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अब बच्चों की फीस भरने की टीस
अमर उजाला ब्यूरो/अंबाला सिटी
Updated Tue, 22 Nov 2016 12:41 AM IST
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अंबाला कैंट/सिटी। नोटबंदी के बाद अब स्कूल भी थोड़ा सतर्क व तैयार हो गए हैं। फीस नए नोटों में या फिर सौ रुपये या इससे छोटी करेंसी में ही लेने की तैयारी है। जिन स्कूलों की फीस ऑनलाइन जमा होती है, उनके लिए कोई दिक्कत नहीं है। दूसरी ओर शिक्षा विभाग का दावा है कि फीस भरने की तिथि तक स्थिति तक सुधर जाएगी, जबकि अभी तक स्कूलों के लिए कोई निर्देश नहीं आए हैं। उधर, बहुत से स्कूलों ने इस महीने की बच्चों की फीस ही स्कूलों में नहीं जमा की है। अधिकतर स्कूलों ने अपने बैंक खाते परिजनों को दे दिए हैं और सीधे बैंक जाकर उसमें जमा करवाने को कहा है। इसी के चलते काफी संख्या में अभिभावक बच्चों की फीसें जमा करवाने के लिए विभिन्न बैंकों में धक्के खा रहे हैं।
ऐसे आ सकती है परेशानी
जिला अंबाला में लगभग चार सौ निजी स्कूल हैं। इनमें से कुछ में ही फीस ऑनलाइन ली जाती है, जबकि अन्य में यह फीस कैश ली जाती है। अभी तक बैंकों में स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है, जबकि नकद निकासी की सीलिंग है, तो कैश बदलवाने के लिए भी सख्ती कर दी गई है। दूसरी ओर पांच सौ रुपये का नोट एटीएम व बैंक से मिल रहा है, लेकिन यह पूरी तरह से सर्कुलेट नहीं हो पाया है। ऐसे में उन अभिभावकों के सामने दिक्कत है।
यह कहते हैं अभिभावक
प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों में राजू, किशन कुमार, बबलू, रमन गुप्ता, मलकीत सिंह, सतिंदर सिंह, काका सिंह का कहना है कि न तो एटीएम कार्ड ही लिया है और न ही चेकबुक है। रोजाना कामकाज छोड़कर बैंक या एटीएम की लाइन में लग नहीं सकते। नोट बदलवाने के लिए भी परेशानी है, जबकि नकद निकासी के लिए खाताधारक को खुद ही मौजूद होना होगा, लेकिन यहां पर भी तय राशि पूरी मात्रा में नहीं मिलती। अब घर के राशन व अन्य खर्चों के लिए नकद राशि कैसे इकट्ठा करें और फीस व ट्यूशन के लिए कैसे नई करेंसी व छोटी करेंसी इकठ्ठा करें, कुछ समझ नहीं आ रहा है।
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एटीएम पर अभी भी लग रही हैं लाइनें
कैश निकलवाने के लिए अभी भी लोग एटीएम की लाइनों में लगे हैं। इनमें कैश तो भरा जा रहा है, लेकिन साथ ही यह जल्द खत्म भी हो रहा है। हालांकि कुछ एटीएम से पांच सौ रुपये का नोट भी निकल रहा है, लेकिन इसके बावजूद स्थिति पूरी तरह से सामान्य नहीं हो पाई है। कैंट के निकलसन रोड स्थित एसबीआई एचडीएफसी बैंक के बाहर एटीएम से नगद निकासी के लिए लाइनें लगी रहती हैं और काफी देर तक इंतजार के बाद ही नंबर आ रहा है। ग्रामीण इलाकों के एटीएम पर या तो कैश जल्दी खत्म हो रहा है या फिर आउट आफ सर्विस का बोर्ड टांगा हुआ है।
बैंक जबरन थमा रहे दस, पांच के सिक्के
पहले नोट बदलवाने, कैश जमा करवाने व एटीएम पर लाइनों ने उपभोक्ताओं को परेशान किए रखा, लेकिन अब बैंक अपने ग्राहकों को दस-दस रुपये के सिक्के थमा रहे हैं। दुकानदारों में प्रवीण मित्तल, अरुण बंसल, भूषण अग्रवाल, ललित कुमार, नरेश कुमार का कहना है कि बैंक से रुपये निकलवाने के लिए गए तो वहां दस-दस रुपये के सिक्के थमा दिए। अब इन सिक्कों की जगह जब नोट मांगते हैं, तो बैंक कर्मी सीधे कैश न होने की बात कहते हैं।
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बैंक मैनेजर व उपभोक्ता के बीच बहसबाजी
