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सीईओ व वाइस प्रेजिडेंट के टकराव में लटकी कैंटोनमेंट बोर्ड की वार्डबंदी प्रक्रिया

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 22 Nov 2019 01:15 AM IST
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contonment board election
कैंटोनमेंट बोर्ड के सीईओ व वाइस प्रेजीडेंट अजय बवेजा में टकराव का असर प्रस्तावित बोर्ड चुनाव की प्रक्रिया पर हो सकता है। इसी वजह से वार्डबंदी के फाइनल ड्राफ्ट को लेकर सदन की मीटिंग भी तय नहीं हो पा रही है। ड्राफ्ट पर सदन की मंजूरी के बाद ही चुनाव प्रक्रिया शुरू हो पाएगी। हालांकि बवेजा ने कहा कि उनके टकराव का असर चुनाव पर नहीं पड़ेगा। उधर बोर्ड के पूर्व वाइस प्रेजीडेंट सुरिंद्र तिवारी का आरोप है कि बवेजा सत्ता के नशे में चूर होकर जनता के हितों को दरकिनार कर रहे हैं। जरूरत पड़ी तो पूरे मामले को लेकर गृहमंत्री अनिल विज को भी पत्र लिखा जाएगा।
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दहशरा मेले की वजह से बढ़ा था टकराव
करीब डेढ़ महीने पहले दशहरा मेले के आयोजन को लेकर कैंटोनमेंट बोर्ड के सीईओ अनुज गोयल व वाइस प्रेजीडेंट अजय बवेजा के बीच टकराव हो गया था। बवेजा बोर्ड के नागरिकों के लिए तोपखाना बाजार में दशहरा मेले का आयोजन की पैरवी कर रहे थे। बवेजा का आरोप है कि सीईओ जानबूझकर मेले के बजट को मंजूरी नहीं दे रहे थे। इसी वजह से दोनों के बीच विवाद हो गया था। विवाद को लेकर बाद में सीईओ ने बवेजा की सहयोगी पार्षद असीमा व पूर्व पार्षद राजकुमार पर अभद्रता, ड्यूटी में बाधा डालने व धमकी देने समेत कई आरोप लगाए थे। इसके बाद तीनों के खिलाफ पुलिस को शिकायत भी दी गई थी। तब पुलिस ने उनके खिलाफ केस दर्ज किया था। हालांकि बवेजा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। उनका आरोप था कि सीईओ ने ही उनके साथ अभद्रता की थी इस कारण विवाद बढ़ गया।
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आचार संहिता के कारण नहीं हुई मीटिंग: बवेजा
कैंटोनमेंट बोर्ड के वाइस प्रेजीडेंट अजय बवेजा ने कहा कि प्रस्तावित बोर्ड चुनाव तय समय पर ही करवाएं जाएंगे। उन्होंने कहा कि सीईओ से मेरा टकराव अलग मामला है। जनता के हितों पर किसी तरह की आंच नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि चुनावी आचार संहिता के कारण सदन की मीटिंग नहीं हो पाई। अब राज्य में नई सरकार भी गठित हो चुकी है। जल्द सदन की मीटिंग बुलाई जाएगी।
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सत्ता के नशे में चूर हैं बवेजा: तिवारी
कैंटोनमेंट बोर्ड के पूर्व वाइस प्रेजिडेंट सुरिंद्र तिवारी ने कहा कि बवेजा बोर्ड के अफसरों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इसी वजह से सदन की मीटिंग नहीं हो पा रही है। तिवारी ने कहा कि आपराधिक केस दर्ज होने के बावजूद बवेजा खुलेआम घूम रहे हैं। दबाव में पुलिस भी उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि वे मामले को लेकर जल्द गृहमंत्री अनिल विज को पत्र लिखेंगे। किसी भी हाल में चुनाव लेट नहीं होने देंगे।

जनवरी में प्रस्तावित हैं चुनाव
कैंटोनमेंट बोर्ड के आठ वार्डों के चुनाव जनवरी-2020 में प्रस्तावित हैं। इसके लिए वार्डबंदी का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है। मंजूरी के लिए ड्राफ्ट को सदन में पेश किया जाएगा। हालांकि एक बार पहले ड्राफ्ट पर सदन ने मोहर लगा दी थी। मगर वार्डबंदी में कुछ बदलाव की वजह से फिर उसे दोबारा सदन में पेश किया जाएगा। चुनाव में 17 हजार मतदाता वोटिंग करेंगे। सुप्रीमकोर्ट के आदेश की वजह से इस बार कुछ इलाकों के लोग वोट नहीं डाल पाएंगे।
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