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Ambala News: वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया पर कांग्रेस ने जताया विरोध, उपायुक्त से मिलकर सौंपी आपत्ति
Wed, 31 Dec 2025 02:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Wed, 31 Dec 2025 02:04 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। नगर निगम चुनाव को लेकर वार्डबंदी के लिए निकाले जाने वाले ड्राॅ को लेकर कांग्रेस ने एतराज जताया है। कांग्रेस ने नियम, कानून और न्यायालय की अवहेलना का आरोप लगाते हुए मंगलवार को उपायुक्त को अपनी आपत्ति सौंपी। कांग्रेस की ओर से अधिकृत मिथुन वर्मा अधिवक्ता एवं निगम पार्षद वार्ड-10 ने मंगलवार को आपत्ति सौंपते हुए आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से नियमों, अधिनियमों और पारदर्शिता को पूरी तरह ताक पर रखकर जल्दबाजी में वार्ड आरक्षण कराने का प्रयास किया जा रहा है, वहीं, जनवरी में नगर निगम के आम चुनाव होने हैं, उसको लेकर यह प्रक्रिया चल रही है। शुरुआत से ही वार्डबंदी की प्रक्रिया को लेकर खींचतानी चल रही है।
वार्डबंदी की अंतिम परिसीमन अधिसूचना को नहीं किया गया सार्वजनिक
अधिवक्ता मिथुन वर्मा ने कहा कि नगर निगम अंबाला में अभी तक वार्डबंदी की अंतिम परिसीमन अधिसूचना को सार्वजनिक नहीं किया गया है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग, उपायुक्त कार्यालय और नगर निगम अंबाला की आधिकारिक वेबसाइट पर अंतिम परिसीमन अधिसूचना उपलब्ध नहीं है। जब तक अंतिम परिसीमन अधिसूचना प्रकाशित नहीं होती, तब तक वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया शुरू करना कानूनन असंभव है और ऐसी किसी भी प्रक्रिया को शुरू से ही अवैध माना जाएगा।
उन्होंने कहा कि 12 दिसंबर को जारी प्रारंभिक अधिसूचना में किसी भी वार्ड की कुल जनसंख्या, एससी, बीसी-ए, बीसी-बी वर्ग की जनसंख्या का विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया, जबकि बिना जनसंख्या के आंकड़ों के आरक्षण तय करना पूरी तरह मनमाना, गैर-पारदर्शी और कानून के विरुद्ध है।
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एडहॉक बॉडी और एकतरफा निर्णयों पर उठाए सवाल
मिथुन वर्मा ने कहा कि वर्तमान एडहॉक बॉडी की संरचना असंतुलित है, जिसमें केवल एक ही राजनीतिक दल भाजपा के प्रतिनिधि शामिल हैं। न तो कांग्रेस पार्टी का कोई प्रतिनिधि है और न ही पिछड़ा वर्ग बीसी समाज का कोई प्रतिनिधित्व, ऐसी स्थिति में एससी, बीसी-ए, बीसी-बी एवं महिला वार्डों का आरक्षण करना लोकतांत्रिक मूल्यों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने यह भी बताया कि एडहॉक बॉडी और पूरी परिसीमन, आरक्षण प्रक्रिया को लेकर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर की जा चुकी है, जिसमें 15 दिसंबर को नोटिस ऑफ मोशन जारी हो चुका है और अगली सुनवाई 21 जनवरी को निर्धारित है, इसके बावजूद प्रशासन की ओर से 31 दिसंबर को वार्ड आरक्षण की बैठक प्रस्तावित करना यह दर्शाता है कि सरकार और प्रशासन को न्यायालय के आदेश का कोई सम्मान नहीं है।
जिला कांग्रेस कमेटी अंबाला शहर के जिलाध्यक्ष पवन अग्रवाल ने बताया कि नगर निगम अंबाला में वार्ड परिसीमन और आरक्षण के नाम पर जो कुछ हो रहा है, वह लोकतंत्र और संविधान दोनों के खिलाफ है। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि 31 दिसंबर को प्रस्तावित वार्ड आरक्षण बैठक को तत्काल स्थगित किया जाए। वार्डबंदी की अंतिम परिसीमन अधिसूचना और वार्ड-वाइज जनसंख्या सार्वजनिक की जाए, उच्च न्यायालय के आगामी आदेश तक पूरी प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। अगर यह मांग पूरी नहीं होती तो कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर आंदोलन करेगी व कानूनी कार्रवाई के माध्यम से आवाज उठाने के लिए बाध्य होगी।
