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बित बिलों का भुगतान न होने से ठेेकेदार परेशान
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अंबाला। छावनी में बेशक कई जगह विकास कार्य चल रहे हैं, लेकिन इन विकास कार्यों को करवाने वाले ठेकेदार व्यवस्थाओं की बदहाली का शिकार हो रहे हैं। कर्मचारियों को तो समय पर वेतन देने के लिए ब्याज पर पैसे ले रहे हैं। उनके जो बिल प्रशासन के पास लंबित पड़े हैं उनके भुगतान के लिए उन्हें दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं। अपनी पीड़ा को जाहिर करने और आर्थिक तंगी से जूझ रहे ठेकेदारों ने सोमवार को छावनी एसडीएम कार्यालय में मांगपत्र सौंपा और जल्द से जल्द लंबित बिलों भुगतान कराने की मांग की।
कांट्रेक्टर एसोसिएशन अंबाला के प्रधान संजीव शर्मा सहित अरुण राणा, हरजिंदर व दीपक आदि ने बताया कि विकास कार्यों से जुड़े लगभग 40 लाख रुपये के बिल लंबित पड़े हैं। ऐसे में बिलों की अदायगी न होने से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि काम पर लगे कर्मचारियों को रोजाना पैसे देने पड़ते हैं। बिलों की रुकी हुई पेमेंट की वजह से कुछ विकास कार्य बीच में ही अधूरे पड़े हैं। कर्मचारियों को देने के लिए पैसे ही नहीं बचे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले काफी समय से एसडीएम कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनके बिलों की अदायगी को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है और न ही संबंधित अधिकारी कोई मदद कर रहे हैं। ठेकेदारों ने कहा कि अगर एक हफ्ते के अंदर उनके बिलों का भुगतान न हुआ तो वह धरना-प्रदर्शन करने पर मजबूर हो जाएंगे। वहीं उन्होंने मामले की जानकारी गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री को देने की बात भी कही।
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कांट्रेक्टर एसोसिएशन अंबाला के प्रधान संजीव शर्मा सहित अरुण राणा, हरजिंदर व दीपक आदि ने बताया कि विकास कार्यों से जुड़े लगभग 40 लाख रुपये के बिल लंबित पड़े हैं। ऐसे में बिलों की अदायगी न होने से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि काम पर लगे कर्मचारियों को रोजाना पैसे देने पड़ते हैं। बिलों की रुकी हुई पेमेंट की वजह से कुछ विकास कार्य बीच में ही अधूरे पड़े हैं। कर्मचारियों को देने के लिए पैसे ही नहीं बचे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले काफी समय से एसडीएम कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनके बिलों की अदायगी को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है और न ही संबंधित अधिकारी कोई मदद कर रहे हैं। ठेकेदारों ने कहा कि अगर एक हफ्ते के अंदर उनके बिलों का भुगतान न हुआ तो वह धरना-प्रदर्शन करने पर मजबूर हो जाएंगे। वहीं उन्होंने मामले की जानकारी गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री को देने की बात भी कही।
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