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कमिश्नरी भंग होने पर डी ग्रेड में होगा अंबाला
ब्यूरो/अमर उजाला अंबाला
Updated Mon, 17 Oct 2016 12:11 AM IST
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कमिश्नरी भंग होने पर डी ग्रेड में होगा अंबाला
- फोटो : Amar Ujala
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कमिश्नरी भंग करने का फैसला पूरी तरह से गलत है और ऐसा होता है तो अंबाला डी ग्रेड में शामिल होगा। ये शब्द नागरिक मंच के चेयरमैन ओंकार सिंह ने रविवार को रेस्ट हाउस में हुई प्रेसवार्ता के दौरान कहे। उनका कहना था कि कमिश्नरी भंग करने से आम जनता को नुकसान है।
इस अवसर पर नागरिक मंच अंबाला के अन्य सदस्य भी शामिल रहे। जिन्होंने कमिश्नरी भंग के फैसले का पूरी तरह से विरोध जताया। उनका कहना था कि कमिश्नरी भंग करने से नारायणगढ़ की जनता को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है और पुलिस की संख्या भी कम हो जाएगी।
दूसरी ओर, ओंकार सिंह ने कहा कि अंबाला कमिश्नरी में चार एसपी रैंक के अधिकारी हैं और करीब 16 एसीपी हैं। अगर कोई कदम उठाया जाता है तो अंबाला में महज एक एसपी और चार डीएसपी रह जाएंगे। उधर, मंच प्रधान ओंकार नाथी ने कहा कि कमिश्नरी भंग के फैसले से नारायणगढ़ में डीसीपी स्तर का अधिकारी की जगह केवल डीएसपी रह जाएगा। जबकि पुलिस वेलफेयर एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट रिटायर्ड डीएसपी रघुबीर यादव ने कहा कि कमिश्नरी से अंबाला बाहर हो जाने से सीआरपीसी की धाराएं अंबाला से खत्म हो जाएंगी। इसलिए कमिश्नरी को भंग करने के फैसले का सरकार को विरोध करना चाहिए। इस मौके पर तुषार कौशिक, तलविंद्र सिंह, धीरज गुप्ता, उमेश बिट्टू साहनी, ओंकार नाथी व अन्य मौजूद रहे।
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इस अवसर पर नागरिक मंच अंबाला के अन्य सदस्य भी शामिल रहे। जिन्होंने कमिश्नरी भंग के फैसले का पूरी तरह से विरोध जताया। उनका कहना था कि कमिश्नरी भंग करने से नारायणगढ़ की जनता को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है और पुलिस की संख्या भी कम हो जाएगी।
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दूसरी ओर, ओंकार सिंह ने कहा कि अंबाला कमिश्नरी में चार एसपी रैंक के अधिकारी हैं और करीब 16 एसीपी हैं। अगर कोई कदम उठाया जाता है तो अंबाला में महज एक एसपी और चार डीएसपी रह जाएंगे। उधर, मंच प्रधान ओंकार नाथी ने कहा कि कमिश्नरी भंग के फैसले से नारायणगढ़ में डीसीपी स्तर का अधिकारी की जगह केवल डीएसपी रह जाएगा। जबकि पुलिस वेलफेयर एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट रिटायर्ड डीएसपी रघुबीर यादव ने कहा कि कमिश्नरी से अंबाला बाहर हो जाने से सीआरपीसी की धाराएं अंबाला से खत्म हो जाएंगी। इसलिए कमिश्नरी को भंग करने के फैसले का सरकार को विरोध करना चाहिए। इस मौके पर तुषार कौशिक, तलविंद्र सिंह, धीरज गुप्ता, उमेश बिट्टू साहनी, ओंकार नाथी व अन्य मौजूद रहे।
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