यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर देशभर में निजीकरण के खिलाफ धरने प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मंगलवार शाम को करीब साढ़े 5.30 बजे छावनी में भी प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में सभी पब्लिक सेक्टर बैंकों के कर्मचारियों और अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान उन्होंने पंजाब एंड सिंध बैंक के सामने नारेबाजी की। प्रदर्शन में सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। इस प्रदर्शन में बैंकों की सात यूनियनों ने भाग लिया। इससे पहले चार दिसंबर को भी यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर चंडीगढ़ में एक दिन का धरना-प्रदर्शन किया गया था।
यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया कि यदि सरकार द्वारा सरकारी बैंकों का निजीकरण किया गया तो देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान होगा। इस कारण देश में गरीबी बढ़ेगी और नौकरियों के अवसर समाप्त होंगे। भारत आर्थिक रूप से पिछड़ जाएगा। देश के लोग संवैधानिक संस्थाओं में आस्था व्यक्त नहीं कर पाएंगे। अगर सरकार ने इस फैसले को निरस्त नहीं किया तो देशभर के दस लाख बैंक कर्मचारी और अधिकारी 16 व 17 दिसंबर को दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल करेंगे। यदि अनिश्चितकालीन हड़ताल पर भी जाना पड़ा तो इसके लिए भी तैयार हैं। इस मौके पर आरके गुलाटी, पीसी चौहान, जीएस ओबराय, अनिल ग्रोवर, अनिल शर्मा, विनोद कश्यप, जितेंद्र मल्होत्रा, पंकज जैन, पंकज रोहिला, मनजोत सिंह, ओपी शर्मा आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।