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Ambala News: गृहकार्य में रटने के बजाय अनुभव से सीख रहे नौनिहाल
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अंबाला छावनी में शीतकालीन छुट्टियों के दौरान घर पर सीख रहे बच्चे। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। शीतकालीन अवकाश के दौरान मिले गृहकार्य में बच्चे निपुण हो रहे हैं। यह कार्य बालवाटिका-3 के विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रभावी पहल है जोकि कारगर सिद्ध हो रही है।
इस पहल से बच्चे पारंपरिक रटने की पद्धति को छोड़कर अब अनुभव आधारित और रचनात्मक शिक्षण के तहत निपुणता हासिल कर रहे हैं। बच्चों के इस सर्वांगीण विकास में अध्यापकों सहित अभिभावक भी पूर्ण सहयोग दे रहे हैं। शिक्षा विभाग ने इस बार अभिभावकों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बनाया है। शिक्षक प्रतिदिन व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से गृहकार्य की गतिविधियां साझा कर रहे हैं और अभिभावक बच्चों के साथ मिलकर इन गतिविधियों को पूरा कर रहे हैं।
इसके अलावा उनकी फोटो या वीडियो भी शिक्षकों के ग्रुप में साझा कर रहे हैं। इन्हें देखकर शिक्षक बच्चों को उत्साहित करने के लिए सकारात्मक टिप्पणियां भेजकर उनका उत्साहवर्धन कर रहे हैं। गृहकार्य को 15 दिनों की गतिविधियों में विभाजित किया गया है, इसके 100 अंक निर्धारित हैं। मुख्य गतिविधियों में आस-पास के पेड़ों से 5 अलग-अलग पत्तियां इकट्ठी कर उनकी छाप कॉपी में बनाना।
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चुंबक के साथ खेल और यह देखना कि पानी में कौन सी चीजें (नमक, चीनी, हल्दी) घुलती हैं और कौन सी नहीं। घर में गोलाकार, त्रिकोणीय और चौकोर आकृतियों की खोज करना और दरवाजों-खिड़कियों की गिनती करना। फिंगर पेंटिंग से चित्र बनाना, माचिस की तीलियों से आकृतियां उकेरना और परिवार के सदस्यों की नकल करना।
सर्दी के कपड़ों (स्वेटर, मफलर) के बारे में जानना और सड़क, पानी व आसमान में चलने वाले वाहनों की पहचान करना गतिविधियां इनमें शामिल हैं।
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अंबाला। शीतकालीन अवकाश के दौरान मिले गृहकार्य में बच्चे निपुण हो रहे हैं। यह कार्य बालवाटिका-3 के विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रभावी पहल है जोकि कारगर सिद्ध हो रही है।
इस पहल से बच्चे पारंपरिक रटने की पद्धति को छोड़कर अब अनुभव आधारित और रचनात्मक शिक्षण के तहत निपुणता हासिल कर रहे हैं। बच्चों के इस सर्वांगीण विकास में अध्यापकों सहित अभिभावक भी पूर्ण सहयोग दे रहे हैं। शिक्षा विभाग ने इस बार अभिभावकों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बनाया है। शिक्षक प्रतिदिन व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से गृहकार्य की गतिविधियां साझा कर रहे हैं और अभिभावक बच्चों के साथ मिलकर इन गतिविधियों को पूरा कर रहे हैं।
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इसके अलावा उनकी फोटो या वीडियो भी शिक्षकों के ग्रुप में साझा कर रहे हैं। इन्हें देखकर शिक्षक बच्चों को उत्साहित करने के लिए सकारात्मक टिप्पणियां भेजकर उनका उत्साहवर्धन कर रहे हैं। गृहकार्य को 15 दिनों की गतिविधियों में विभाजित किया गया है, इसके 100 अंक निर्धारित हैं। मुख्य गतिविधियों में आस-पास के पेड़ों से 5 अलग-अलग पत्तियां इकट्ठी कर उनकी छाप कॉपी में बनाना।
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चुंबक के साथ खेल और यह देखना कि पानी में कौन सी चीजें (नमक, चीनी, हल्दी) घुलती हैं और कौन सी नहीं। घर में गोलाकार, त्रिकोणीय और चौकोर आकृतियों की खोज करना और दरवाजों-खिड़कियों की गिनती करना। फिंगर पेंटिंग से चित्र बनाना, माचिस की तीलियों से आकृतियां उकेरना और परिवार के सदस्यों की नकल करना।
सर्दी के कपड़ों (स्वेटर, मफलर) के बारे में जानना और सड़क, पानी व आसमान में चलने वाले वाहनों की पहचान करना गतिविधियां इनमें शामिल हैं।