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272 जिलों में नशा मुक्त भारत अभियान की शुरूआत
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272 जिलों में नशा मुक्त भारत अभियान की शुरूआत
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला सिटी। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने 272 जिलों में एक वार्षिक कार्य योजना नशा मुक्त भारत लागू की है। इन 272 जिलो की पहचान नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो से प्राप्त इनपुट और मंत्रालय द्वारा किये गए व्यापक सर्वेक्षण के निष्कर्षों के आधार पर की गई है। केंद्रीय जल शक्ति एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रत्न लाल कटारिया ने यह बात कही। बताया कि मंत्रालय द्वारा प्रति जिले को रू.10 लाख की राशि अनुदान के रूप में दी जायेगी, नगरपालिका या उप-जिला अभियान समितियों का गठन किया जा सकता है।
शीर्ष -3 जिला अभियान और शीर्ष -3 राज्य अभियान राष्ट्रीय पुरस्कार और मान्यता के लिए चुने जायंगे। यह अभियान 15 अगस्त से शुरू किया गया है और 31 मार्च 2021 तक चलेगा। कहा कि सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ड्रग डिमांड रिडक्शन के लिए नोडल मंत्रालय है। राष्ट्रीय सर्वेक्षण के निष्कर्ष वर्ष 2019 में प्रकाशित हुए थे। सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीयों द्वारा उपयोग किया जाने वाला शराब सबसे आम साइकोएक्टिव पदार्थ है। और इसके बाद कैनाबिस और ओपियोइड उपयोग होते हैं। हमारे देश में लगभग 16 करोड़ व्यक्ति शराब का सेवन करते है, 3.1 करोड़ व्यक्ति भांग उत्पादों का उपयोग करते है और 2.26 करोड़ लोग ओपियोइड का उपयोग करते हैं।
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माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला सिटी। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने 272 जिलों में एक वार्षिक कार्य योजना नशा मुक्त भारत लागू की है। इन 272 जिलो की पहचान नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो से प्राप्त इनपुट और मंत्रालय द्वारा किये गए व्यापक सर्वेक्षण के निष्कर्षों के आधार पर की गई है। केंद्रीय जल शक्ति एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रत्न लाल कटारिया ने यह बात कही। बताया कि मंत्रालय द्वारा प्रति जिले को रू.10 लाख की राशि अनुदान के रूप में दी जायेगी, नगरपालिका या उप-जिला अभियान समितियों का गठन किया जा सकता है।
शीर्ष -3 जिला अभियान और शीर्ष -3 राज्य अभियान राष्ट्रीय पुरस्कार और मान्यता के लिए चुने जायंगे। यह अभियान 15 अगस्त से शुरू किया गया है और 31 मार्च 2021 तक चलेगा। कहा कि सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ड्रग डिमांड रिडक्शन के लिए नोडल मंत्रालय है। राष्ट्रीय सर्वेक्षण के निष्कर्ष वर्ष 2019 में प्रकाशित हुए थे। सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीयों द्वारा उपयोग किया जाने वाला शराब सबसे आम साइकोएक्टिव पदार्थ है। और इसके बाद कैनाबिस और ओपियोइड उपयोग होते हैं। हमारे देश में लगभग 16 करोड़ व्यक्ति शराब का सेवन करते है, 3.1 करोड़ व्यक्ति भांग उत्पादों का उपयोग करते है और 2.26 करोड़ लोग ओपियोइड का उपयोग करते हैं।
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