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ढ़ाई करोड़ की लागत से बनी मार्केट कमेटी बिल्डिंग की एक माह में ही धंस गई नींव और इंटरलॉकिंग टाइल्स
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अंबाला। मार्केट कमेटी कार्यालय अंबाला छावनी की ढाई करोड़ की लागत से तैयार नई बिल्डिंग में चारदीवारी की नींव और इंटरलॉकिंग टाइल्स धंसने लगी है। ठेकेदार की ओर से बरती गई अनियमितता इंजीनियरिंग ब्रांच के जेई को दिखाई गई है। ठेकेदार की इस कारगुजारी के चलते बोर्ड ने बिल्डिंग को भी अधीन नहीं लिया है।
मार्केट कमेटी अंबाला छावनी की इस बिल्डिंग का निर्माण कार्य पूरा हुए एक माह भी नहीं बीता है कि बिल्डिंग में कई तरह की अनियमितता सामने आनी शुरू हो गई है। ठेकेदार की ओर से करीब ढाई करोड़ की लागत से तीन मंजिला बिल्डिंग बनाई गई है। बिल्डिंग के चारों तरफ जो चारदीवारी की थी उसमें दरारें आ गई हैं, इसके अलावा इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाकर ग्राउंड को पक्का किया गया था। निर्माण कार्य पूरा होने पर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज इस बिल्डिंग का निर्माण कार्य पूरा कर चुके हैं और एक सितंबर को बोर्ड कार्यालय भी शिफ्ट किया जा चुका है। कार्यालय शिफ्ट होने के बाद जब अधिकारियों ने बिल्डिंग को चेक किया तो इंटरलॉकिंग टाइल्स धंसी मिली। इसके अलावा टॉयलेट का लेवल सही नहीं पाया गया है। बिजली के बोर्ड लगाने में भी लापरवाही की गई है। इसके अलावा आधुनिक बिल्डिंग में बिजली की फिटिंग सही नहीं है कुछ टॉयलेट ऐसे हैं। जहां से छत में रिसाव हो रहा है और फॉल सीलिंग भी गिर चुकी है। इसीलिए बोर्ड कार्यालय में बिजली के तार के जोड़ भी नंगे पड़े हैं।
जेई को बुलाकर दिखाई अनियमितता
मार्केट कमेटी के बाद इंजीनियरिंग ब्रांच के जेई को बोर्ड सचिव बुला कर दिखा चुके हैं। मामला यहीं खत्म नहीं होता और तीन करोड़ के किसान भवन में भी अनियमितता पाई गई है। दरवाजों के साथ-साथ बिल्डिंग में सील, हॉल और शौचालय की हालात ठीक नहीं है। बोर्ड कार्यालय में कई तो ऐसी लोहे की खिड़कियां जिनमें नट के बिना ही लगा दिए गए हैं।
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ठेकेदार की लापरवाही तो है
-बिल्डिंग से संबंधित मामला मार्केट कमेटी की इंजीनियरिंग ब्रांच देखती है। हमने अपनी इंजीनियरिंग ब्रांच को पत्र लिख दिया है कि बिल्डिंग में जो कमियां हैं उसे दूर किया जाएं। ठेकेदार ने इंटरलॉकिंग टाइल्स को तो ठीक करना शुरू कर दिया है बाकी दूसरा काम भी ठीक कराया जाएगा। यह ठेकेदार की लापरवाही है।
-रामकुमार, सचिव कम कार्यकारी अधिकारी, मार्केट कमेटी अंबाला छावनी।
ठेकेदार की लापरवाही नहीं है
-मंडी के अंदर मिट्टी नई डाली गई थी और दीवारों के साथ में रोलर नहीं चल सकता था। इसीलिए वह इंटरलॉकिंग टाइल्स धंस गई है और तीन साल तक ठेकेदार की जिम्मेदारी है। यह ठेकेदार की लापरवाही नहीं है फिर भी एसडीओ को भेज कर जो दिक्कतें हैं उसे चेक की जाएगी। सतीश बागड़, एक्सईएन, मार्केटिंग कमेटी बोर्ड कार्यालय छावनी
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मार्केट कमेटी अंबाला छावनी की इस बिल्डिंग का निर्माण कार्य पूरा हुए एक माह भी नहीं बीता है कि बिल्डिंग में कई तरह की अनियमितता सामने आनी शुरू हो गई है। ठेकेदार की ओर से करीब ढाई करोड़ की लागत से तीन मंजिला बिल्डिंग बनाई गई है। बिल्डिंग के चारों तरफ जो चारदीवारी की थी उसमें दरारें आ गई हैं, इसके अलावा इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाकर ग्राउंड को पक्का किया गया था। निर्माण कार्य पूरा होने पर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज इस बिल्डिंग का निर्माण कार्य पूरा कर चुके हैं और एक सितंबर को बोर्ड कार्यालय भी शिफ्ट किया जा चुका है। कार्यालय शिफ्ट होने के बाद जब अधिकारियों ने बिल्डिंग को चेक किया तो इंटरलॉकिंग टाइल्स धंसी मिली। इसके अलावा टॉयलेट का लेवल सही नहीं पाया गया है। बिजली के बोर्ड लगाने में भी लापरवाही की गई है। इसके अलावा आधुनिक बिल्डिंग में बिजली की फिटिंग सही नहीं है कुछ टॉयलेट ऐसे हैं। जहां से छत में रिसाव हो रहा है और फॉल सीलिंग भी गिर चुकी है। इसीलिए बोर्ड कार्यालय में बिजली के तार के जोड़ भी नंगे पड़े हैं।
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जेई को बुलाकर दिखाई अनियमितता
मार्केट कमेटी के बाद इंजीनियरिंग ब्रांच के जेई को बोर्ड सचिव बुला कर दिखा चुके हैं। मामला यहीं खत्म नहीं होता और तीन करोड़ के किसान भवन में भी अनियमितता पाई गई है। दरवाजों के साथ-साथ बिल्डिंग में सील, हॉल और शौचालय की हालात ठीक नहीं है। बोर्ड कार्यालय में कई तो ऐसी लोहे की खिड़कियां जिनमें नट के बिना ही लगा दिए गए हैं।
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ठेकेदार की लापरवाही तो है
-बिल्डिंग से संबंधित मामला मार्केट कमेटी की इंजीनियरिंग ब्रांच देखती है। हमने अपनी इंजीनियरिंग ब्रांच को पत्र लिख दिया है कि बिल्डिंग में जो कमियां हैं उसे दूर किया जाएं। ठेकेदार ने इंटरलॉकिंग टाइल्स को तो ठीक करना शुरू कर दिया है बाकी दूसरा काम भी ठीक कराया जाएगा। यह ठेकेदार की लापरवाही है।
-रामकुमार, सचिव कम कार्यकारी अधिकारी, मार्केट कमेटी अंबाला छावनी।
ठेकेदार की लापरवाही नहीं है
-मंडी के अंदर मिट्टी नई डाली गई थी और दीवारों के साथ में रोलर नहीं चल सकता था। इसीलिए वह इंटरलॉकिंग टाइल्स धंस गई है और तीन साल तक ठेकेदार की जिम्मेदारी है। यह ठेकेदार की लापरवाही नहीं है फिर भी एसडीओ को भेज कर जो दिक्कतें हैं उसे चेक की जाएगी। सतीश बागड़, एक्सईएन, मार्केटिंग कमेटी बोर्ड कार्यालय छावनी