{"_id":"5c1a90d8bdec2256b73ee756","slug":"181545244888-ambala-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एमबीबीएस में दाखिले के नाम पर चल रहे रैकेट के चंगुल में फंसा व्यक्ति, 10 लाख रुपये की धोखाधड़ी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
एमबीबीएस में दाखिले के नाम पर चल रहे रैकेट के चंगुल में फंसा व्यक्ति, 10 लाख रुपये की धोखाधड़ी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एमबीबीएस में दाखिले के नाम पर 10 लाख की ठगी
मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के डिप्टी डायरेक्टर के नाम पर हुई ठगी, मामला दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। शहर की न्यू मॉडल कॉलोनी निवासी राजपाल भुल्लर से उसकी बेटी का एमबीबीएस में दाखिले के नाम पर दस लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। व्यक्ति से मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के डिप्टी डायरेक्टर के नाम पर ठगी की गई है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
राजपाल ने बलदेव नगर थाना पुलिस को शिकायत दी कि उसकी बेटी ने एसबीबीएस कोर्स के लिए राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा में मई 2018 में परीक्षा दी थी, जिसमें उसके कम अंक आने के कारण किसी भी सरकारी एसबीबीएस कॉलेज में दाखिला नहीं हुआ। 7 सितंबर 2018 को सूभ्रदेव मिरधा, निवासी भारत हाउसिंग, गैरुलिया (एम) नोरथ 24 परगनास, वेस्ट बंगाल ने उसे फोन तथा व्हाट्सएप किया कि आपकी बेटी का दाखिला सरकारी मेडिकल कॉलेज में हो सकता है। सारे दस्तावेज व्हाट्सएप पर भेज दो। राजपाल ने बताया कि 10 सितंबर को वह दिल्ली में आरोपी सूभ्रदेव मिरधा से मिला। उसने दिल्ली के अनिल कुमार यादव से बात की तो इसकी एवज में उससे एडवांस पेमेंट की मांग की और मिलने को कहा। इस पर सूभ्रदेव ने कहा कि अनिल उसकी बेटी का 50-60 लाख रुपये में दाखिला करवा देगा। इसके बाद अनिल ने राजपाल को सितंबर में व्हाट्सएप किया और दिल्ली आने को कहा। वह उसी दिन उससे मिलने दिल्ली चले गए। अनिल ने कहा कि उसकी जान पहचान मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के डिप्टी डायरेक्टर से है। साथ ही भरोसा दिलाया कि वह उसकी बेटी का दाखिला सरकारी मेडिकल कॉलेज में करवा देगा, लेकिन उसके लिए उसे 20 लाख रुपये एडवांस में तथा 30 लाख बाद में देने होंगे।
--------------
मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के कार्यालय में चपरासी ले गया अंदर
राजपाल ने बताया कि अनिल को उसने सितंबर में ही उसके व्हाट्सएप पर दस्तावेज भेज दिए और 19 सितंबर को सभी दस्तावेज व चेक बुक लेकर अनिल के कार्यालय पहुंचा जहां से दोनों मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के कार्यालय पहुंचे। वहां अनिल ने उसे कहा कि वह स्वयं गेट के बाहर रहेगा और उसे अंदर से एक चपरासी लेने आएगा जो उसे डिप्टी डायरेक्टर से मिलवा देगा। इसके कुछ देर बाद कार्यालय के अंदर से एक चपरासी आया और उसे कार्यालय में ले गया। इसके बाद वह कैंटीन पहुंचे तो वहां एक व्यक्ति मिला जो अपने आपको डिप्टी डायरेक्टर