{"_id":"62a8e543e7629e65580451e3","slug":"courage-to-reach-the-heights-of-success-ambala-news-knl1115356133","type":"story","status":"publish","title_hn":"कामयाबी की बुलंदियों तक पहुंचने का हौसला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कामयाबी की बुलंदियों तक पहुंचने का हौसला
विज्ञापन
अंबाला। शिक्षा के बिना अधूरी है नारी, चलो सब मिलकर करें इस अभिशाप को जड़ से मिटाने की तैयारी...। नारियों को सशक्त कर अपराजिता बनाना है तो उनको सिर्फ शिक्षित कर दी दीजिए। वे हर चुनौती पार कर कामयाबी की बुलंदियों तक पहुंचने का हौसला रखती हैं। गमों के दौर में भी नारियां मुस्कुराकर आगे बढ़ना जानती हैं। यह विचार अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत डेजलिंग डीवाज संस्था से जुड़ीं समाजसेवी महिलाओं ने रखे। महिला सशक्तीकरण पर उन्होंने कहा कि जमाना बदल चुका है। नारियां हर क्षेत्र में पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं। जरूरत है उन पर विश्वास जताकर उन्हें सपोर्ट करने की।
शक्ति याद दिलाने की जरूरत
जैसे हनुमानजी को उनकी शक्ति याद दिलाई गई थी वैसे ही महिलाओं को उनकी शक्ति याद दिलाने की जरूरत है। गांवों में महिला सशक्तीकरण की ज्यादा जरूरत है। वहां जागरूक करने के लिए शिविर लगाए जाएं। -बिंदु खन्ना
पुरुषों को आगे आना होगा
पुरुषों की काउंसलिंग का सबसे जरूरी कार्यक्रम महिला सशक्तीकरण होना चाहिए। जहां बताएं कि महिलाएं केवल रोटी बनाने के लिए नहीं हैं। उनके हुनर को आगे बढ़ाने के लिए पुरुषों को आगे आना होगा। -अनामिका गुप्ता
विज्ञापन
अपराजिता अभियान सराहनीय
नारी के लिए शिक्षा जरूरी है। नारी शिक्षित होगी तो उसका परिवार, समाज और देश शिक्षित होगा। अमर उजाला की अपराजिता मुहिम सराहनीय है। इससे निश्चित तौर पर नारी को शक्ति मिलेगी। यह बेहतर प्लेटफार्म है। -शिवी
कैंप लगाकर जागरूक करें
अधिकतर गांवों में महिलाएं खाते खुलवाने या एटीएम चलाने से डरती हैं। ऐसी महिलाओं के लिए बैंकिंग कैंप आयोजित कर उनको सुविधाओं के बारे में बताया जाए। यह महिलाओं को अपराजिता बनाने जैसा ही है। -वंदना शर्मा
बेहतर माध्यमों की जरूरत
महिलाओं ने साबित कर दिया है कि वह किसी भी क्षेत्र में किसी से कम नहीं हैं। उन्हें बेहतर माध्यमों की जरूरत है। मां-बाप अपनी बेटियों को बेहतर शिक्षा दिलाएं। बेटी शिक्षित होगी तो उसका परिवार भी शिक्षित होगा। -पिंकी
आत्मविश्वास बनाता है सशक्त
आज के समय में शिक्षा का प्रचार-प्रसार बेहद जरूरी है। शिक्षा से आत्मविश्वास आता है जो महिलाओं को सशक्त बनाता है। अपने पैरों पर खड़ी महिलाओं को अन्य महिलाओं की तुलना में कम परेशानियां झेलनी पड़ती है। -नीतू
ग्रामीण इलाकों में जागरुकता जरूरी
शिक्षा महत्वपूर्ण अंग है। शिक्षा पर जितना अधिकार पुरुषों का है उतना ही महिलाओं का। ग्रामीण महिलाओं की तुलना में शहरी महिलाएं शिक्षा के क्षेत्र में आगे हैं। अब ग्रामीण इलाके में जागरुकता की जरूरत है। -रंजू अनेजा
आंतरिक चेतना देगी शक्ति
नारी को स्वयं शिक्षित होकर अधिकार व कर्तव्य के प्रति जागरूक रहना चाहिए। उनकी आंतरिक चेतना उन्हें शक्ति दे सकती है। अत: दायित्व व अधिकारों का समन्वय करते हुए अपना विकास करना चाहिए। -मोनिका टंडन
जीवन साथी चुनने के लिए भी स्वतंत्र
