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Ambala News: ट्रेनों में अस्वच्छ खाने और अनधिकृत वेंडरों पर सख्ती
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को बेचे जा रहे अस्वच्छ खाद्य पदार्थों और अनधिकृत वेंडरों की बेधड़क आवाजाही पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और रेलवे बोर्ड ने कड़ा संज्ञान लिया है। राजस्थान के धौलपुर निवासी एक जागरूक नागरिक की शिकायत के बाद रेलवे प्रशासन में अलर्ट हो गया है। उत्तर रेलवे मुख्यालय ने अपने सभी संबंधित मंडलों को मामले में सख्त कार्रवाई कर एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) सौंपने के निर्देश जारी किए हैं।
राजस्थान के धौलपुर जिले के खिन्नोत गांव निवासी रामेश्वर दयाल ने अपनी पत्नी लीलादेवी दयाल के साथ ट्रेन नंबर 14211 आगरा कैंट से हजरत निजामुद्दीन इंटरसिटी में यात्रा के दौरान यह शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भेजी अपनी ईमेल शिकायत में बताया कि ट्रेनों के भीतर अनधिकृत वेंडर बिना मास्क पहने और स्वच्छता मानकों की अनदेखी कर खाद्य सामग्री बेच रहे थे।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बिना मास्क के भोजन बेचने से थूक और सांस के कण खाद्य पदार्थों पर गिरते हैं। इससे यात्रियों के स्वास्थ्य और जीवन पर गंभीर खतरा पैदा हो रहा है। उन्होंने इसे खाद्य सुरक्षा अधिनियम और मानवाधिकारों का सीधा उल्लंघन बताया। वहीं शिकायत में उन्होंने कहा, ट्रेन के भीतर अवैध वेंडरों पर रेलवे अधिकारियों की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है जबकि स्टेशन प्लेटफॉर्म पर केवल अधिकृत वेंडरों को ही अनुमति है।
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मानवाधिकार आयोग और रेलवे बोर्ड का कड़ा रुख
एनएचआरसी की लॉ डिवीजन ने 9 सितंबर को रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष को नोटिस जारी किया। आयोग ने निर्देश दिया कि इस मामले में 8 सप्ताह के भीतर उचित कार्रवाई की जाए और शिकायतकर्ता को की गई कार्रवाई से अवगत कराया जाए। इसके बाद रेलवे बोर्ड के उप निदेशक (कैटरिंग) सीएस ने 23 सितंबर को उत्तर रेलवे के प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधक और आईआरसीटीसी के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक को पत्र भेजकर समयबद्ध तरीके से विस्तृत रिपोर्ट मांगी।
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उत्तर रेलवे मुख्यालय ने दिए ये निर्देश
उत्तर रेलवे मुख्यालय (बड़ौदा हाउस, नई दिल्ली) के उप मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (कैटरिंग) राजीव कुमार मुखीजा ने 5 अक्तूबर को एक परिपत्र जारी किया। यह पत्र अंबाला मंडल के साथ दिल्ली, लखनऊ, मुरादाबाद, फिरोजपुर और जम्मूतवी मंडल के वरिष्ठ मण्डल वाणिज्य प्रबंधकों को भेजा गया है। मुख्यालय ने सभी मंडलों से निर्धारित प्रारूप में जल्द से जल्द एक्शन टेकन रिपोर्ट तलब की है, ताकि एनएचआरसी और रेलवे बोर्ड को जवाब भेजा जा सके।
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अंबाला। ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को बेचे जा रहे अस्वच्छ खाद्य पदार्थों और अनधिकृत वेंडरों की बेधड़क आवाजाही पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और रेलवे बोर्ड ने कड़ा संज्ञान लिया है। राजस्थान के धौलपुर निवासी एक जागरूक नागरिक की शिकायत के बाद रेलवे प्रशासन में अलर्ट हो गया है। उत्तर रेलवे मुख्यालय ने अपने सभी संबंधित मंडलों को मामले में सख्त कार्रवाई कर एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) सौंपने के निर्देश जारी किए हैं।
राजस्थान के धौलपुर जिले के खिन्नोत गांव निवासी रामेश्वर दयाल ने अपनी पत्नी लीलादेवी दयाल के साथ ट्रेन नंबर 14211 आगरा कैंट से हजरत निजामुद्दीन इंटरसिटी में यात्रा के दौरान यह शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भेजी अपनी ईमेल शिकायत में बताया कि ट्रेनों के भीतर अनधिकृत वेंडर बिना मास्क पहने और स्वच्छता मानकों की अनदेखी कर खाद्य सामग्री बेच रहे थे।
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शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बिना मास्क के भोजन बेचने से थूक और सांस के कण खाद्य पदार्थों पर गिरते हैं। इससे यात्रियों के स्वास्थ्य और जीवन पर गंभीर खतरा पैदा हो रहा है। उन्होंने इसे खाद्य सुरक्षा अधिनियम और मानवाधिकारों का सीधा उल्लंघन बताया। वहीं शिकायत में उन्होंने कहा, ट्रेन के भीतर अवैध वेंडरों पर रेलवे अधिकारियों की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है जबकि स्टेशन प्लेटफॉर्म पर केवल अधिकृत वेंडरों को ही अनुमति है।
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मानवाधिकार आयोग और रेलवे बोर्ड का कड़ा रुख
एनएचआरसी की लॉ डिवीजन ने 9 सितंबर को रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष को नोटिस जारी किया। आयोग ने निर्देश दिया कि इस मामले में 8 सप्ताह के भीतर उचित कार्रवाई की जाए और शिकायतकर्ता को की गई कार्रवाई से अवगत कराया जाए। इसके बाद रेलवे बोर्ड के उप निदेशक (कैटरिंग) सीएस ने 23 सितंबर को उत्तर रेलवे के प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधक और आईआरसीटीसी के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक को पत्र भेजकर समयबद्ध तरीके से विस्तृत रिपोर्ट मांगी।
उत्तर रेलवे मुख्यालय ने दिए ये निर्देश
उत्तर रेलवे मुख्यालय (बड़ौदा हाउस, नई दिल्ली) के उप मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (कैटरिंग) राजीव कुमार मुखीजा ने 5 अक्तूबर को एक परिपत्र जारी किया। यह पत्र अंबाला मंडल के साथ दिल्ली, लखनऊ, मुरादाबाद, फिरोजपुर और जम्मूतवी मंडल के वरिष्ठ मण्डल वाणिज्य प्रबंधकों को भेजा गया है। मुख्यालय ने सभी मंडलों से निर्धारित प्रारूप में जल्द से जल्द एक्शन टेकन रिपोर्ट तलब की है, ताकि एनएचआरसी और रेलवे बोर्ड को जवाब भेजा जा सके।