सोमवार को सेंट्रल बैंक आफ इंडिया में बैंक मैनेजर व उपभोक्ता के बीच जमकर बहसबाजी हुई। हुआ यूं कि दोपहर को बैंक में लंच टाइम हुआ था, जबकि मैनेजर लंच ले रहे थे। इस दौरान एक उपभोक्ता ने मैनेजर के केबिन को खटखटाया। बैंक मैनेजर ने भी लंच टाइम की बात कही, लेकिन उपभोक्ता ने बहसबाजी शुरू कर दी। इसके बाद अन्य बैंक कर्मी भी आ गए, जबकि पुलिस को फोन किया। इस दौरान काफी देर तक हंगामा होता रहा। लेकिन बाद में अन्य लोगों ने दोनों पक्षों का समझौता करवाकर मामला शांत करवाया।
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आप का डीसी कार्यालय पर प्रदर्शन
आम आदमी पार्टी ने सोमवार को डीसी कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। इस मौके पर कुशल कटोच, देवेंद्र सिंह, राहुल वालिया, विश्व अग्रवाल, कृष्ण खन्ना, कृष्ण कुमार ओझा, हरीश शर्मा, मीनाक्षी शर्मा, श्याम सुंदर, पवन आमली, सुधीर राणा, अमरनाथ ढींगरा, कुलदीप अग्रवाल, ओमप्रकाश, जोगिंद्रो देवी, अनीश छिब्बर, पवन, जतीन सूरी, राकेश मल्होत्रा, दीपक कल्याण, रितिक ने कहा कि इस समय करेंसी की वजह से आम जनता को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को पुरानी करेंसी को बदलने में परेशानी आ रही है। लोगों के पास न तो छोटे नोट हैं और जिन पर 2000 रुपये के नोट हैं उनको उसके छुट्टे नोट नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि सरकार को जल्द से जल्द छोटे नोटों का प्रबंध करवाना चाहिए।
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नहीं मिला कैश, मंत्री दरबार में दी शिकायत
गांव बरसूमाजरा का रहने वाला देवेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी शादी 23 नवंबर की है। उनका खाता पीएनबी शाखा में है और रुपयों के लिए वह कई बार चक्कर काट चुका है। बैंक में शादी का कार्ड दिखाने के बावजूद अपने खाते से पैसे नहीं निकाल सका। बैंक अधिकारियों ने एक सप्ताह में मात्र 24 हजार रुपये देने की बात कही। इस पर वह राज्य मंत्री नायब सैनी के दरबार में पहुंचा, जिस पर उन्होंने बैंक मैनेजर से बात कर आश्वासन दिया।
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सरकारी स्कूलों में तो ऐसी कोई दिक्कत नहीं आई है। प्राइवेट स्कूलों की व्यवस्थाएं संचालक ही देखेंगे। उम्मीद है कि अगले महीने के शुरुआती दिनों तक स्थिति संभल जाएगी। इसके अलावा स्कूलों में पुरानी करेंसी को लेकर कोई निर्देश नहीं आए हैं। यदि कोई निर्देश आते हैं तो इनको स्कूलों में सर्कुलेट करवाया जाएगा।
- उमा शर्मा, डीईओ अंबाला
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ऐसे आ सकती है परेशानी
जिला अंबाला में लगभग चार सौ निजी स्कूल हैं। इनमें से कुछ में ही फीस ऑनलाइन ली जाती है, जबकि अन्य में यह फीस कैश ली जाती है। अभी तक बैंकों में स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है, जबकि नकद निकासी की सीलिंग है, तो कैश बदलवाने के लिए भी सख्ती कर दी गई है। दूसरी ओर पांच सौ रुपये का नोट एटीएम व बैंक से मिल रहा है, लेकिन यह पूरी तरह से सर्कुलेट नहीं हो पाया है। ऐसे में उन अभिभावकों के सामने दिक्कत है।
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यह कहते हैं अभिभावक
प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों में राजू, किशन कुमार, बबलू, रमन गुप्ता, मलकीत सिंह, सतिंदर सिंह, काका सिंह का कहना है कि न तो एटीएम कार्ड ही लिया है और न ही चेकबुक है। रोजाना कामकाज छोड़कर बैंक या एटीएम की लाइन में लग नहीं सकते। नोट बदलवाने के लिए भी परेशानी है, जबकि नकद निकासी के लिए खाताधारक को खुद ही मौजूद होना होगा, लेकिन यहां पर भी तय राशि पूरी मात्रा में नहीं मिलती। अब घर के राशन व अन्य खर्चों के लिए नकद राशि कैसे इकट्ठा करें और फीस व ट्यूशन के लिए कैसे नई करेंसी व छोटी करेंसी इकठ्ठा करें, कुछ समझ नहीं आ रहा है।
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एटीएम पर अभी भी लग रही हैं लाइनें