बता रहा था और उसने अपना नाम डॉक्टर रवि कुमार बताया। उक्त व्यक्ति ने उसे कहा कि मैं आपकी बेटी का दाखिला किसी भी ऐसे सरकारी मेडिकल कॉलेज में करवाऊंगा, जहां पर सीट खाली मिलेगी। जब फीस की बात की तो उसने बताया कि आपको 20 लाख रुपये एडवांस देने होंगे और 30 लाख रुपये 31 मार्च 2019 तक देने होंगे। उसने यह भी कहा कि वह एक सरकारी अधिकारी हैं, इसलिए वह अपने बैंक खाते में यह रुपये नहीं लेगा आपको यह पेमेंट अनिल कुमार यादव के खाते में जमा करानी होगी। उससे वह यह रुपये अपने आप ले लेगा।
विज्ञापन
--------------
बड़ी रकम देने में असमर्थता जाहिर की तो कम कर दी राशि
राजपाल ने शिकायत में बताया कि उसने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जाहिर की तो 20 से घटाकर एडवांस रकम 15 लाख रुपये कर दी और कहा कि 30 के बजाय 25 लाख रुपये पांच वार्षिक किस्तों में दे देना। यह कहकर उसे 15 लाख की एडवांस पेमेंट चेक के माध्यम से 19 सितंबर को पीएनबी, कचहरी रोड अंबाला शहर से अनिल के नाम से दी। इसके बाद सूभ्रदेव ने 8 अक्तूबर को व्हाट्सएप किया कि आपकी बेटी का दाखिला 12 अक्तूबर तक हो जाएगा, अगर दाखिला नहीं हुआ तो आपके रुपये वापस हो जाएंगे। बार-बार कहने पर अनिल ने 19 नवंबर को 5 लाख रुपये मेरे पीएनबी खाते में जमा करा दिए और बाकी 10 लाख अगले दिन देने का वादा किया, परंतु रुपये नहीं दिए। इस बारे में पड़ताल की तो पता चला कि एमबीबीएस सीट में दाखिले के नाम पर अनिल अपने साथियों के साथ मिलकर एक रैकेट चला रहा है जिसमें उसके बहुत से उच्च श्रेणी के पदाधिकारी भी शामिल हैं जोकि एमबीबीएस सीट के इच्छुक विद्यार्थियों से करोड़ों रुपये दाखिले के नाम पर ठगते हैं और उनसे धोखाधड़ी करते हैं। पुलिस ने राजपाल की शिकायत पर आरोपी अनिल यादव, सूभ्रदेव मिरधा व अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के डिप्टी डायरेक्टर के नाम पर हुई ठगी, मामला दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। शहर की न्यू मॉडल कॉलोनी निवासी राजपाल भुल्लर से उसकी बेटी का एमबीबीएस में दाखिले के नाम पर दस लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। व्यक्ति से मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के डिप्टी डायरेक्टर के नाम पर ठगी की गई है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
राजपाल ने बलदेव नगर थाना पुलिस को शिकायत दी कि उसकी बेटी ने एसबीबीएस कोर्स के लिए राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा में मई 2018 में परीक्षा दी थी, जिसमें उसके कम अंक आने के कारण किसी भी सरकारी एसबीबीएस कॉलेज में दाखिला नहीं हुआ। 7 सितंबर 2018 को सूभ्रदेव मिरधा, निवासी भारत हाउसिंग, गैरुलिया (एम) नोरथ 24 परगनास, वेस्ट बंगाल ने उसे फोन तथा व्हाट्सएप किया कि आपकी बेटी का दाखिला सरकारी मेडिकल कॉलेज में हो सकता है। सारे दस्तावेज व्हाट्सएप पर भेज दो। राजपाल ने बताया कि 10 सितंबर को वह दिल्ली में आरोपी सूभ्रदेव मिरधा से मिला। उसने दिल्ली के अनिल कुमार यादव से बात की तो इसकी एवज में उससे एडवांस पेमेंट की मांग की और मिलने को कहा। इस पर सूभ्रदेव