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अंबाला सिटी। नगर निगम चुनाव को लेकर वार्डबंदी के लिए निकाले जाने वाले ड्राॅ को लेकर कांग्रेस ने एतराज जताया है। कांग्रेस ने नियम, कानून और न्यायालय की अवहेलना का आरोप लगाते हुए मंगलवार को उपायुक्त को अपनी आपत्ति सौंपी। कांग्रेस की ओर से अधिकृत मिथुन वर्मा अधिवक्ता एवं निगम पार्षद वार्ड-10 ने मंगलवार को आपत्ति सौंपते हुए आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से नियमों, अधिनियमों और पारदर्शिता को पूरी तरह ताक पर रखकर जल्दबाजी में वार्ड आरक्षण कराने का प्रयास किया जा रहा है, वहीं, जनवरी में नगर निगम के आम चुनाव होने हैं, उसको लेकर यह प्रक्रिया चल रही है। शुरुआत से ही वार्डबंदी की प्रक्रिया को लेकर खींचतानी चल रही है।
वार्डबंदी की अंतिम परिसीमन अधिसूचना को नहीं किया गया सार्वजनिक
अधिवक्ता मिथुन वर्मा ने कहा कि नगर निगम अंबाला में अभी तक वार्डबंदी की अंतिम परिसीमन अधिसूचना को सार्वजनिक नहीं किया गया है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग, उपायुक्त कार्यालय और नगर निगम अंबाला की आधिकारिक वेबसाइट पर अंतिम परिसीमन अधिसूचना उपलब्ध नहीं है। जब तक अंतिम परिसीमन अधिसूचना प्रकाशित नहीं होती, तब तक वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया शुरू करना कानूनन असंभव है और ऐसी किसी भी प्रक्रिया को शुरू से ही अवैध माना जाएगा।
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उन्होंने कहा कि 12 दिसंबर को जारी प्रारंभिक अधिसूचना में किसी भी वार्ड की कुल जनसंख्या, एससी, बीसी-ए, बीसी-बी वर्ग की जनसंख्या का विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया, जबकि बिना जनसंख्या के आंकड़ों के आरक्षण तय करना पूरी तरह मनमाना, गैर-पारदर्शी और कानून के विरुद्ध है।
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एडहॉक बॉडी और एकतरफा निर्णयों पर उठाए सवाल
मिथुन वर्मा ने कहा कि वर्तमान एडहॉक बॉडी की संरचना असंतुलित है, जिसमें केवल एक ही राजनीतिक दल भाजपा के प्रतिनिधि शामिल हैं। न तो कांग्रेस पार्टी का कोई प्रतिनिधि है और न ही पिछड़ा वर्ग बीसी समाज का कोई प्रतिनिधित्व, ऐसी स्थिति में एससी, बीसी-ए, बीसी-बी एवं महिला वार्डों का आरक्षण करना लोकतांत्रिक मूल्यों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने यह भी बताया कि एडहॉक बॉडी और पूरी परिसीमन, आरक्षण प्रक्रिया को लेकर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर की जा चुकी है, जिसमें 15 दिसंबर को नोटिस ऑफ मोशन जारी हो चुका है और अगली सुनवाई 21 जनवरी को निर्धारित है, इसके बावजूद प्रशासन की ओर से 31 दिसंबर को वार्ड आरक्षण की बैठक प्रस्तावित करना यह दर्शाता है कि सरकार और प्रशासन को न्यायालय के आदेश का कोई सम्मान नहीं है।
जिला कांग्रेस कमेटी अंबाला शहर के जिलाध्यक्ष पवन अग्रवाल ने बताया कि नगर निगम अंबाला में वार्ड परिसीमन और आरक्षण के नाम पर जो कुछ हो रहा है, वह लोकतंत्र और संविधान दोनों के खिलाफ है। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि 31 दिसंबर को प्रस्तावित वार्ड आरक्षण बैठक को तत्काल स्थगित किया जाए। वार्डबंदी की अंतिम परिसीमन अधिसूचना और वार्ड-वाइज जनसंख्या सार्वजनिक की जाए, उच्च न्यायालय के आगामी आदेश तक पूरी प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। अगर यह मांग पूरी नहीं होती तो कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर आंदोलन करेगी व कानूनी कार्रवाई के माध्यम से आवाज उठाने के लिए बाध्य होगी।