कैश निकलवाने के लिए अभी भी लोग एटीएम की लाइनों में लगे हैं। इनमें कैश तो भरा जा रहा है, लेकिन साथ ही यह जल्द खत्म भी हो रहा है। हालांकि कुछ एटीएम से पांच सौ रुपये का नोट भी निकल रहा है, लेकिन इसके बावजूद स्थिति पूरी तरह से सामान्य नहीं हो पाई है। कैंट के निकलसन रोड स्थित एसबीआई एचडीएफसी बैंक के बाहर एटीएम से नगद निकासी के लिए लाइनें लगी रहती हैं और काफी देर तक इंतजार के बाद ही नंबर आ रहा है। ग्रामीण इलाकों के एटीएम पर या तो कैश जल्दी खत्म हो रहा है या फिर आउट आफ सर्विस का बोर्ड टांगा हुआ है।
बैंक जबरन थमा रहे दस, पांच के सिक्के
पहले नोट बदलवाने, कैश जमा करवाने व एटीएम पर लाइनों ने उपभोक्ताओं को परेशान किए रखा, लेकिन अब बैंक अपने ग्राहकों को दस-दस रुपये के सिक्के थमा रहे हैं। दुकानदारों में प्रवीण मित्तल, अरुण बंसल, भूषण अग्रवाल, ललित कुमार, नरेश कुमार का कहना है कि बैंक से रुपये निकलवाने के लिए गए तो वहां दस-दस रुपये के सिक्के थमा दिए। अब इन सिक्कों की जगह जब नोट मांगते हैं, तो बैंक कर्मी सीधे कैश न होने की बात कहते हैं।
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बैंक मैनेजर व उपभोक्ता के बीच बहसबाजी
सोमवार को सेंट्रल बैंक आफ इंडिया में बैंक मैनेजर व उपभोक्ता के बीच जमकर बहसबाजी हुई। हुआ यूं कि दोपहर को बैंक में लंच टाइम हुआ था, जबकि मैनेजर लंच ले रहे थे। इस दौरान एक उपभोक्ता ने मैनेजर के केबिन को खटखटाया। बैंक मैनेजर ने भी लंच टाइम की बात कही, लेकिन उपभोक्ता ने बहसबाजी शुरू कर दी। इसके बाद अन्य बैंक कर्मी भी आ गए, जबकि पुलिस को फोन किया। इस दौरान काफी देर तक हंगामा होता रहा। लेकिन बाद में अन्य लोगों ने दोनों पक्षों का समझौता करवाकर मामला शांत करवाया।
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आप का डीसी कार्यालय पर प्रदर्शन
आम आदमी पार्टी ने सोमवार को डीसी कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। इस मौके पर कुशल कटोच, देवेंद्र सिंह, राहुल वालिया, विश्व अग्रवाल, कृष्ण खन्ना, कृष्ण कुमार ओझा, हरीश शर्मा, मीनाक्षी शर्मा, श्याम सुंदर, पवन आमली, सुधीर राणा, अमरनाथ ढींगरा, कुलदीप अग्रवाल, ओमप्रकाश, जोगिंद्रो देवी, अनीश छिब्बर, पवन, जतीन सूरी, राकेश मल्होत्रा, दीपक कल्याण, रितिक ने कहा कि इस समय करेंसी की वजह से आम जनता को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को पुरानी करेंसी को बदलने में परेशानी आ रही है। लोगों के पास न तो छोटे नोट हैं और जिन पर 2000 रुपये के नोट हैं उनको उसके छुट्टे नोट नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि सरकार को जल्द से जल्द छोटे नोटों का प्रबंध करवाना चाहिए।
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नहीं मिला कैश, मंत्री दरबार में दी शिकायत
गांव बरसूमाजरा का रहने वाला देवेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी शादी 23 नवंबर की है। उनका खाता पीएनबी शाखा में है और रुपयों के लिए वह कई बार चक्कर काट चुका है। बैंक में शादी का कार्ड दिखाने के बावजूद अपने खाते से पैसे नहीं निकाल सका। बैंक अधिकारियों ने एक सप्ताह में मात्र 24 हजार रुपये देने की बात कही। इस पर वह राज्य मंत्री नायब सैनी के दरबार में पहुंचा, जिस पर उन्होंने बैंक मैनेजर से बात कर आश्वासन दिया।
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सरकारी स्कूलों में तो ऐसी कोई दिक्कत नहीं आई है। प्राइवेट स्कूलों की व्यवस्थाएं संचालक ही देखेंगे। उम्मीद है कि अगले महीने के शुरुआती दिनों तक स्थिति संभल जाएगी। इसके अलावा स्कूलों में पुरानी करेंसी को लेकर कोई निर्देश नहीं आए हैं। यदि कोई निर्देश आते हैं तो इनको स्कूलों में सर्कुलेट करवाया जाएगा।
- उमा शर्मा, डीईओ अंबाला