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Ambala News: शताब्दी में बिना टिकट यात्रियों पर शिकंजा
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कालका से नई दिल्ली के बीच चलने वाली शताब्दी के शौचालय में छिपे व्यक्ति को बाहर निकालते कर्मचार
अंबाला। शताब्दी में बिना टिकट के सफर करने वाले यात्रियों की खैर नहीं है। रेलवे ने ट्रेन में तैनात टिकट निरीक्षकों को शौचालयों की भी जांच करने के निर्देश दिए हैं। इसी कड़ी में अंबाला मंडल के स्टाफ ने दो यात्रियों को पकड़कर उनसे जुर्माना वसूला। यह कार्रवाई आरपीएफ की मदद से की। दोनों यात्रियों से जुर्माना वसूलने के बाद उन्हें छोड़ दिया।
पहला मामला
पहला मामला ट्रेन नंबर 12006 कालका-नई दिल्ली शताब्दी में मिला। जब टीटीई शौचालयों की जांच कर रहे थे तो उसमें से एक विपिन नामक व्यक्ति को पकड़ा गया। व्यक्ति से जब टिकट मांगी गई तो उसके पास टिकट नहीं थी। उसने बताया कि उसे आगामी ट्रेन पकड़नी थी और उसके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था। लेकिन ट्रेन में तैनात टीटीई ने व्यक्ति को बिना टिकट मानते हुए जुर्माने सहित 1770 रुपये वसूल लिए।
दूसरा मामला
दूसरा मामला ट्रेन नंबर 12011 नई दिल्ली-चंडीगढ़ शताब्दी में सामने आया। जब ट्रेन में बिना टिकट चढ़े व्यक्ति से जुर्माने के पैसे देने को कहा गया तो वो ट्रेन में तैनात टीटीई से भिड़ गया। ट्रेन के पानीपत पहुंचने के बाद मामले की जानकारी आरपीएफ को दी गई। जब आरपीएफ ने बिना टिकट यात्री को जेल जाने का डर दिखाया तो संबंधित व्यक्ति ने बिना बहस किए टिकट के लिए 1770 रुपये का भुगतान कर दिया।
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जानबूझकर चढ़ते हैं कुछ यात्री
ट्रेन में तैनात उप टिकट निरीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि कुछ लोग जानबूझकर शताब्दी में सवार हो जाते हैं, हालांकि ट्रेन में कंफर्म टिकट यात्री के अलावा किसी दूसरे यात्री को चढ़ने की इजाजत नहीं है। ऐसे में बिना टिकट यात्रियों से दोगुना जुर्माना वसूलने का प्रावधान है। अगर कोई यात्री पैसे देने में आनाकानी करता है तो उसे बीच रास्ते के स्टेशन पर उतारकर आरपीएफ के सुपुर्द कर दिया जाता है। आरपीएफ उस व्यक्ति को गिरफ्तार करके रेलवे एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करती है।
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पहला मामला
पहला मामला ट्रेन नंबर 12006 कालका-नई दिल्ली शताब्दी में मिला। जब टीटीई शौचालयों की जांच कर रहे थे तो उसमें से एक विपिन नामक व्यक्ति को पकड़ा गया। व्यक्ति से जब टिकट मांगी गई तो उसके पास टिकट नहीं थी। उसने बताया कि उसे आगामी ट्रेन पकड़नी थी और उसके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था। लेकिन ट्रेन में तैनात टीटीई ने व्यक्ति को बिना टिकट मानते हुए जुर्माने सहित 1770 रुपये वसूल लिए।
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दूसरा मामला
दूसरा मामला ट्रेन नंबर 12011 नई दिल्ली-चंडीगढ़ शताब्दी में सामने आया। जब ट्रेन में बिना टिकट चढ़े व्यक्ति से जुर्माने के पैसे देने को कहा गया तो वो ट्रेन में तैनात टीटीई से भिड़ गया। ट्रेन के पानीपत पहुंचने के बाद मामले की जानकारी आरपीएफ को दी गई। जब आरपीएफ ने बिना टिकट यात्री को जेल जाने का डर दिखाया तो संबंधित व्यक्ति ने बिना बहस किए टिकट के लिए 1770 रुपये का भुगतान कर दिया।
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जानबूझकर चढ़ते हैं कुछ यात्री
ट्रेन में तैनात उप टिकट निरीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि कुछ लोग जानबूझकर शताब्दी में सवार हो जाते हैं, हालांकि ट्रेन में कंफर्म टिकट यात्री के अलावा किसी दूसरे यात्री को चढ़ने की इजाजत नहीं है। ऐसे में बिना टिकट यात्रियों से दोगुना जुर्माना वसूलने का प्रावधान है। अगर कोई यात्री पैसे देने में आनाकानी करता है तो उसे बीच रास्ते के स्टेशन पर उतारकर आरपीएफ के सुपुर्द कर दिया जाता है। आरपीएफ उस व्यक्ति को गिरफ्तार करके रेलवे एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करती है।