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कूड़े उठान पर सालाना 19 करोड़ खर्च फिर भी उसमें आग लगा हो रहा जिंदगी से खिलवाड़
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रोजाना 5 लाख 32 हजार डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन पर खर्च करने और 1200 कर्मचारियों की फौज अलग से होने के बावजूद टिवन सिटी से कूड़े का निदान नहीं हो रहा। एक के बाद एक शिकायत और खुद पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज द्वारा डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन को महाघोटाला कहने के बावजूद सुधार होने का नाम नहीं ले रहा। हालात यह हैं कि ट्विन सिटी में कूड़े का निदान आग लगाकर किया जा रहा है। इसी कारण जनता की सांसों पर संकट बरकरार है। अब इस मामले में जिला बार एसो. के 15 वकीलों ने यूटीलिटी कोर्ट में याचिका दायर की है।
नगर निगम गेट के बाहर और परिषद कार्यालय के भीतर ही जलता है कूड़ा
हालात यह हैं कि अंबाला शहर में नगर निगम कार्यालय के बाहर और छावनी में नगर परिषद कार्यालय के भीतर ही कूड़े में आग लगाकर उसका निस्तारण किया जाता है। इसके बावजूद अधिकारियों ने मामले में आज तक कोई कार्रवाई नहीं की।
यह याचिका
दायर याचिका मेें कूड़े से निकलने वाले धुएं को इंसानी जिंदगी के लिए बेहद खतरनाक करार दिया गया है। जिला बार एसोसिएशन से जुड़े 15 वकीलों ने मामले को लेकर याचिका दायर की है। याचिका में जलते कूड़े की कई तस्वीरें भी कोर्ट के सामने रखी गई हैं। शुरूआती सुनवाई के बाद ही कोर्ट ने इस मामले में डीसी को नोटिस जारी किया है। हरियाणा राज्य प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के साथ अंबाला सिटी के नगर निगम कमिश्नर तथा नगर परिषद के अधिकारियों को भी मामले में नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है।
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कूड़े के धुएं से होती हैं 22 खतरनाक बीमारियां
पब्लिक यूटीलिटी कोर्ट में दाखिल याचिका में वकीलों ने बताया कि जलते कूड़े से 22 खतरनाक बीमारियां होती हैं। हवा में फैलने वाले इस धुएं से लंग्स कैंसर, अस्थमा, दिल की बीमारी, ब्रेन, किडनी, नर्वस सिस्टम कमजोर होने के साथ शरीर के दूसरे अंगों को नुकसान होने की बात कही गई। याचिका में यूएस हेल्थ सर्विस के साथ एक सर्वे रिपोर्ट के हवाले से ये बात कोर्ट को बताई गई। याचिका में यह भी कहा गया कि वायु प्रदूषण की वजह से एयर क्वालिटी इंडेक्स की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। अब यह स्थिति बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है।
निगम और नप कर्मचारी जिम्मेदार
कूड़े को लगातार लगाई जा रही आग के लिए याचिका में नगर निगम व नगर परिषद सदर के कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराया गया। यह कहा गया कि कर्मचारी ही कूड़े को आग लगा रहे हैं इस कारण पूरा पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि निगम व नप कर्मचारी घरों व दूसरी जगहों से कूड़ा जमा कर सार्वजनिक स्थलों पर डाल देते हैं। इसके बाद कूड़े को वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में पहुंचाने के बजाय उसमें आग लगा देते हैं। फिर इस कूड़े से कार्बन मोनोओक्साइड, मिथेन, नोइट्रोजन ओक्साइड, सल्फर डाइओक्साइड, कारसिनोजेनिक, हाइड्रो कार्बन जैसी खतरनाक गैस निकलती हैं।
प्रबंधन में नाकाम हो रहे अधिकारी
याचिका में साफ कहा गया कि डीसी व हरियाणा राज्य प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अधिकारी जलाए जा रहे कूड़े को रोकने में पूरी तरह नाकाम हो रहे हैं। इसी वजह से रोज कूड़े को आग लगाई जा रही है। इसकी वजह से सुप्रीम कोर्ट व एनजीटी के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। नगर निगम व नगर परिषद के अधिकारी लोगों से भारी भरकम टैक्स वसूलने के बावजूद उन्हें स्वच्छ वातावरण उपलब्ध करवाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहे हैं।
इन वकीलों ने दायर की याचिका
