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सीएम फ्लाइंग का छापा, आटा-पापड़ में मिले कीड़े
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अंबाला सिटी। दीपावली से पहले सीआईडी, खाद्य सुरक्षा विभाग और सीएम फ्लाइंग की टीम ने रंजीत नगर के पास खोया और पनीर बनाने वाली फैक्टरी पर छापा मारकर रिफाइंड से तैयार होने वाले खोया जब्त किया। इसके अलावा टीम ने पनीर, मक्खन, सूखा दूध, दही आदि जब्त करते हुए बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। कार्रवाई करीब चार घंटे से अधिक समय तक जारी रही। वहीं, टीम ने सचदेवा ट्रेडर्स के गोदाम पर भी छापामारी की। इस दौरान आटे व पापड़ में कीड़े देखकर टीम हैरान हो गई। अन्य सामान को भी जांचा तो वो भी खराब मिला।
टीम ने संबंधित दुकानदार से जब सवाल किए तो वह कोई जवाब नहीं दे पाया। बाद में टीम ने सैंपल लेकर लैब में भेज दिए। संचालक ने स्वयं टीम के समक्ष माना की उनकी ओर से खोए में चिकनापन बढ़ाने के लिए रिफांइड का प्रयोग किया जाता था। वहीं कार्रवाई पूरी होने पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने खोया इत्यादि सामान को जमीन में दबाकर खत्म कर दिया। साथ ही फैक्टरी संचालक को भविष्य के लिए चेतावनी दी। वहीं विभाग ने इस फैक्टरी से करीब छह सैंपल भरे, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है। इनकी रिपोर्ट आते ही खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
पांच किलो खोए में डाला जाता था एक लीटर रिफांइड
फैक्टरी के संचालक ने पूछताछ में बताया कि उनकी ओर से खोया निर्माण के दौरान पांच किलो खोए में एक लीटर रिफाइंड का प्रयोग किया जाता है। इससे चिकनाहट बढ़ाने के साथ-साथ खोया जमाने का कार्य भी किया जाता है। इस दौरान भारी मात्रा में सूखे दूध का भी प्रयोग होता है जो पनीर बनाने के साथ ही खोया बनाने में मुख्य रूप से प्रयोग में आता है। इस दौरान फैक्टरी से नॉवल्टी ब्रांड का दही व वीलाइट ब्रांड का मक्खन भी जब्त किया गया।
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आसपास की छोटी डेयरियों में बेचा जाता था खोया-पनीर
यह खोया व पनीर बनाने की मुख्य फैक्टरी थी। जहां से शहर सहित अन्य क्षेत्रों के डेयरी संचालकों व मिठाई निर्माताओं को पनीर व खोया बेचा जाता था। इसका प्रयोग आगे लोगों को बेचने के साथ-साथ मिठाई निर्माताओं द्वारा मिठाई बनाने में प्रयोग लाया जाता था। अभी तक कुल कितनी दुकानों पर यह खोया व पनीर बेचते थे, इसका सारा रिकॉर्ड विभाग ने जब्त कर लिया है, ताकि इस संबंध में आगामी कार्रवाई की जा सके।
इतनी मात्रा में मिला सामान
इस दौरान टीम ने चार क्विंटल से अधिक पनीर, 60 किलो दूध, 20 पैकेट खोया, 20 किलो दही, आठ किलो सूखा दूध, वीलाइट बटर के 20 पैकेट फैक्टरी से बरामद किए। इसमें से मुख्य रूप से खोया, दही, मक्खन को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया है।
बाजार में कई गुणा महंगे रेट पर बिकता है पनीर और खोया
फैक्टरी में पनीर तैयार होकर बाजार में 240 रुपये प्रति किलो के हिसाब से जाता है। उसे ही अन्य दुकानदार 320 से 340 रुपये प्रति किलो बेचते हैं। इसके अलावा खोए की भी कुछ यही स्थिति है। यह खोया फैक्टरी में 260 किलो के हिसाब से बाजार में आता है। वह भी करीब 400 रुपये किलो के हिसाब से बेचा जाता है। अन्य उत्पादों की भी यही स्थिति है।
इससे पहले मानव चौक स्थित मिठाई की दुकान से भरे सैंपल
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार उन्होंने बॉबे स्वीट के नाम से मिठाई की दुकान से भी सैंपल भरे हैं। इस दौरान विभाग ने रसगुला, बेसन के लड्डू, खोए और दूध के सैंपल लिए। खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. राजीव ने कहा कि उनकी ओर से यह अभियान दीपावली तक लगातार जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि मिठाई निर्माता सही उत्पाद का प्रयोग करें, ताकि किसी की सेहत खराब न हो।
