथ सर्टिफिकेट जारी करने के लिए क्लर्क पांच हजार रुपये मांग रहा था। एक हजार रुपये दे दिए गए थे। बकाया चार हजार रुपये मंगलवार को देने का कहकर उन्होंने विजिलेंस को इसकी सूचना दे दी। विजिलेंस ने इंस्पेक्टर राजपाल के नेतृत्व में टीम का गठन कर आरोपी को रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया।
एनआरआई बलबीर सिंह विदेश में रहते हैं और उनकी मां का देहांत हो गया था। इसके चलते वह पतरेहड़ी पीएचसी से अपनी मां का डेथ सार्टीफिकेट बनवाने के लिए चक्कर काट रहे थे। उनके इस काम के लिए मोहाली मे रहने वाले उनके जीजा परमजीत उनकी मदद कर रहे थे। परमजीत का कहना है कि पहली बार सर्टिफिकेट में जानबूझकर नाम गलत कर दिया। इसके बाद वह तीन साल से चक्कर काट काट कर परेशान हो गए और अब तक वह करीबन 20 हजार रुपये खर्च कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि नाम दुरुस्त करने के लिए कई बार पीएचसी में गए और डीलिंग क्लर्क राम निवास उन्हें परेशान करने लगा। उनका कहना है कि वह बार-बार इस तरह से सर्टिफिकेट बना कर देता था जिसमें कोई कमी रह जाती थी और उन्हें दोबारा से प्रक्रिया को पूरा करना पड़ता। परमजीत का कहना है कि आखिरकार उनकी क्लर्क से पूरे मामले की डील पांच हजार रुपये में तय हुई। उसने वायदा किया वह उनका काम करवा देगा। इसके चलते परमजीत का कहना है कि उन्होंने एक हजार रुपया अदा कर दिया और बाकी के चार हजार काम होने के बाद देना तय हुआ था। इधर पीड़ित परमजीत ने विजिलेंस को पूरे मामले की शिकायत दे दी। शिकायत मिलते ही विजिलेंस की टीम सक्रिय हुई और उसने टीम का गठन किया। टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर राजपाल ने किया। तय योजना के तहत विजिलेंस की टीम ने नोट में अपनी पहचान और रंग लगाए और जाल बिछा दिया। मौके पर जैसे ही क्लर्क ने पैसा लिया। वैसे ही टीम ने उसे दबोच लिया। शाम विजिलेंस ने आरोपी का मेडिकल करा उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
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पीड़ित पक्ष से परमजीत की तरफ से शिकायत मिली थी। इस मामले में आरोपी क्लर्क रामनिवास को विजिलेंस की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
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- सुशील कुमार, डीएसपी विजिलेंस।
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