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कार की मांग पूरी न हुई तो पति ने पत्नी को चरित्रहीन साबित करने का किया प्रयास, जबरन गर्भपात की खिलाई दवा
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अंबाला। मोहाली के आयुष बंसल ने शादी के बाद कार की डिमांड पूरी न होने पर अपनी पत्नी को ही चरित्रहीन साबित करने की कोशिश की। विवाहिता की माने तो आरोपी ने अदालत में एक दावा दायर कर यह साजिश रची थी। साथ ही दावे में यह कहा था कि पत्नी ने इसकी एवज में उससे दस लाख रुपये लिए हैं। पत्नी को जब यह बात मालूम हुई तो उसने एक याचिका दायर कर इस झूठ को बेनकाब किया। विवाहिता की शिकायत पर अब पुलिस ने पति आयुष बंसल, सास पूनम बंसल, दादा ससुर मुरारी बंसल, मामा ससुर शशि भूषण मित्तल के खिलाफ कई धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है।
बेटे की चाहत में कोख में कर दिया नवजात शिशु का कत्ल
नन्हेड़ा के विद्या नगर की रहने वाली आरती गुप्ता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 12 अगस्त 2012 को उसकी शादी आयुष बंसल से हुई थी। शादी में परिवार की ओर से हैसियत से बढ़कर दहेज भी दिया गया था। आरती का आरोप है कि शादी के बाद ही कार की डिमांड को लेकर उसका पति आयुष उसे तंग करने लगा था। इसी बात को लेकर उससे कई बार मारपीट भी की। उसने बताया कि शादी के जब वह गर्भवती हो गई थी तो ससुरालियों ने बेटे की चाहत में उसका जबरन अल्ट्रासाउंड करवाया। लिंग जांच में उसके गर्भ में में बेटी होने का पता चला। विवाहिता का आरोप है कि इसके बाद ससुरालियों ने जबरन उसने गर्भपात की दवाई खिला दी। मना करने पर उसके साथ जमकर मारपीट की। पेट में लातें मारी गई। जिसके बाद परिजनों को उसका गर्भपात करवाना पड़ा था।
2014 में आरती ने एक बेटे को जन्म दिया था। पर ससुरालिए इससे भी खुश नहीं हुए। विवाहिता ने बताया कि एक दिन उसे पति जबरन खरड़ कोर्ट में ले गया था। उससे कुछ कागजों पर साइन करवाए थे। बाद में पता चला कि उसके पति ने कोर्ट में याचिका दायर कर यह बात कही कि उसकी पत्नी के किसी युवक के साथ नाजायज संबंध है। इसकी एवज में वह उससे दस लाख रुपये ले गई है। जब आरती को इस सच का पता चला तो उसके पांव तले से जमीन खिसक गई। तभी उसने अदालत को पूरे सच से अवगत करवाया। इसके बाद आयुष की याचिका खारिज हो गई थी। इस साजिश में उसने सभी ससुरालियों के संलिप्त होने की बात कही थी। अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
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बेटे की चाहत में कोख में कर दिया नवजात शिशु का कत्ल
नन्हेड़ा के विद्या नगर की रहने वाली आरती गुप्ता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 12 अगस्त 2012 को उसकी शादी आयुष बंसल से हुई थी। शादी में परिवार की ओर से हैसियत से बढ़कर दहेज भी दिया गया था। आरती का आरोप है कि शादी के बाद ही कार की डिमांड को लेकर उसका पति आयुष उसे तंग करने लगा था। इसी बात को लेकर उससे कई बार मारपीट भी की। उसने बताया कि शादी के जब वह गर्भवती हो गई थी तो ससुरालियों ने बेटे की चाहत में उसका जबरन अल्ट्रासाउंड करवाया। लिंग जांच में उसके गर्भ में में बेटी होने का पता चला। विवाहिता का आरोप है कि इसके बाद ससुरालियों ने जबरन उसने गर्भपात की दवाई खिला दी। मना करने पर उसके साथ जमकर मारपीट की। पेट में लातें मारी गई। जिसके बाद परिजनों को उसका गर्भपात करवाना पड़ा था।
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2014 में आरती ने एक बेटे को जन्म दिया था। पर ससुरालिए इससे भी खुश नहीं हुए। विवाहिता ने बताया कि एक दिन उसे पति जबरन खरड़ कोर्ट में ले गया था। उससे कुछ कागजों पर साइन करवाए थे। बाद में पता चला कि उसके पति ने कोर्ट में याचिका दायर कर यह बात कही कि उसकी पत्नी के किसी युवक के साथ नाजायज संबंध है। इसकी एवज में वह उससे दस लाख रुपये ले गई है। जब आरती को इस सच का पता चला तो उसके पांव तले से जमीन खिसक गई। तभी उसने अदालत को पूरे सच से अवगत करवाया। इसके बाद आयुष की याचिका खारिज हो गई थी। इस साजिश में उसने सभी ससुरालियों के संलिप्त होने की बात कही थी। अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
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