नारियां आज न किसी से कम हैं और न घर की चहारदीवारी में कैद हैं। वे उच्च शिक्षित हैं, डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक हैं। वह अपने वस्त्रों, जीवनशैली से लेकर अपना जीवन साथी चुनने के लिए भी स्वतंत्र हैं। -वत्सला
घर ही बड़ा किला और कार्य क्षेत्र
घर के सीमित दायरे के लिए नारी नहीं बनी है। फिर भी नारी को यह भूलना नहीं चाहिए कि घर ही उनका सबसे बड़ा किला और कार्य क्षेत्र है। घर के साथ-साथ उसे समाज के प्रति जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए। -रूबी
विज्ञापन
शक्ति याद दिलाने की जरूरत
जैसे हनुमानजी को उनकी शक्ति याद दिलाई गई थी वैसे ही महिलाओं को उनकी शक्ति याद दिलाने की जरूरत है। गांवों में महिला सशक्तीकरण की ज्यादा जरूरत है। वहां जागरूक करने के लिए शिविर लगाए जाएं। -बिंदु खन्ना
विज्ञापन
पुरुषों को आगे आना होगा
पुरुषों की काउंसलिंग का सबसे जरूरी कार्यक्रम महिला सशक्तीकरण होना चाहिए। जहां बताएं कि महिलाएं केवल रोटी बनाने के लिए नहीं हैं। उनके हुनर को आगे बढ़ाने के लिए पुरुषों को आगे आना होगा। -अनामिका गुप्ता
विज्ञापन
अपराजिता अभियान सराहनीय
नारी के लिए शिक्षा जरूरी है। नारी शिक्षित होगी तो उसका परिवार, समाज और देश शिक्षित होगा। अमर उजाला की अपराजिता मुहिम सराहनीय है। इससे निश्चित तौर पर नारी को शक्ति मिलेगी। यह बेहतर प्लेटफार्म है। -शिवी
कैंप लगाकर जागरूक करें
अधिकतर गांवों में महिलाएं खाते खुलवाने या एटीएम चलाने से डरती हैं। ऐसी महिलाओं के लिए बैंकिंग कैंप आयोजित कर उनको सुविधाओं के बारे में बताया जाए। यह महिलाओं को अपराजिता बनाने जैसा ही है। -वंदना शर्मा
बेहतर माध्यमों की जरूरत
महिलाओं ने साबित कर दिया है कि वह किसी भी क्षेत्र में किसी से कम नहीं हैं। उन्हें बेहतर माध्यमों की जरूरत है। मां-बाप अपनी बेटियों को बेहतर शिक्षा दिलाएं। बेटी शिक्षित होगी तो उसका परिवार भी शिक्षित होगा। -पिंकी
आत्मविश्वास बनाता है सशक्त
आज के समय में शिक्षा का प्रचार-प्रसार बेहद जरूरी है। शिक्षा से आत्मविश्वास आता है जो महिलाओं को सशक्त बनाता है। अपने पैरों पर खड़ी महिलाओं को अन्य महिलाओं की तुलना में कम परेशानियां झेलनी पड़ती है। -नीतू
ग्रामीण इलाकों में जागरुकता जरूरी
शिक्षा महत्वपूर्ण अंग है। शिक्षा पर जितना अधिकार पुरुषों का है उतना ही महिलाओं का। ग्रामीण महिलाओं की तुलना में शहरी महिलाएं शिक्षा के क्षेत्र में आगे हैं। अब ग्रामीण इलाके में जागरुकता की जरूरत है। -रंजू अनेजा
आंतरिक चेतना देगी शक्ति
नारी को स्वयं शिक्षित होकर अधिकार व कर्तव्य के प्रति जागरूक रहना चाहिए। उनकी आंतरिक चेतना उन्हें शक्ति दे सकती है। अत: दायित्व व अधिकारों का समन्वय करते हुए अपना विकास करना चाहिए। -मोनिका टंडन
जीवन साथी चुनने के लिए भी स्वतंत्र
नारियां आज न किसी से कम हैं और न घर की चहारदीवारी में कैद हैं। वे उच्च शिक्षित हैं, डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक हैं। वह अपने वस्त्रों, जीवनशैली से लेकर अपना जीवन साथी चुनने के लिए भी स्वतंत्र हैं। -वत्सला
घर ही बड़ा किला और कार्य क्षेत्र
घर के सीमित दायरे के लिए नारी नहीं बनी है। फिर भी नारी को यह भूलना नहीं चाहिए कि घर ही उनका सबसे बड़ा किला और कार्य क्षेत्र है। घर के साथ-साथ उसे समाज के प्रति जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए। -रूबी