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ट्रॉयल में फूली अफसरों की सांसे, छलक उठी मंत्री के भाई की आंखें
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गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज पर शुक्रवार को को-वैक्सीन के ट्रॉयल के दौरान अधिकारियों की आधे घंटे तक सांस फूली रही। हालांकि टीके का कोई रिएक्शन न होने के बाद चिकित्सकों ने राहत की सांस ली। साथ ही परिजनों के चेहरे भी खिल उठे। इससे पहले ट्रॉयल के दौरान जहां विज के भाई कपिल विज के आंखों में आंसू आ गये, वहीं अन्य परिजन भी वीडियो काल से स्वास्थ्य मंत्री का हौसला बढ़ाते नजर आये।
को-वैक्सीन परीक्षण के लिए हजारों की संख्या में वालंटियर्स आगे आ रहे हैं, लेकिन बात गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री की आई तो विभागीय और प्रशासनिक अधिकारियों की भी चिंता बढ़ गयी। यही कारण है कि कई दिन पहले से इसके लिए तैयारी शुरू हो गयी थी। एक दिन पहले खुद ही सिविल सर्जन ने अस्पताल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं और तैयारियों की जानकारी ली थी। इसके बाद शुक्रवार को सुबह से ही अफसर नागरिक अस्पताल में जमे रहे। सिविल सर्जन डॉक्टर कुलदीप सिंह के अलावा रोहतक पीजीआई से आए कोविड-19 के स्टेट नोडल अधिकारी डॉ. ध्रुव चौधरी, रिसर्च की मुख्य जांच अधिकारी डॉ. सविता वर्मा, सहायक जांच अधिकारी डॉ. रमेश वर्मा, नर्सिंग व एलटी स्टाफ ट्रॉयल के बाद पल-पल की मॉनिटरिंग करते रहे। पूरे घटनाक्रम के दौरान मंत्री विज पूरी तरह से शांत नजर आए। वे जरा भी चिंतिंत नहीं दिखाई दिए। परिजनों और चहेतों से लगातार बातचीत करते रहे। भतीजी आरती व भतीजे शुभम व दूसरे परिजन वीडियो कॉल के जरिए उनका हौसला बढ़ाते रहे।
परिणाम सफल रहा तो देंगे कोरोना को मात
को-वैक्सीन का ट्रॉयल कुल 25 हजार 600 लोगों पर किया जाएगा। कोविड-19 के स्टेट नोडल अधिकारी डॉ. ध्रुव चौधरी ने बताया कि हर आयु वर्ग पर यह ट्रॉयल होगा। इसका परिणाम आने में करीब 3 माह का समय लगेगा। अगर ट्रॉयल का परिणाम सफल रहा तो हम कोरोना को मात देने में कामयाब रहेंगे। तब तक लोगों को सावधानी के साथ कोरोना से जंग लड़नी है।
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को-वैक्सीन का ट्रॉयल करवाना मेरे लिए गर्व की बात है, जिस बीमारी से दुनिया जूझ रही है, उसकी वैक्सीन का ट्रॉयल मेरी बॉडी पर हो रहा है। यह खुशी की बात है। इससे प्रेरित होकर अब अधिक से अधिक लोग ट्रॉयल के लिए आगे आएंगे। इसी मकसद से मैने खुद पर को-वैक्सीन के ट्रॉयल का निर्णय लिया है।
-अनिल विज, गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री।
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को-वैक्सीन परीक्षण के लिए हजारों की संख्या में वालंटियर्स आगे आ रहे हैं, लेकिन बात गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री की आई तो विभागीय और प्रशासनिक अधिकारियों की भी चिंता बढ़ गयी। यही कारण है कि कई दिन पहले से इसके लिए तैयारी शुरू हो गयी थी। एक दिन पहले खुद ही सिविल सर्जन ने अस्पताल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं और तैयारियों की जानकारी ली थी। इसके बाद शुक्रवार को सुबह से ही अफसर नागरिक अस्पताल में जमे रहे। सिविल सर्जन डॉक्टर कुलदीप सिंह के अलावा रोहतक पीजीआई से आए कोविड-19 के स्टेट नोडल अधिकारी डॉ. ध्रुव चौधरी, रिसर्च की मुख्य जांच अधिकारी डॉ. सविता वर्मा, सहायक जांच अधिकारी डॉ. रमेश वर्मा, नर्सिंग व एलटी स्टाफ ट्रॉयल के बाद पल-पल की मॉनिटरिंग करते रहे। पूरे घटनाक्रम के दौरान मंत्री विज पूरी तरह से शांत नजर आए। वे जरा भी चिंतिंत नहीं दिखाई दिए। परिजनों और चहेतों से लगातार बातचीत करते रहे। भतीजी आरती व भतीजे शुभम व दूसरे परिजन वीडियो कॉल के जरिए उनका हौसला बढ़ाते रहे।
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परिणाम सफल रहा तो देंगे कोरोना को मात
को-वैक्सीन का ट्रॉयल कुल 25 हजार 600 लोगों पर किया जाएगा। कोविड-19 के स्टेट नोडल अधिकारी डॉ. ध्रुव चौधरी ने बताया कि हर आयु वर्ग पर यह ट्रॉयल होगा। इसका परिणाम आने में करीब 3 माह का समय लगेगा। अगर ट्रॉयल का परिणाम सफल रहा तो हम कोरोना को मात देने में कामयाब रहेंगे। तब तक लोगों को सावधानी के साथ कोरोना से जंग लड़नी है।
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को-वैक्सीन का ट्रॉयल करवाना मेरे लिए गर्व की बात है, जिस बीमारी से दुनिया जूझ रही है, उसकी वैक्सीन का ट्रॉयल मेरी बॉडी पर हो रहा है। यह खुशी की बात है। इससे प्रेरित होकर अब अधिक से अधिक लोग ट्रॉयल के लिए आगे आएंगे। इसी मकसद से मैने खुद पर को-वैक्सीन के ट्रॉयल का निर्णय लिया है।
-अनिल विज, गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री।