हमारे पास शिकायत आई थी। उसी आधार पर कार्रवाई की है। यहां पर पता चला है कि खोए में रिफांइड का प्रयोग भी होता है जो पूरी गलत है। अब सैंपल ले लिए हैं। संबंधित विभाग इस पर कार्रवाई करेगा।
-सतपाल, सीएम फ्लाइंग, अंबाला।
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टीम ने संबंधित दुकानदार से जब सवाल किए तो वह कोई जवाब नहीं दे पाया। बाद में टीम ने सैंपल लेकर लैब में भेज दिए। संचालक ने स्वयं टीम के समक्ष माना की उनकी ओर से खोए में चिकनापन बढ़ाने के लिए रिफांइड का प्रयोग किया जाता था। वहीं कार्रवाई पूरी होने पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने खोया इत्यादि सामान को जमीन में दबाकर खत्म कर दिया। साथ ही फैक्टरी संचालक को भविष्य के लिए चेतावनी दी। वहीं विभाग ने इस फैक्टरी से करीब छह सैंपल भरे, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है। इनकी रिपोर्ट आते ही खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
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पांच किलो खोए में डाला जाता था एक लीटर रिफांइड
फैक्टरी के संचालक ने पूछताछ में बताया कि उनकी ओर से खोया निर्माण के दौरान पांच किलो खोए में एक लीटर रिफाइंड का प्रयोग किया जाता है। इससे चिकनाहट बढ़ाने के साथ-साथ खोया जमाने का कार्य भी किया जाता है। इस दौरान भारी मात्रा में सूखे दूध का भी प्रयोग होता है जो पनीर बनाने के साथ ही खोया बनाने में मुख्य रूप से प्रयोग में आता है। इस दौरान फैक्टरी से नॉवल्टी ब्रांड का दही व वीलाइट ब्रांड का मक्खन भी जब्त किया गया।
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आसपास की छोटी डेयरियों में बेचा जाता था खोया-पनीर
यह खोया व पनीर बनाने की मुख्य फैक्टरी थी। जहां से शहर सहित अन्य क्षेत्रों के डेयरी संचालकों व मिठाई निर्माताओं को पनीर व खोया बेचा जाता था। इसका प्रयोग आगे लोगों को बेचने के साथ-साथ मिठाई निर्माताओं द्वारा मिठाई बनाने में प्रयोग लाया जाता था। अभी तक कुल कितनी दुकानों पर यह खोया व पनीर बेचते थे, इसका सारा रिकॉर्ड विभाग ने जब्त कर लिया है, ताकि इस संबंध में आगामी कार्रवाई की जा सके।
इतनी मात्रा में मिला सामान
इस दौरान टीम ने चार क्विंटल से अधिक पनीर, 60 किलो दूध, 20 पैकेट खोया, 20 किलो दही, आठ किलो सूखा दूध, वीलाइट बटर के 20 पैकेट फैक्टरी से बरामद किए। इसमें से मुख्य रूप से खोया, दही, मक्खन को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया है।
बाजार में कई गुणा महंगे रेट पर बिकता है पनीर और खोया
फैक्टरी में पनीर तैयार होकर बाजार में 240 रुपये प्रति किलो के हिसाब से जाता है। उसे ही अन्य दुकानदार 320 से 340 रुपये प्रति किलो बेचते हैं। इसके अलावा खोए की भी कुछ यही स्थिति है। यह खोया फैक्टरी में 260 किलो के हिसाब से बाजार में आता है। वह भी करीब 400 रुपये किलो के हिसाब से बेचा जाता है। अन्य उत्पादों की भी यही स्थिति है।
इससे पहले मानव चौक स्थित मिठाई की दुकान से भरे सैंपल
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार उन्होंने बॉबे स्वीट के नाम से मिठाई की दुकान से भी सैंपल भरे हैं। इस दौरान विभाग ने रसगुला, बेसन के लड्डू, खोए और दूध के सैंपल लिए। खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. राजीव ने कहा कि उनकी ओर से यह अभियान दीपावली तक लगातार जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि मिठाई निर्माता सही उत्पाद का प्रयोग करें, ताकि किसी की सेहत खराब न हो।
हमारे पास शिकायत आई थी। उसी आधार पर कार्रवाई की है। यहां पर पता चला है कि खोए में रिफांइड का प्रयोग भी होता है जो पूरी गलत है। अब सैंपल ले लिए हैं। संबंधित विभाग इस पर कार्रवाई करेगा।
-सतपाल, सीएम फ्लाइंग, अंबाला।