ट्विन सिटी में सरेआम जलाए जा कूड़े को लेकर 15 वकीलों ने पब्लिक यूटीलिटी कोर्ट में याचिका दायर की है। इनमें डिस्ट्रिक बार एसोसिएशन के प्रेजिडेंट एडवोकेट रोहित जैन, एडवोकेट नरेंद्र सिंह सांगवान, राजेश शर्मा, इंद्रजीत सिंह गिल, सुधीर सहगल, खुशी राम सैनी, विजय धीमान, धनंजय धर, धर्मचंद्र भट्टी, जसविंद्र सिंह, जब्बर चौधरी, शुभम अग्रवाल, मोहित जैन महेश्वरी, नेहा व नारायण सैनी भी शामिल हैं।
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नगर निगम गेट के बाहर और परिषद कार्यालय के भीतर ही जलता है कूड़ा
हालात यह हैं कि अंबाला शहर में नगर निगम कार्यालय के बाहर और छावनी में नगर परिषद कार्यालय के भीतर ही कूड़े में आग लगाकर उसका निस्तारण किया जाता है। इसके बावजूद अधिकारियों ने मामले में आज तक कोई कार्रवाई नहीं की।
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यह याचिका
दायर याचिका मेें कूड़े से निकलने वाले धुएं को इंसानी जिंदगी के लिए बेहद खतरनाक करार दिया गया है। जिला बार एसोसिएशन से जुड़े 15 वकीलों ने मामले को लेकर याचिका दायर की है। याचिका में जलते कूड़े की कई तस्वीरें भी कोर्ट के सामने रखी गई हैं। शुरूआती सुनवाई के बाद ही कोर्ट ने इस मामले में डीसी को नोटिस जारी किया है। हरियाणा राज्य प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के साथ अंबाला सिटी के नगर निगम कमिश्नर तथा नगर परिषद के अधिकारियों को भी मामले में नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है।
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कूड़े के धुएं से होती हैं 22 खतरनाक बीमारियां
पब्लिक यूटीलिटी कोर्ट में दाखिल याचिका में वकीलों ने बताया कि जलते कूड़े से 22 खतरनाक बीमारियां होती हैं। हवा में फैलने वाले इस धुएं से लंग्स कैंसर, अस्थमा, दिल की बीमारी, ब्रेन, किडनी, नर्वस सिस्टम कमजोर होने के साथ शरीर के दूसरे अंगों को नुकसान होने की बात कही गई। याचिका में यूएस हेल्थ सर्विस के साथ एक सर्वे रिपोर्ट के हवाले से ये बात कोर्ट को बताई गई। याचिका में यह भी कहा गया कि वायु प्रदूषण की वजह से एयर क्वालिटी इंडेक्स की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। अब यह स्थिति बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है।
निगम और नप कर्मचारी जिम्मेदार
कूड़े को लगातार लगाई जा रही आग के लिए याचिका में नगर निगम व नगर परिषद सदर के कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराया गया। यह कहा गया कि कर्मचारी ही कूड़े को आग लगा रहे हैं इस कारण पूरा पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि निगम व नप कर्मचारी घरों व दूसरी जगहों से कूड़ा जमा कर सार्वजनिक स्थलों पर डाल देते हैं। इसके बाद कूड़े को वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में पहुंचाने के बजाय उसमें आग लगा देते हैं। फिर इस कूड़े से कार्बन मोनोओक्साइड, मिथेन, नोइट्रोजन ओक्साइड, सल्फर डाइओक्साइड, कारसिनोजेनिक, हाइड्रो कार्बन जैसी खतरनाक गैस निकलती हैं।
प्रबंधन में नाकाम हो रहे अधिकारी
याचिका में साफ कहा गया कि डीसी व हरियाणा राज्य प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अधिकारी जलाए जा रहे कूड़े को रोकने में पूरी तरह नाकाम हो रहे हैं। इसी वजह से रोज कूड़े को आग लगाई जा रही है। इसकी वजह से सुप्रीम कोर्ट व एनजीटी के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। नगर निगम व नगर परिषद के अधिकारी लोगों से भारी भरकम टैक्स वसूलने के बावजूद उन्हें स्वच्छ वातावरण उपलब्ध करवाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहे हैं।
इन वकीलों ने दायर की याचिका
ट्विन सिटी में सरेआम जलाए जा कूड़े को लेकर 15 वकीलों ने पब्लिक यूटीलिटी कोर्ट में याचिका दायर की है। इनमें डिस्ट्रिक बार एसोसिएशन के प्रेजिडेंट एडवोकेट रोहित जैन, एडवोकेट नरेंद्र सिंह सांगवान, राजेश शर्मा, इंद्रजीत सिंह गिल, सुधीर सहगल, खुशी राम सैनी, विजय धीमान, धनंजय धर, धर्मचंद्र भट्टी, जसविंद्र सिंह, जब्बर चौधरी, शुभम अग्रवाल, मोहित जैन महेश्वरी, नेहा व नारायण सैनी भी शामिल हैं।