ने कहा कि अनिल उसकी बेटी का 50-60 लाख रुपये में दाखिला करवा देगा। इसके बाद अनिल ने राजपाल को सितंबर में व्हाट्सएप किया और दिल्ली आने को कहा। वह उसी दिन उससे मिलने दिल्ली चले गए। अनिल ने कहा कि उसकी जान पहचान मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के डिप्टी डायरेक्टर से है। साथ ही भरोसा दिलाया कि वह उसकी बेटी का दाखिला सरकारी मेडिकल कॉलेज में करवा देगा, लेकिन उसके लिए उसे 20 लाख रुपये एडवांस में तथा 30 लाख बाद में देने होंगे।
विज्ञापन
--------------
मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के कार्यालय में चपरासी ले गया अंदर
राजपाल ने बताया कि अनिल को उसने सितंबर में ही उसके व्हाट्सएप पर दस्तावेज भेज दिए और 19 सितंबर को सभी दस्तावेज व चेक बुक लेकर अनिल के कार्यालय पहुंचा जहां से दोनों मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के कार्यालय पहुंचे। वहां अनिल ने उसे कहा कि वह स्वयं गेट के बाहर रहेगा और उसे अंदर से एक चपरासी लेने आएगा जो उसे डिप्टी डायरेक्टर से मिलवा देगा। इसके कुछ देर बाद कार्यालय के अंदर से एक चपरासी आया और उसे कार्यालय में ले गया। इसके बाद वह कैंटीन पहुंचे तो वहां एक व्यक्ति मिला जो अपने आपको डिप्टी डायरेक्टर बता रहा था और उसने अपना नाम डॉक्टर रवि कुमार बताया। उक्त व्यक्ति ने उसे कहा कि मैं आपकी बेटी का दाखिला किसी भी ऐसे सरकारी मेडिकल कॉलेज में करवाऊंगा, जहां पर सीट खाली मिलेगी। जब फीस की बात की तो उसने बताया कि आपको 20 लाख रुपये एडवांस देने होंगे और 30 लाख रुपये 31 मार्च 2019 तक देने होंगे। उसने यह भी कहा कि वह एक सरकारी अधिकारी हैं, इसलिए वह अपने बैंक खाते में यह रुपये नहीं लेगा आपको यह पेमेंट अनिल कुमार यादव के खाते में जमा करानी होगी। उससे वह यह रुपये अपने आप ले लेगा।
विज्ञापन
--------------
बड़ी रकम देने में असमर्थता जाहिर की तो कम कर दी राशि
राजपाल ने शिकायत में बताया कि उसने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जाहिर की तो 20 से घटाकर एडवांस रकम 15 लाख रुपये कर दी और कहा कि 30 के बजाय 25 लाख रुपये पांच वार्षिक किस्तों में दे देना। यह कहकर उसे 15 लाख की एडवांस पेमेंट चेक के माध्यम से 19 सितंबर को पीएनबी, कचहरी रोड अंबाला शहर से अनिल के नाम से दी। इसके बाद सूभ्रदेव ने 8 अक्तूबर को व्हाट्सएप किया कि आपकी बेटी का दाखिला 12 अक्तूबर तक हो जाएगा, अगर दाखिला नहीं हुआ तो आपके रुपये वापस हो जाएंगे। बार-बार कहने पर अनिल ने 19 नवंबर को 5 लाख रुपये मेरे पीएनबी खाते में जमा करा दिए और बाकी 10 लाख अगले दिन देने का वादा किया, परंतु रुपये नहीं दिए। इस बारे में पड़ताल की तो पता चला कि एमबीबीएस सीट में दाखिले के नाम पर अनिल अपने साथियों के साथ मिलकर एक रैकेट चला रहा है जिसमें उसके बहुत से उच्च श्रेणी के पदाधिकारी भी शामिल हैं जोकि एमबीबीएस सीट के इच्छुक विद्यार्थियों से करोड़ों रुपये दाखिले के नाम पर ठगते हैं और उनसे धोखाधड़ी करते हैं। पुलिस ने राजपाल की शिकायत पर आरोपी अनिल यादव, सूभ्रदेव मिरधा व अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।